भीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपीलAISA प्रमुख नेहा बोरा की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, SEM अदालत ने 20 नवंबर को दोबारा किया तलबमध्य प्रदेश के बालाघाट में प्रसव के बिल चुकाने के लिए बुजुर्ग महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तारदिल्ली में वोटर सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- पुराने मतदाताओं से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहाऋषिकेश के बाजारों में करवा चौथ की रौनक, 3डी प्रिंट से लेकर ऐपण कला वाले करवे-छलनी की भारी मांगगाड़ी की कंडक्टरी छोड़ गांव में शुरू किया बकरी पालन, उत्तराखंड के प्रेम सिंह बने मिसालहिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में जनजातीय भूमि अधिकारों की समीक्षा की, कई विकास योजनाओं की शुरुआतम्यांमार सीमा तक दौड़ेगी ट्रेन: मिजोरम में 230 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर पर सीएम लालदुहोमा ने की समीक्षा बैठकराजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदा
स्मार्ट सिटी मुरादाबाद के कोठीवाल नगर में गंदगी और चोक नालों से बेहाल लोगउत्तर प्रदेश
18 सित॰ 2026, 1:48 pm (41 दिन पहले)· 1

स्मार्ट सिटी मुरादाबाद के कोठीवाल नगर में गंदगी और चोक नालों से बेहाल लोग

उत्तर प्रदेश के स्मार्ट सिटी मुरादाबाद के कोठीवाल नगर क्षेत्र में खराब सफाई व्यवस्था के कारण स्थानीय लोग गंदे पानी और कचरे के ढेर के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।

उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद एक तरफ जहां स्मार्ट सिटी के रूप में जाना जाता है, वहीं दूसरी तरफ इसी स्मार्ट सिटी के कोठीवाल नगर क्षेत्र की असल तस्वीर काफी बदहाल नजर आती है। यहां गंदगी के कारण नाले और नल पूरी तरह चोक हो चुके हैं, जिसकी वजह से थोड़ी सी बारिश होने पर भी नालों का गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। सड़कों पर जमा होने वाला यह बदबूदार पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी इस समस्या को लेकर पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं और सफाई कर्मचारी कभी-कभार ही इस इलाके का रुख करते हैं, जिसके चलते लोगों को मजबूरी में इसी नारकीय स्थिति के बीच अपना जीवन बिताना पड़ रहा है।

निवासियों का दर्द और बदतर होती सड़कें

स्थानीय निवासी फैज और विनय ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इलाके में साफ-सफाई न के बराबर होती है और यहां की सड़कों की हालत भी बेहद जर्जर हो चुकी है। बारिश के मौसम में हालात और भी ज्यादा भयावह हो जाते हैं, जब चारों तरफ कचरा तैरने लगता है और असहनीय बदबू उठने लगती है। लोगों का कहना है कि आने वाले चुनावों के दौरान नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद सब कुछ भुला दिया जाता है। नालों की नियमित सफाई की मांग को लेकर जनता कई बार नगर निगम में शिकायत दर्ज करा चुकी है, लेकिन निगम के कर्मचारी कभी-कभार खानापूर्ति करके भूल जाते हैं। अंदर की गलियों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं और अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे मुख्य रास्ते से गुजरना भी दूभर हो गया है।

ये भी पढ़ें

महीनों में एक बार आती है निगम की टीम

क्षेत्र के लोगों ने जानकारी दी कि नगर निगम की सफाई टीम छह महीने में या कभी-कभार तीन से चार महीने में सिर्फ एक बार ही यहां नजर आती है। बरसात के दिनों में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि गंदा पानी रिहायशी घरों में भर जाता है। बारिश थमने के बाद भी नाले में कचरे के ढेर ज्यों के त्यों बने रहते हैं, जिससे उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण इस सड़क से पैदल निकलना भी असंभव सा हो जाता है। यह इलाका अब धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों का घर बनता जा रहा है। विनय नामक स्थानीय युवा ने बताया कि निगम की गाड़ी जब महीनों बाद आती भी है, तो वह केवल आधा-अधूरा कचरा ही उठाती है और बाकी का मलबा वहीं छोड़ जाती है, जिससे न तो नालियों की ठीक से सफाई हो पाती है और न ही सड़कों पर सुधार दिखता है।

फैक्ट्रियों का कचरा और अधिकारियों की लापरवाही

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस नाले में केवल घरेलू कचरा ही नहीं बल्कि आसपास की फैक्ट्रियों से निकलने वाला अपशिष्ट भी डाला जाता है, जो बहकर यहीं जमा हो जाता है। इसके अलावा, आसपास की नालियों का सारा गंदा पानी भी इसी मुख्य नाले में आकर गिरता है, जिसके कारण यह नाला कचरे के एक बड़े ढेर में तब्दील हो चुका है। बारिश के दौरान जब पानी का निकास बंद हो जाता है, तो यह ओवरफ्लो होकर सीधे लोगों के घरों में प्रवेश कर जाता है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इन तमाम समस्याओं के लिए सीधे तौर पर नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं, जिनकी उदासीनता और लापरवाही के कारण जनता इस दयनीय स्थिति में जीने को मजबूर है।

सवाल-जवाब

मुरादाबाद के किस क्षेत्र में गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है?
कोठीवाल नगर क्षेत्र में गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या देखने को मिली है।
बारिश होने पर कोठीवाल नगर में क्या स्थिति बन जाती है?
बारिश होने पर नालों का गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है और लोगों के घरों के अंदर तक घुस जाता है।
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली के बारे में क्या बताया है?
निवासियों के अनुसार नगर निगम की टीम 3 से 6 महीने में एक बार आती है और आधा-अधूरा कचरा ही उठाकर ले जाती है।
नाले के चोक होने का एक अन्य प्रमुख कारण क्या है?
इस नाले में स्थानीय घरों के साथ-साथ आसपास की फैक्ट्रियों का कचरा भी आकर जमा होता है।
इस पूरी बदहाली के लिए स्थानीय लोग किसे जिम्मेदार मानते हैं?
स्थानीय लोग इस स्थिति के लिए नगर निगम और उसके अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·40 दिन पहले

एक अपराध और जन-सुरक्षा संवाददाता के रूप में, मैं इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण कानूनों के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखता हूँ। कोठीवाल नगर के रिहायशी इलाके में फैक्ट्रियों का कचरा बहाया जाना और गंदा पानी घरों में घुसना सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य को खतरे में डालता है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से कानूनन 'आपराधिक लापरवाही' का मामला बनती है। रिपोर्ट में प्रशासन और दोषी कारखानों पर पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी धाराओं के तहत कानूनी जवाबदेही तय करने की मांग पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·40 दिन पहले

करण की बात बिल्कुल सही है। एक राजनीतिक और शासन संबंधी दृष्टिकोण से देखें तो यह मामला 'स्मार्ट सिटी' परियोजना की ज़मीनी विफलता और शहरी नीति के खोखलेपन को उजागर करता है। चुनावों के समय नेता बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे की यह बदहाली दर्शाती है कि कागजी नीतियां और वास्तविक विकास में कितना बड़ा अंतर है। नगर निगम की यह निष्क्रियता आगामी स्थानीय चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनेगी। सरकार को स्मार्ट सिटी की ब्रांडिंग से हटकर जनता की बुनियादी जन-सुविधाओं और जवाबदेही तय करने वाले नीतिगत ढांचे पर तत्काल ध्यान देना होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp