राजस्थान के कोटा जिले में अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां पुलिस से घिरने के बाद दो संदिग्धों ने अपनी जान बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। कोटा ग्रामीण क्षेत्र के मंडावरा इलाके में पुलिस बल ने वाहनों की जांच के लिए नाका लगाया हुआ था, जिसे देखकर दोनों आरोपी दहशत में आ गए। पुलिस गिरफ्त से बचने की हड़बड़ी में उन्होंने पास ही बह रही चंबल नदी में छलांग लगा दी। पानी का बहाव तेज होने और गहराई ज्यादा होने के कारण दोनों तैरकर बाहर नहीं निकल सके और उनकी पानी में डूबने से मौत हो गई। इस आकस्मिक घटना से स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तमाम वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए।
स्थानीय पुलिस महकमा इन दिनों क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। इसी सिलसिले में मंडावरा के पास एक्सप्रेसवे पर पुलिस दल ने चेकिंग प्वाइंट तैयार किया था। जब एक संदिग्ध कार वहां से निकलने वाली थी, तो उसमें सवार लोगों ने पुलिस को मुस्तैद देख लिया। कानून के शिकंजे में फंसने के डर से उन्होंने वाहन को रोककर तुरंत नदी की तरफ दौड़ लगा दी।
फोरेंसिक जांच और शवों की बरामदगी
घटना की जानकारी मिलते ही कोटा ग्रामीण पुलिस के उच्च अधिकारी फौरन मौके पर पहुंचे। हालात की नजाकत को भांपते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट के विशेषज्ञों को तुरंत बुलाया गया। इन टीमों ने घटनास्थल के चप्पे-चप्पे से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद गोताखोरों की मदद से दोनों तस्करों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
लावारिस कार से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद
घटनास्थल पर लावारिस हालत में छूटी संदिग्ध कार की जब पुलिस ने गहन तलाशी ली, तो उसमें से भारी मात्रा में अवैध डोडा चूरा मिला। अधिकारियों ने वाहन और बरामद नशीले सामान को अपने कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच-पड़ताल से यह संकेत मिले हैं कि यह खेप किसी दूसरे राज्य में पहुंचाई जानी थी। अब पुलिस वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर इस पूरे अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
एक मृतक की पहचान पंजाब निवासी के रूप में हुई
प्रारंभिक शिनाख्त के दौरान यह बात सामने आई है कि मारे गए तस्करों में से एक पंजाब का रहने वाला था। पुलिस ने उस राज्य के स्थानीय प्रशासन और मृतक के परिवारजनों से संपर्क साधने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, दूसरे मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास अभी भी जारी हैं। बूढ़ादीत थाने की पुलिस ने इस सिलसिले में आधिकारिक मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस खेप का असली स्रोत कहां था और इसे आगे किसे सौंपा जाना था।


















