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सेहत का हवाला देकर जमानत मांग रहे आसाराम, सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से मांगी विस्तृत रिपोर्टभारत
22 जुल॰ 2026, 12:58 am (53 दिन पहले)· 0

सेहत का हवाला देकर जमानत मांग रहे आसाराम, सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की सेहत के आधार पर दाखिल अंतरिम जमानत याचिका पर एम्स से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी है, जबकि राजस्थान सरकार ने इस जमानत का विरोध किया है।

राजस्थान की जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की सेहत बिगड़ने का हवाला देकर दाखिल अंतरिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने अब इस मामले में एम्स से आसाराम की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तलब की है, ताकि जमानत पर आगे कोई फैसला लिया जा सके।

एम्स की रिपोर्ट पर टिकी नजरें

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया था कि वह आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट का बारीकी से परीक्षण करे और अदालत को बताए कि क्या उनकी सेहत इतनी नाजुक है कि उन्हें कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए। कोर्ट का मकसद यह जानना था कि क्या मौजूदा हालात में आसाराम को स्थायी राहत की बजाय कुछ समय के लिए ही जेल से बाहर भेजा जाना ठीक रहेगा। हालांकि राज्य सरकार ने इस अंतरिम जमानत याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए अपना पक्ष अदालत के सामने रखा।

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सॉलिसिटर जनरल का दावा, तीन महीने पहले अयोध्या-काशी की यात्रा

राजस्थान सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत के सामने दावा किया कि आसाराम की सेहत फिलहाल ठीक-ठाक है। उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर गए थे और वहां उन्होंने पैदल घूमकर दर्शन भी किए थे। मेहता के मुताबिक आसाराम को पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कत के चलते रक्तस्राव की शिकायत जरूर है, लेकिन यह समस्या फिलहाल अस्थायी नजर आ रही है और इसका इलाज लगातार चल रहा है। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि राज्य सरकार संबंधित अफसरों से ताजा निर्देश लेकर जल्द ही अपना विस्तृत पक्ष कोर्ट के सामने रखेगी।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी, वकील ने बताया हाई रिस्क

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा था, "यदि उनकी हालत इतनी गंभीर नहीं है तो बात अलग है लेकिन यदि स्थिति गंभीर हुई तो हम नहीं चाहते कि बाद में किसी पर आरोप लगे।" वहीं आसाराम की तरफ से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल की सेहत गंभीर बनी हुई है और उन पर अब भी हाई रिस्क बरकरार है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वह पहले राज्य सरकार की मेडिकल रिपोर्ट पर आधारित राय का इंतजार करेगा। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि अगर सेहत वाकई गंभीर पाई जाती है, तो सिर्फ इलाज के मकसद से सीमित अवधि की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है।

2018 से जेल में हैं आसाराम, जानें पूरा मामला

गौरतलब है कि जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने साल 2018 में आसाराम को अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने बाद में इस सजा पर मुहर लगा दी थी और आसाराम की अपील खारिज कर दी थी। इतना ही नहीं, आसाराम गुजरात में अपनी एक महिला शिष्या के यौन उत्पीड़न के एक अलग मामले में भी उम्रकैद की सजा भुगत रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद तक आसाराम अंतरिम मेडिकल जमानत पर बाहर थे, इसी दौरान उन्होंने 28 मई को जोधपुर की सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण कर दिया था। अब उन्हीं की सेहत के आधार पर दाखिल नई अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की नजर एम्स की रिपोर्ट पर टिकी है।

सवाल-जवाब

आसाराम को उम्रकैद की सजा कब और किस मामले में हुई थी?
जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने साल 2018 में आसाराम को अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने ताजा सुनवाई में क्या मांगा है?
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला लेने के लिए एम्स से उनकी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।
राजस्थान सरकार का इस जमानत याचिका पर क्या रुख है?
राजस्थान सरकार ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका का विरोध किया है, हालांकि सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि वे फिलहाल स्वस्थ हैं।
आसाराम को कौन सी स्वास्थ्य समस्या बताई गई है?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के मुताबिक आसाराम को पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कत के चलते रक्तस्राव की शिकायत है, जो फिलहाल अस्थायी बताई गई है और जिसका इलाज चल रहा है।
आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल कब वापस पहुंचे थे?
राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के बाद अंतरिम मेडिकल जमानत पर बाहर चल रहे आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण कर दिया था।
क्या आसाराम किसी और मामले में भी सजा काट रहे हैं?
हां, वे गुजरात में अपनी एक महिला शिष्या के यौन उत्पीड़न के मामले में भी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
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