भारतीय सैन्य बल देश को एक सूत्र में पिरोने और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने में सबसे आगे हैं। मेघालय की राजधानी शिलांग पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को इस बात पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों द्वारा विविधता को स्वीकार करना और उसमें महिलाओं की भागीदारी को लगातार बढ़ाना, समानता और मजबूत सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति भारत के अडिग संकल्प को प्रदर्शित करता है।
वायुसेना की पूर्वी कमान के मुख्यालय में एकत्रित सैन्य कर्मियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने सैन्य बलों के आंतरिक ऊंचे ढांचे की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्षा बल एक ऐसे अनुकरणीय संस्थान के रूप में काम करते हैं जहां देश के कोने-कोने से और विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले लोग एक समान लक्ष्य के लिए एकजुट होते हैं। इससे न केवल आपसी सम्मान की भावना बलवती होती है बल्कि देश सेवा का साझा संकल्प भी मजबूत होता है।
राष्ट्रीय एकता और विविधता का बेजोड़ उदाहरण
संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे रक्षा बल राष्ट्रीय एकता के सबसे बड़े और जीवंत प्रतीक हैं। वे एक ऐसी साझी संस्कृति को पेश करते हैं जहां अलग-अलग विचारों और विविधताओं का स्वागत किया जाता है, बुनियादी नैतिक मूल्यों की रक्षा होती है और सैनिकों के दिलों में एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना प्राकृतिक रूप से जन्म लेती है।
सैन्य बलों में बढ़ती महिला शक्ति और भारतीय मूल्य
सैन्य सेवाओं में महिलाओं की तेजी से बढ़ती भूमिका का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल व्यवस्था सुधार या प्रशासनिक प्रगति तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्षा बलों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी वास्तव में देश की गहरी और प्रगतिशील सांस्कृतिक सोच का आईना है।
राजनाथ सिंह ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह बदलाव इस बात का जीवंत प्रमाण है कि भारत दुनिया भर में अपने जिन महान सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, वे आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। यह स्पष्ट करता है कि हमारा समाज आधुनिकता के नए आयामों को सहर्ष स्वीकार कर रहा है, लेकिन साथ ही अपनी गौरवशाली संस्कृति के मूल सिद्धांतों को भी उतनी ही मजबूती से थामे हुए है।
उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बल देश की आम जनता के सामने हमेशा अनुशासन, समावेशिता और समर्पण का एक आदर्श उदाहरण पेश करते हैं। इससे न केवल देश के नागरिकों में सेना के प्रति भरोसा मजबूत होता है, बल्कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा की नींव भी सुरक्षित रहती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी और योग दिवस की तैयारी
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और वायुसेना की पूर्वी कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया समेत वायुसेना के कई अन्य शीर्ष अधिकारी भी उपस्थित रहे। रक्षा मंत्री का यह दौरा रविवार को भी जारी रहेगा, जब वे शिलांग में वायुसेना की इसी पूर्वी कमान के मुख्यालय में सैनिकों के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के विशेष आयोजन में हिस्सा लेंगे।



















