पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानपंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को किया यादजीनियस एक्ट के तहत स्टेबलकॉइन के सख्त नियमों पर फेडरल रिजर्व ने मांगी जनता से रायदैनिक राशिफल 25 सितंबर 2026: कुंभ में चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग, जानें सभी 12 राशियों का हाल
सीतामढ़ी में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के सामने खुली सदर अस्पताल की पोल, दलालों पर भड़के मंत्रीबिहार
24 अग॰ 2026, 2:04 pm (32 दिन पहले)· 2

सीतामढ़ी में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के सामने खुली सदर अस्पताल की पोल, दलालों पर भड़के मंत्री

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सीतामढ़ी के सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों के परिजनों ने दलालों और रेफरल प्रणाली को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं।

बिहार के स्वास्थ्य महकमे में उस समय अफरातफरी मच गई जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बीती रात सीतामढ़ी के सदर अस्पताल का औचक मुआयना किया। मंत्री के अचानक अस्पताल परिसर में दाखिल होते ही वहां तैनात प्रशासनिक अमले और चिकित्सा कर्मियों में हड़कंप मच गया। इस औचक दौरे का मुख्य उद्देश्य मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखना था, लेकिन निरीक्षण के दौरान ही पोल खुल गई जब एक मरीज के परिजनों ने सीधे मंत्री के सामने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

प्राइवेट अस्पताल भेजने की मिल रही थी सलाह

अस्पताल के भीतर निरीक्षण के दौरान जब स्वास्थ्य मंत्री एक मरीज के पास पहुंचे, तो उसके परिजनों ने अपनी पीड़ा खुलकर सामने रखी। परिजनों ने बताया कि मरीज के बुरी तरह झुलस जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मुजफ्फरपुर के किसी प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया था। परिजनों का यह भी कहना था कि मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए रास्ते में ही उसकी जान जाने का बड़ा जोखिम था, क्योंकि मुजफ्फरपुर की दूरी अधिक है। इसी नाजुक हालात का फायदा उठाते हुए अस्पताल से जुड़े एक कथित दलाल या संदिग्ध व्यक्ति ने उन्हें सरकारी इलाज की बजाय फौरन किसी निजी अस्पताल का रुख करने की सलाह दी थी, ताकि वहां से कमीशन का खेल चलाया जा सके।

ये भी पढ़ें

मरीज का मोबाइल नंबर लेकर दिए निर्देश

परिजनों के मुंह से दलालों और निजी अस्पतालों की इस साठगांठ की बात सुनते ही स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत पीड़ित परिवार से बातचीत कर उनका मोबाइल नंबर अपने पास दर्ज कर लिया। इसके बाद मंत्री ने मौके पर मौजूद सदर अस्पताल के सभी चिकित्सकों को सख्त निर्देश जारी किए कि इस गंभीर रूप से झुलसे हुए मरीज को रातभर यहीं इसी अस्पताल में रखकर बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। साथ ही यह भी तय किया गया कि मरीज को सुबह की रोशनी में ही मुजफ्फरपुर के लिए रवाना किया जाएगा ताकि रात के सफर का खतरा टल सके।

इमरजेंसी से लेकर सभी विभागों का जायजा

दलालों की इस शिकायत से पहले और बाद में मंत्री ने अस्पताल के कोने-कोने की पड़ताल की। स्वास्थ्य मंत्री ने सीधे इमरजेंसी वार्ड में कदम रखा और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के एक-एक विभाग में जाकर वहां चल रहे कामकाज को बारीकी से देखा। निरीक्षण के इस सिलसिले के दौरान मंत्री ने खुद वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों और उनकी देखभाल कर रहे परिजनों से आमने-सामने बातचीत की और उनसे पूछा कि क्या उन्हें अस्पताल से मुफ्त दवाइयां और सही इलाज मिल रहा है या नहीं।

दलालों के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के संकेत

अस्पताल की मौजूदा रेफरल व्यवस्था और निजी अस्पतालों के दलालों द्वारा मरीजों को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने के खेल पर मंत्री ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। परिजनों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की गहराई से जांच कराने की बात कही गई है और इस मामले में दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की पूरी संभावना जताई जा रही है। आधी रात को हुए इस अचानक दौरे और मंत्री के तल्ख तेवर के बाद से न केवल सीतामढ़ी बल्कि आसपास के तमाम जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में गहरी हलचल मच गई है।

सवाल-जवाब

बिहार के किस जिले के सदर अस्पताल का निरीक्षण किया गया?
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सीतामढ़ी जिले के सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
मरीज को कहां रेफर किया गया था?
झुलसे हुए मरीज को डॉक्टरों ने मुजफ्फरपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों के परिजनों से क्या जानकारी ली?
मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, इलाज की स्थिति और दलालों द्वारा निजी अस्पताल भेजने की शिकायतों के बारे में जानकारी ली।
मंत्री ने डॉक्टरों को क्या निर्देश दिए?
मंत्री ने निर्देश दिया कि मरीज का रातभर यहीं सदर अस्पताल में इलाज किया जाए और सुबह उसे मुजफ्फरपुर भेजा जाए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·31 दिन पहले

यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में व्याप्त गहरी कमियों को उजागर करता है। खासकर सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों के बीच सक्रिय दलाल नेटवर्क पर लगाम कसना एक बड़ी चुनौती है। यदि इस मामले में केवल मौखिक निर्देशों के बजाय सख्त दंडात्मक कार्रवाई और रेफरल प्रणाली में डिजिटल पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो कागजी सुधारों से धरातल पर मरीजों की स्थिति में कोई स्थायी बदलाव नहीं आएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·31 दिन पहले

रोहन वर्मा की यह टिप्पणी बिल्कुल सही दिशा में है। एक क्राइम संवाददाता के रूप में मेरा अनुभव बताता है कि सरकारी अस्पतालों में सक्रिय दलाल नेटवर्क महज कर्मचारियों की मिलीभगत नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट है। जब तक स्वास्थ्य विभाग इस नेक्सस पर आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी शिकंजा नहीं कसता, तब तक औचक निरीक्षणों का यह सिलसिला महज कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा। मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शी रेफरल नीति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को संयुक्त रूप से इस रैकेट का खात्मा करना होगा, अन्यथा गरीब मरीजों की जान से यह खिलवाड़ यूं ही जारी रहेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp