अजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंतुला राशिफल 1 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें, वित्तीय और कार्यक्षेत्र के फैसलों में रखें सजगताकन्या राशिफल 1 अक्टूबर 2026: आत्मविश्वास से बनेंगे काम, रिश्तों में संवाद और आराम पर दें ध्यानबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकानवजात को दूध पिलाने में थोड़ी सी लापरवाही भी बन सकती है जानलेवा, बाल रोग विशेषज्ञ ने बताए जरूरी नियमअमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को देश छोड़ने का दिया आदेश, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों में हलचलअमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट अटकने से डिजिटल एसेट बाजार को मिली नई ऊर्जा, मैट हॉगन ने गिनाए फायदेराजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अंतिम चरण में, जानिए कब से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभजिमीकंद और सूरन काटने पर नहीं होगी हाथों में खुजली, शेफ रणवीर बरार ने बताए पकाने के आसान नुस्खे
शिक्षक दिवस समारोह में सलाहकार केखरीलहौली येहोमे का दावा, नागालैंड बना देश का तीसरा सबसे साक्षर राज्यनागालैंड
5 सित॰ 2026, 4:34 pm (26 दिन पहले)· 3

शिक्षक दिवस समारोह में सलाहकार केखरीलहौली येहोमे का दावा, नागालैंड बना देश का तीसरा सबसे साक्षर राज्य

नागालैंड की साक्षरता दर बढ़कर 95.7 प्रतिशत हो गई है, जिससे राज्य देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। शिक्षक दिवस पर राज्य के शिक्षा सलाहकार ने इसका श्रेय दशकों से जुटे शिक्षकों को दिया।

नागालैंड अब देश का तीसरा सबसे साक्षर राज्य बन गया है और राज्य की साक्षरता दर 95.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह जानकारी शिक्षा एवं एससीईआरटी सलाहकार डॉ. केखरीलहौली येहोमे ने शनिवार को कोहिमा के लोकल ग्राउंड में आयोजित राज्य-स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में दी।

राज्य बनने के बाद जबरदस्त बदलाव

येहोमे ने बताया कि 1963 में जब नागालैंड को राज्य का दर्जा मिला था, तब यहां की साक्षरता दर महज 21.95 प्रतिशत थी, जो उस समय इसे देश के सबसे कम साक्षर इलाकों में शामिल करती थी। छह दशक से ज्यादा वक्त बीतने के बाद अब राज्य की साक्षरता दर 95.7 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जिससे यह देश में केरल और मिजोरम के बाद तीसरे स्थान पर आ गया है। उन्होंने इसे एक अपेक्षाकृत युवा समाज के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि यह शिक्षकों की लगातार कई पीढ़ियों की मेहनत के बिना संभव नहीं होता।

ये भी पढ़ें

शिक्षकों को दिया श्रेय

येहोमे ने शिक्षकों का आभार जताया कि उन्होंने छात्रों की ज़िंदगी संवारने के साथ-साथ ऐसे मूल्य और सीख दी जो स्कूली जीवन के बाद भी उनके साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि नागालैंड में फिलहाल सरकारी और निजी स्कूलों में कुल 32,714 शिक्षक कार्यरत हैं, और कहा कि राज्य की मुश्किल भौगोलिक बनावट और चुनौतीपूर्ण कामकाजी हालात को देखते हुए उनका योगदान खासतौर पर उल्लेखनीय है। शिक्षण को सबसे नेक पेशों में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक अक्सर अपने छात्रों के प्रति वही स्नेह, चिंता और प्रतिबद्धता दिखाते हैं जो वे अपने बच्चों के लिए दिखाते हैं।

आगे की राह के लिए तीन प्राथमिकताएं

येहोमे ने बताया कि राज्य सरकार अब समूची स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए तीन मुख्य क्षेत्रों, इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और पाठ्यक्रम पर काम कर रही है। उन्होंने माना कि नागालैंड के सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों में अब भी बुनियादी ढांचे की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। कुछ स्कूलों में तो शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं, जिससे खासकर छात्राओं को दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि सरकार अलग-अलग विकास परियोजनाओं के जरिए इन कमियों को धीरे-धीरे दूर करने की योजना बना रही है।

शिक्षकों के प्रशिक्षण और बेहतर प्रबंधन पर जोर

येहोमे के मुताबिक दूसरा फोकस क्षेत्र मानव संसाधन को मजबूत करना होगा, जिसके तहत शिक्षकों का बेहतर प्रशिक्षण, कर्मचारियों का बेहतर प्रबंधन और स्कूलों तथा फील्ड दफ्तरों के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार प्रशासन और गवर्नेंस को भी बेहतर बनाने की योजना बना रही है, और एक मजबूत स्कूल फीडर सिस्टम के जरिए छात्रों के लिए शिक्षा को और व्यक्तिगत बनाने पर भी काम करेगी।

अगली पीढ़ी के लिए नया पाठ्यक्रम

तीसरा और, येहोमे के मुताबिक शायद सबसे अहम, पहलू पाठ्यक्रम को नए सिरे से तैयार करना और पढ़ाई के नए-नए तरीके अपनाना है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम एक विश्व स्तरीय शिक्षा व्यवस्था खड़ी की जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लगातार खुद को बदलते रहना होगा ताकि जेनरेशन ज़ेड, जेनरेशन अल्फा और आने वाली पीढ़ियों को तेज़ी से बदलती दुनिया के लिए तैयार किया जा सके, और छात्रों को 21वीं सदी में जरूरी कौशल सिखाने पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके।

सवाल-जवाब

नागालैंड की मौजूदा साक्षरता दर कितनी है?
नागालैंड की साक्षरता दर अब 95.7 प्रतिशत हो गई है।
साक्षरता के मामले में नागालैंड देश में किस स्थान पर है?
नागालैंड देश में तीसरे स्थान पर है, इससे आगे सिर्फ केरल और मिजोरम हैं।
राज्य बनने के समय नागालैंड की साक्षरता दर कितनी थी?
1963 में राज्य बनने के समय यह महज 21.95 प्रतिशत थी।
यह जानकारी किसने दी?
शिक्षा एवं एससीईआरटी सलाहकार डॉ. केखरीलहौली येहोमे ने कोहिमा में राज्य-स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में यह जानकारी दी।
नागालैंड के स्कूलों में कितने शिक्षक कार्यरत हैं?
नागालैंड में फिलहाल सरकारी और निजी स्कूलों में कुल 32,714 शिक्षक कार्यरत हैं।
सरकार शिक्षा में किन तीन क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है?
इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और पाठ्यक्रम पर।
नागालैंड के स्कूलों में अभी क्या दिक्कतें हैं?
कई स्कूलों में अब भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे खासकर छात्राओं को परेशानी होती है।
पाठ्यक्रम में बदलाव क्यों किया जा रहा है?
ताकि जेनरेशन ज़ेड, जेनरेशन अल्फा और आने वाली पीढ़ियों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करने वाली विश्व स्तरीय शिक्षा व्यवस्था बनाई जा सके।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp