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शुक्रवार तड़के भारत से अफगानिस्तान तक भूकंप के 4 झटके, नासिक और चंबा समेत कांपे कई इलाकेमहाराष्ट्र
14 अग॰ 2026, 7:46 am (29 दिन पहले)· 3

शुक्रवार तड़के भारत से अफगानिस्तान तक भूकंप के 4 झटके, नासिक और चंबा समेत कांपे कई इलाके

शुक्रवार सुबह भारत के महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश सहित अफगानिस्तान में भूकंप के कुल चार झटके दर्ज किए गए, जिनमें सबसे अधिक तीव्रता 4.4 मापी गई।

शुक्रवार तड़के दक्षिण एशियाई भूभाग में धरती के हिलने का सिलसिला देखा गया, जहां अफगानिस्तान से लेकर भारत के पश्चिमी और उत्तरी राज्यों तक भूकंपीय हलचल दर्ज की गई। सुबह-सुबह आए इन झटकों की कुल संख्या चार रही। हालांकि राहत की बात यह है कि किसी भी प्रभावित क्षेत्र से किसी प्रकार के नुकसान या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है। दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इन सभी चार भूकंपों में से सबसे शक्तिशाली झटका अफगानिस्तान में दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 4.4 मापी गई। भारत में महाराष्ट्र का नासिक जिला और हिमाचल प्रदेश का पहाड़ी इलाका चंबा भूकंपीय गतिविधियों का केंद्र रहे।

नासिक में सुबह 5:32 बजे 3.4 तीव्रता का भूकंप

महाराष्ट्र के नासिक जिले में शुक्रवार की भोर में 5 बजकर 32 मिनट और 39 सेकंड पर अचानक झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.4 मापी गई। वैज्ञानिकों द्वारा इसकी गहराई जमीन के भीतर लगभग 3 किलोमीटर दर्ज की गई है। नासिक में आए इस भूकंप का भौगोलिक केंद्र 20.461 डिग्री उत्तरी अक्षांश तथा 73.748 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। कम गहराई पर आए इस झटके के बावजूद क्षेत्र में किसी भी तरह की क्षति नहीं हुई है। गौरतलब है कि इससे ठीक तीन दिन पहले महाराष्ट्र के पालघर जिले में भी भूकंप के दो लगातार झटके दर्ज किए गए थे, जिससे पश्चिमी महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

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हिमाचल प्रदेश के चंबा में 3.0 की तीव्रता दर्ज

नासिक के बाद उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी धरती कांपी। चंबा क्षेत्र में भूकंप का झटका शुक्रवार सुबह 6 बजकर 36 मिनट और 28 सेकंड पर दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 मापी गई। मौसम विज्ञान और भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, यह भूगर्भीय हलचल जमीन के अंदर 5 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित थी। इसका सटीक स्थान 33.131 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.585 डिग्री पूर्वी देशांतर के रूप में चिन्हित किया गया है। चंबा और आसपास की पहाड़ियों में झटके हल्के होने के कारण किसी प्रकार के माल-जाल का नुकसान नहीं हुआ।

अफगानिस्तान में 12 मिनट के अंतराल पर दो भूगर्भीय झटके

भारतीय समय के अनुसार शुक्रवार सुबह अफगानिस्तान का क्षेत्र भी लगातार दो भूगर्भीय झटकों से थर्रा उठा। पहला झटका तड़के 4 बजकर 29 मिनट और 30 सेकंड पर दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 4.0 थी और इसकी गहराई धरातल से 147 किलोमीटर नीचे केंद्रित थी। इसके ठीक 12 मिनट पश्चात, यानी सुबह 4 बजकर 41 मिनट और 54 सेकंड पर अफगानिस्तान में ही दूसरा झटका महसूस हुआ। इस दूसरे झटके की तीव्रता 4.4 दर्ज की गई, जो शुक्रवार को दर्ज चारों भूकंपों में सर्वाधिक थी। इस दूसरे भूकंप की गहराई भू-गर्भ में 136 किलोमीटर मापी गई। अधिक गहराई पर भूकंप का केंद्र होने की वजह से अफगानिस्तान के स्थानीय प्रशासन को फिलहाल किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

सवाल-जवाब

शुक्रवार सुबह कुल कितने भूकंप दर्ज किए गए?
शुक्रवार सुबह भारत के नासिक और चंबा सहित अफगानिस्तान में कुल चार भूकंप दर्ज किए गए।
इनमें से सबसे शक्तिशाली भूकंप कहां और कितनी तीव्रता का आया?
सबसे तेज भूकंप अफगानिस्तान में सुबह 4 बजकर 41 मिनट 54 सेकंड पर आया, जिसकी तीव्रता 4.4 दर्ज की गई।
नासिक में आए भूकंप का समय और गहराई क्या थी?
नासिक में भूकंप सुबह 5 बजकर 32 मिनट 39 सेकंड पर आया, जिसकी तीव्रता 3.4 और गहराई जमीन से 3 किलोमीटर नीचे थी।
क्या नासिक या चंबा में भूकंप से किसी नुकसान की खबर है?
नहीं, नासिक और चंबा दोनों ही स्थानों पर किसी भी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·28 दिन पहले

अचानक आए भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएँ केवल भौतिक नुकसान नहीं पहुँचातीं, बल्कि यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण को भी गहराई से झकझोर देती हैं। सुबह-सुबह इस तरह की हलचल से लोगों के मन में अनिश्चितता और असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है, जो तनाव और एंग्जायटी का कारण बनती है। इस कठिन समय में समुदायों और परिवारों के बीच आपसी संवाद, मानसिक संबल और माइंडफुलनेस का अभ्यास करना आवश्यक है ताकि मानसिक संतुलन बना रहे।

Ravikash Gupta@ravikash·28 दिन पहले

भूकंप की यह श्रृंखला भले ही अभी नुकसानरहित रही हो, लेकिन महाराष्ट्र के पालघर और नासिक जैसे तटीय और पश्चिमी क्षेत्रों में बार-बार आ रहे हल्के झटके भूगर्भीय सक्रियता की ओर इशारा करते हैं। औद्योगिक और वित्तीय केंद्रों के पास इस तरह की टेक्टोनिक हलचल भविष्य में बुनियादी ढांचे और निवेश की निरंतरता के लिए एक बड़ा सबक है, जिससे आपदा प्रबंधन और जोखिम आकलन को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल मिलता है।

Kavya Nair@kavya-nair·28 दिन पहले

यात्रा और आतिथ्य उद्योग के दृष्टिकोण से, नासिक और चंबा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर इस तरह की भूगर्भीय हलचलें हमारे लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। पर्यटकों की सुरक्षा और इन क्षेत्रों के नाज़ुक पारिस्थितिकी तंत्र को ध्यान में रखते हुए, होटल व्यवसाय और पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास में भूकंप-रोधी निर्माण तकनीकों को अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा, ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी से बचा जा सके और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

यद्यपि इन भूकंपीय झटकों से फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन महाराष्ट्र के नासिक और पालघर जैसे तटीय-पश्चिमी जिलों में बार-बार आ रही हलचल भू-गर्भीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से एक चेतावनी है। स्थानीय प्रशासन को सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संरचनात्मक ऑडिट और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि दक्षिण एशिया में अचानक भूगर्भीय सक्रियता बढ़ रही है, विशेषकर महाराष्ट्र में कुछ ही दिनों के भीतर बार-बार झटके महसूस होना एक गंभीर प्रवृत्ति है। चूंकि नासिक में केंद्र बहुत कम गहराई पर था, इसलिए आपदा प्रबंधन विभागों और जिला प्रशासन को अब केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय बुनियादी ढांचे की मजबूती और भूकंप-रोधी तैयारियों का कड़ाई से परीक्षण करना होगा ताकि भविष्य में किसी बड़े जोखिम को टाला जा सके।

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