भीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपीलAISA प्रमुख नेहा बोरा की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, SEM अदालत ने 20 नवंबर को दोबारा किया तलबमध्य प्रदेश के बालाघाट में प्रसव के बिल चुकाने के लिए बुजुर्ग महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तारदिल्ली में वोटर सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- पुराने मतदाताओं से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहाऋषिकेश के बाजारों में करवा चौथ की रौनक, 3डी प्रिंट से लेकर ऐपण कला वाले करवे-छलनी की भारी मांगगाड़ी की कंडक्टरी छोड़ गांव में शुरू किया बकरी पालन, उत्तराखंड के प्रेम सिंह बने मिसालहिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में जनजातीय भूमि अधिकारों की समीक्षा की, कई विकास योजनाओं की शुरुआतम्यांमार सीमा तक दौड़ेगी ट्रेन: मिजोरम में 230 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर पर सीएम लालदुहोमा ने की समीक्षा बैठकराजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदा
संतों के अपमान पर होगी जेल और होगी गौमाता की रक्षा, नेताजी इंडोर स्टेडियम में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलानपश्चिम बंगाल
27 सित॰ 2026, 6:16 pm (31 दिन पहले)· 1

संतों के अपमान पर होगी जेल और होगी गौमाता की रक्षा, नेताजी इंडोर स्टेडियम में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल में एक सामूहिक भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में अब माहौल बदल चुका है। उन्होंने ऐलान किया कि उनकी सरकार साधु-संतों का अनादर करने वालों को सलाखों के पीछे भेजेगी और गौवंश की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजा में उस समय एक नया मोड़ आ गया जब एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राज्य में बड़ा बदलाव लाने की बात कही गई। कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित सामूहिक भगवद्गीता पाठ के भव्य कार्यक्रम में बोलते हुए यह घोषणा की गई कि आने वाले समय में धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर कोई पाबंदी नहीं होगी और सनातन संस्कृति से जुड़े लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाएगा। इस आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर भगवद्गीता के श्लोकों का उच्चारण किया और राज्य के वर्तमान राजनीतिक माहौल पर अपनी बात रखी।

गौमाता की सुरक्षा और संतों का सम्मान

कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में बांगुर जागरण मंच के तत्वावधान में इस विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर यह घोषणा की गई कि राज्य के हालात अब पूरी तरह बदल चुके हैं और अब किसी भी स्थिति में गौमाता की रक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जो लोग भी साधु-संतों का अपमान करने का दुस्साहस करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और सीधा जेल भेजा जाएगा। आयोजकों और वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बंगाल की धरती पर अब संस्कृति और धर्म का पालन करने वालों को किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है।

ये भी पढ़ें

खुले तौर पर धार्मिक अनुष्ठान करने का आह्वान

कार्यक्रम के दौरान वक्ता ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि अपने धर्म का पालन करने या उसका प्रचार-प्रसार करने में किसी भी प्रकार की झिझक या डर की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। लोगों से खुलकर भगवद्गीता का पठन करने, उसका वितरण करने तथा हनुमान चालीसा बांटने की अपील की गई। इसके अलावा हरे कृष्ण मंत्र का निरंतर जाप करने और शंख ध्वनि करने का भी आह्वान किया गया। यह रेखांकित किया गया कि अब मौसम और राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं, इसलिए सनातन प्रेमियों को भयभीत होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

संस्कृति के प्रतीकों और एकता पर जोर

संबोधन के दौरान इस बात पर भी विशेष प्रकाश डाला गया कि राज्य में अब एक ऐसी सरकार आ चुकी है जो टीका, शिखा, धोती और तुलसी के मूल्यों का सम्मान करती है और गौमाता की संरक्षिका है। इस धार्मिक महाकुंभ में करीब 11 हजार लोगों ने एक साथ समवेत स्वर में भगवद्गीता का पाठ कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। सभा में मौजूद विशाल जनसमूह को यह विश्वास दिलाया गया कि संतों और गुरुओं का अनादर करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल की हवा खिलाई जाएगी।

विभाजनकारी ताकतों और नारेबाजों से सतर्कता

धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ इस सभा में राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। उपस्थित नागरिकों से अपील की गई कि वे उन विभाजनकारी ताकतों के प्रति पूरी तरह सतर्क और चौकस रहें जो समाज को पांतने का प्रयास करती हैं। उन ताकतों से सावधान रहने की हिदायत दी गई जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ अनुचित नारे लगाती हैं। विशेष तौर पर देश विरोधी मानसिकता वाले समूहों का हवाला देते हुए कहा गया कि जो लोग राष्ट्र विरोधी बातें करते हैं, उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

टुकड़े-टुकड़े गैंग के खिलाफ एकजुट होने की अपील

भाषण के अंत में देश के भीतर सक्रिय उन तत्वों पर तीखा प्रहार किया गया जो देश की अखंडता को खंडित करने का प्रयास करते हैं। यह कहा गया कि समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर उन ताकतों का मुकाबला करना होगा जिन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग के रूप में जाना जाता है। ऐसे लोगों पर नजर रखने की बात कही गई जो कश्मीर की स्वतंत्रता जैसे अलगाववादी और देश विरोधी नारे लगाते हैं। यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र विरोधी और विभाजनकारी सोच रखने वाले संगठनों के खिलाफ हर भारतीय को अपनी वैचारिक और सामाजिक एकजुटता बनाए रखनी होगी ताकि देश की सुरक्षा पर कोई आंच न आ सके।

सवाल-जवाब

शुभेंदु अधिकारी ने यह ऐलान कहाँ किया?
शुभेंदु अधिकारी ने यह ऐलान कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन किसने किया था?
इस कार्यक्रम का आयोजन बांगुर जागरण मंच की ओर से किया गया था।
कार्यक्रम में कितने लोगों ने हिस्सा लिया?
इस सामूहिक भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम में करीब 11 हजार लोगों ने एक साथ हिस्सा लिया।
शुभेंदु अधिकारी ने संतों के अपमान को लेकर क्या कहा?
उन्होंने ऐलान किया कि साधु-संतों का अपमान करने वालों को उनकी सरकार जेल भेजेगी।
सभा में किन ताकतों के खिलाफ सतर्क रहने को कहा गया?
सभा में विभाजनकारी ताकतों और देश की अखंडता के खिलाफ नारे लगाने वालों के खिलाफ सतर्क रहने को कहा गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·31 दिन पहले

नेताजी इंडोर स्टेडियम के इस आयोजन में ग्यारह हजार लोगों का एक साथ गीता पाठ करना वाकई हैरान करने वाला है। खाने-पीने के सांस्कृतिक आयोजनों की तरह ऐसे बड़े धार्मिक जमावड़े भी अब बंगाल में नया माहौल बना रहे हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·31 दिन पहले

पश्चिम बंगाल में इस तरह के धार्मिक आयोजनों से सियासी माहौल सच में बदलेगा या यह सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी बनकर रह जाएगी?

Arjun Mehta@arjun-mehta·31 दिन पहले

रविकेश भाई, जब मैं खुद पिछले साल कोलकाता गया था, तब भी लोग ऐसा ही डरते-डरते बात कर रहे थे, अब हालात सच में बदल रहे हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·31 दिन पहले

धार्मिक आयोजनों में मंच से इस तरह के बड़े राजनीतिक दावे करना और जेल भेजने की बात कहना थोड़ा अजीब लगता है। भीड़ में जोश भरना आसान है, पर ज़मीन पर कानून व्यवस्था संभालना अलग बात होती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·31 दिन पहले

रोहन, आपकी बात ठीक है पर क्या ऐसे बयानों से बंगाल में पुलिस और प्रशासन पर कोई दबाव नहीं बढ़ेगा?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp