राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध नकदी की बड़ी खेप पकड़ी है। भैरूघाट पर की गई नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक से आ रही एक सफेद रंग की इनोवा कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली, तो उसमें से 7 लाख 70 हजार 400 रुपये की अघोषित राशि बरामद हुई। वाहन चालक इस बड़ी रकम के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद पुलिस ने पूरी राशि को जब्त कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना के आधार पर भैरूघाट पर बिछाया गया नाका
नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में आचार संहिता के तहत निगरानी बढ़ा दी गई थी। इसी दौरान उदयपुरवाटी पुलिस को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र नंबर की एक सफेद इनोवा गाड़ी में चुनाव के दौरान बांटे जाने के लिए भारी मात्रा में नकदी लाई जा रही है। इस सूचना को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए थानाधिकारी रामपाल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तुरंत भैरूघाट क्षेत्र में घेराबंदी कर नाकाबंदी शुरू कर दी।
नाकाबंदी के दौरान उस मार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच की जा रही थी। कुछ ही समय में मुखबिर द्वारा बताई गई हुलिए की महाराष्ट्र नंबर प्लेट वाली सफेद इनोवा कार वहां पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत कार को रुकने का इशारा किया। गाड़ी के रुकते ही पुलिस दल ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और चालक को नीचे उतारकर प्रारंभिक पूछताछ शुरू की। इसके साथ ही वाहन के भीतर गहन तलाशी का अभियान चलाया गया।
कार से मिली लाखों की नकदी और नोटों की गिनती
जब पुलिस कर्मियों ने कार के विभिन्न हिस्सों की सघन तलाशी ली, तो उन्हें उसमें बड़ी संख्या में करेंसी नोट मिले। मौके पर ही सुरक्षा व्यवस्था के बीच बरामद नोटों की गिनती शुरू करवाई गई। पूरी गिनती प्रक्रिया समाप्त होने के पश्चात कुल राशि 7,70,400 रुपये पाई गई। जब्त की गई इस नकदी में मुख्य रूप से 500 रुपये, 200 रुपये और 100 रुपये मूल्यवर्ग के नोट शामिल थे।
इतनी बड़ी रकम बरामद होने के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों ने चालक से पैसों के स्रोत और उसके गंतव्य के बारे में पूछताछ की। चालक से यह जानने का प्रयास किया गया कि वह यह राशि कहां से लाया है और किसे सौंपने जा रहा था। हालांकि, चालक पुलिस के सवालों के सामने निरुत्तर दिख और बैंक लेन-देन या व्यापार से जुड़ा कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहा।
नासिक से जुड़ा चालक का तार और उदयपुरवाटी का निवासी निकला आरोपी
पुलिस द्वारा की गई विस्तृत पूछताछ में कार चालक की पहचान सीताराम के रूप में हुई। सीताराम के पिता का नाम महावीर प्रसाद सैनी है और वह उदयपुरवाटी के ही वार्ड नंबर 13 का निवासी है। पूछताछ में चालक सीताराम ने स्वीकार किया कि वह महाराष्ट्र के नासिक शहर से इस इनोवा कार को चलाकर आ रहा था। हालांकि, नासिक से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी लेकर झुंझुनूं आने का मुख्य कारण और उद्देश्य वह स्पष्ट नहीं कर पाया।
थानाधिकारी रामपाल मीणा ने बताया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धनबल के प्रयोग की प्रबल आशंका बनी रहती है। क्योंकि आरोपी के पास नकदी से संबंधित कोई वैध बिल, रसीद या निकासी का प्रमाण पत्र नहीं था, इसलिए पूरी राशि को संदिग्ध मानकर आचार संहिता के नियमों के तहत जब्त कर लिया गया।
चुनाव में धनबल के इस्तेमाल पर पुलिस की पैनी नजर
उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए इस तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह 7,70,400 रुपये की राशि नासिक में किसने दी थी और इसे उदयपुरवाटी में किस जनप्रतिनिधि या व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
थानाधिकारी ने कहा कि आयकर विभाग और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यदि जांच के दौरान नकदी का संबंध किसी प्रत्याशी या चुनाव प्रचार से पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जिले के सभी प्रमुख रास्तों पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही है ताकि चुनाव में किसी भी प्रकार के अवैध लेन-देन या मतदाता प्रलोभन पर अंकुश लगाया जा सके।





















