रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंकम सामग्री में घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लाल भाजी और आलू की सूखी सब्जीप्रशांत महासागर में अल नीनो के उभार से कमजोर पड़ा मानसून, 2001 के बाद दर्ज हुई चौथी सबसे सूखी स्थितिबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकाकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफर
सिलचर चुनाव से पहले कछार में तृणमूल कांग्रेस को झटका, जिला अध्यक्ष सहित 50 नेता भाजपा में शामिलअसम
7 सित॰ 2026, 5:26 pm (24 दिन पहले)· 2

सिलचर चुनाव से पहले कछार में तृणमूल कांग्रेस को झटका, जिला अध्यक्ष सहित 50 नेता भाजपा में शामिल

सिलचर में पहली बार होने जा रहे नगर निगम चुनाव से ठीक पहले रविवार को कछार जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष राजेश देब, वरिष्ठ नेता मोहन लाल दास सहित कुल 50 नेता और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए।

सिलचर में पहली बार होने वाले नगर निगम चुनाव से कुछ हफ्ते पहले रविवार को असम के कछार जिले में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी के जिला अध्यक्ष सहित कुल 50 नेता और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए।

50 नेताओं ने छोड़ा तृणमूल का साथ

भाजपा में शामिल होने वालों में कछार जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष राजेश देब और वरिष्ठ नेता मोहन लाल दास प्रमुख हैं। इनके साथ पार्टी के 48 अन्य नेता और कार्यकर्ता भी भाजपा में चले गए, जिससे कुल संख्या 50 पहुंच गई। इस सामूहिक पलायन से कछार में तृणमूल कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा एक झटके में कमजोर पड़ गया, ठीक उसी वक्त जब जिला एक अहम नगर निकाय चुनाव की तैयारी में जुटा है।

ये भी पढ़ें

भाजपा कार्यालय में हुआ औपचारिक स्वागत

असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कछार जिला कार्यालय में इन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का औपचारिक रूप से पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव भी मौजूद रहीं।

सैकिया ने इस शामिल होने को भाजपा के संगठनात्मक परिवार के विस्तार के रूप में बताया और कहा कि नए सदस्यों की एंट्री से क्षेत्र में पार्टी का नेटवर्क और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अब मिलकर बराक घाटी क्षेत्र, असम और देश के विकास के लिए काम करेंगे।

सुष्मिता देव के भाजपा प्रवेश से बनी जमीन

सैकिया ने सुष्मिता देव के पश्चिम बंगाल से राज्यसभा पहुंचने का जिक्र करते हुए कहा कि संसद में बंगाल का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद उनकी राजनीतिक सक्रियता असम और बराक घाटी के विकास से जुड़ी रहेगी। सुष्मिता देव खुद जून में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं, और उस वक्त इसे बराक घाटी की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना गया था। रविवार को हुआ यह सामूहिक पलायन उसी कड़ी का अगला हिस्सा नजर आता है, जो बताता है कि सुष्मिता देव के जाने के बाद भी तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें कम नहीं हुईं।

3 अक्टूबर से पहले भाजपा को मिली मजबूती, तृणमूल को झटका

इस घटनाक्रम का समय बेहद अहम है। सिलचर में 3 अक्टूबर को पहली बार नगर निगम चुनाव होने जा रहा है, और ऐसे में 50 नेताओं और कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को शहर में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

वहीं तृणमूल कांग्रेस के लिए जिला अध्यक्ष और दर्जनों वरिष्ठ नेताओं का साथ छोड़ना एक नई संगठनात्मक चुनौती बनकर सामने आया है। पार्टी को अब कम समय में अपने स्थानीय नेतृत्व ढांचे को फिर से खड़ा करना होगा, और नजदीक आ रहा नगर निकाय चुनाव इस काम को और मुश्किल बना सकता है। जाहिर है, इससे सिलचर में पार्टी की राजनीतिक और चुनावी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिशों पर असर पड़ सकता है।

सवाल-जवाब

कछार में कुल कितने तृणमूल नेता भाजपा में शामिल हुए?
जिला अध्यक्ष राजेश देब और वरिष्ठ नेता मोहन लाल दास सहित कुल 50 नेता और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए।
यह पलायन कब हुआ?
यह घटना रविवार को हुई।
इन नेताओं का भाजपा में स्वागत किसने किया?
असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कछार जिला कार्यालय में इनका औपचारिक स्वागत किया।
इस मौके पर और कौन मौजूद था?
राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव भी इस इंडक्शन कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
सिलचर नगर निगम चुनाव कब है?
सिलचर में पहली बार नगर निगम चुनाव 3 अक्टूबर को होने जा रहा है।
क्या सुष्मिता देव ने भी पार्टी बदली थी?
हां, सुष्मिता देव खुद जून में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं।
दिलीप सैकिया ने इस शामिल होने के बारे में क्या कहा?
उन्होंने इसे भाजपा के संगठनात्मक परिवार का विस्तार बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में पार्टी का नेटवर्क मजबूत होगा।
इस पलायन से तृणमूल कांग्रेस के लिए क्या मुश्किल पैदा होती है?
पार्टी को अपना जिला अध्यक्ष और दर्जनों वरिष्ठ कार्यकर्ता गंवाने पड़े हैं, जिससे सिलचर में उसकी संगठनात्मक और चुनावी मौजूदगी कमजोर हो सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp