पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालसंघर्षों को मात देकर सिनेमा में बनाई मुकाम, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता दिव्या दत्ता की अनूठी दास्तानतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल और भू-राजनीतिक तनाव से यूरो पस्त, डॉलर मजबूतगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपाय
श्रीगंगानगर में खड़ी स्कूटी के पुर्जों में छिपा मिला बेबी कोबरा, 4 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यूराजस्थान
26 अग॰ 2026, 5:58 pm (30 दिन पहले)· 2

श्रीगंगानगर में खड़ी स्कूटी के पुर्जों में छिपा मिला बेबी कोबरा, 4 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू

श्रीगंगानगर में एक घर की खड़ी स्कूटी में करीब 4 घंटे तक बेबी कोबरा छिपा रहा, जिसे बाद में रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकालकर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय स्थित एक घर में उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब वहां खड़ी एक स्कूटी के अंदर जहरीला सांप छिपा हुआ पाया गया। वाहन के भीतर बेबी कोबरा को देखने के बाद परिवार के सदस्यों में भारी डर और दहशत का माहौल बन गया। यह बेबी कोबरा करीब चार घंटे तक स्कूटी के आंतरिक हिस्सों में फंसा रहा, जिससे पूरे घर में अनहोनी की आशंका बनी रही। घटना की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने बिना देरी किए तुरंत विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को संपर्क कर इसकी सूचना दी।

रेस्क्यू टीम का त्वरित एक्शन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम बिना कोई समय गंवाए मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम के सदस्यों ने सबसे पहले स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा संबंधी प्राथमिक कदम उठाए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए टीम ने स्कूटी को एक खुले और सुरक्षित स्थान पर खड़ा करवाया। इसके साथ ही, वहां उत्सुकता में जमा हो रहे आसपास के पड़ोसियों और स्थानीय लोगों को वाहन से उचित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी को भी खतरा न हो।

ये भी पढ़ें

सांप के स्कूटी के अलग-अलग पुर्जों और संكره हिस्सों में छिपे होने की पूरी संभावना थी, जिसके कारण उसे बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण काम बन गया था। बेबी कोबरा वाहन के एक ऐसे बारीक हिस्से में बैठा हुआ था, जहां बिना किसी नुकसान के पहुंचना काफी कठिन था। ऐसे में रेस्क्यू टीम ने किसी भी प्रकार की जल्दबाजी दिखाने के बजाय अत्यधिक धैर्य और सतर्कता का परिचय दिया। टीम ने स्कूटी के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच-पड़ताल की और कड़ी मशक्कत के बाद अंततः सांप की सही लोकेशन का पता लगाने में सफलता हासिल की।

4 घंटे की दहशत के बाद परिजनों ने ली राहत की सांस

पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान परिवार के लोग काफी डरे हुए थे और दूर खड़े होकर हर पल की कार्रवाई पर अपनी नजरें बनाए हुए थे। रेस्क्यू टीम ने अपनी सूझबूझ और पेशेवर अनुभव के आधार पर बिना किसी को चोट पहुंचाए या नुकसान पहुंचाए बेबी कोबरा को सुरक्षित तरीके से वाहन से बाहर निकाल लिया। इस पूरे अभियान के दौरान किसी भी व्यक्ति या जीव को कोई क्षति नहीं पहुंची। सांप को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में लेने के पश्चात टीम उसे वहां से ले गई और उसके अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया।

सांप के सफलतापूर्वक जंगल में छोड़े जाने और खतरे के पूरी तरह टल जाने के बाद ही परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते दी गई सूचना और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम की त्वरित सूझबूझ के चलते एक बड़ा हादसा होने से बच गया। इस घटना ने यह महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है कि घर या किसी भी वाहन में यदि कोई जहरीला सांप अथवा वन्यजीव दिखाई दे, तो उस स्थिति में घबराने या खुद से कोई कदम उठाने के स्थान पर तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम से सहायता मांगनी चाहिए।

सवाल-जवाब

श्रीगंगानगर में स्कूटी के अंदर कौन सा सांप मिला था?
स्कूटी के अंदर एक बेबी कोबरा (नाग का बच्चा) फंसा हुआ पाया गया था।
सांप स्कूटी के अंदर कितने समय तक फंसा रहा?
बेबी कोबरा करीब 4 घंटे तक स्कूटी के आंतरिक हिस्सों में छिपा रहा।
रेस्क्यू टीम ने सांप को बाहर निकालने के लिए क्या कदम उठाए?
टीम ने स्कूटी को सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया, लोगों को दूर रखा, वाहन के पुर्जों की बारीकी से जांच की और सतर्कता के साथ कोबरा को बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद बेबी कोबरा का क्या किया गया?
सुरक्षित बाहर निकालने के बाद रेस्क्यू टीम ने बेबी कोबरा को उसके अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp