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सोनीपत में नाबालिग की हत्या पर उबाल, परिजनों ने अंतिम संस्कार रोका और श्मशान घाट के बाहर दिया धरनाहरियाणा
18 सित॰ 2026, 7:33 am (4 दिन पहले)· 3

सोनीपत में नाबालिग की हत्या पर उबाल, परिजनों ने अंतिम संस्कार रोका और श्मशान घाट के बाहर दिया धरना

सोनीपत में एक नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाते हुए अंतिम संस्कार से साफ इनकार कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

हरियाणा के सोनीपत जिले में एक नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग करते हुए बच्ची का अंतिम संस्कार करने से दोटूक इनकार कर दिया है और उसका शव लेकर सेक्टर-15 स्थित श्मशान घाट के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। परिवार का मुख्य आरोप है कि इस गंभीर आपराधिक मामले में पुलिस ने जानबूझकर ढिलाई बरती है और उनकी आपत्तियों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। परिजनों के अनुसार, बच्ची का जब शव मिला तो उसके हाथ-पैर बुरी तरह बंधे हुए थे और शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। इतनी भयानक और संवेदनशील परिस्थितियों के बावजूद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट जैसी कड़ी धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई करने से परहेज किया, जिससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

मोहाना थाना क्षेत्र की घटना और पुलिस पर गंभीर आरोप

यह पूरा सनसनीखेज मामला सोनीपत के मोहाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आया है। घटना के सामने आने के बाद से ही पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को घटना की पूरी क्रूरता और साक्ष्यों के बारे में बताया था, लेकिन पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय अपनी मर्जी से खानापूर्ति वाली कार्रवाई की और परिवार पर अनावश्यक दबाव भी बनाया। एक तरफ यह परिवार अपनी मासूम बच्ची को हमेशा के लिए खोने के असहनीय दर्द और सदमे से गुजर रहा है, तो दूसरी तरफ पुलिस का रवैया उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा साबित हुआ है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि मोहाना थाने के एक पुलिसकर्मी ने बच्ची के पिता से बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक लहजे में बात करते हुए कहा कि तेरी बीवी का चक्कर होगा। इसके अलावा परिवार की एक महिला के साथ भी पुलिसर्किमयों द्वारा बदसलूकी किए जाने की बात सामने आई है, जिसने इस पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

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समाजसेवी की एंट्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से गुहार

अंतिम संस्कार रोके जाने और श्मशान घाट के बाहर शव लेकर बैठे पीड़ित परिवार को समर्थन देने के लिए समाजसेवी देवेंद्र गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने मीडिया और जनता के सामने इस पूरी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यह पीड़ित परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखता है और हरियाणा में रह रहा है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की पुरजोर अपील की है। समाजसेवी और परिजनों की एक ही मांग है कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष जांच हो और बच्ची के साथ-साथ उसके परिवार को समय पर पूरा न्याय मिलना चाहिए ताकि इस क्रूरता के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

पुलिस का पक्ष और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई

दूसरी तरफ बढ़ते विरोध प्रदर्शन और तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी हरकत में आया है। मोहाना थाना प्रभारी बालीराम ने मीडिया को स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित परिवार को पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराने और उचित कानूनी कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल बच्ची के शव को सोनीपत नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है और सुबह के समय परिजनों को समझा-बुझाकर अंतिम संस्कार संपन्न कराया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध आरोपी को हिरासत में भी ले लिया है, जिससे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हत्याकांड में आगे की कानूनी कार्रवाई मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों की राय और पीड़ित परिजनों के आधिकारिक बयानों के आधार पर ही तय की जाएगी।

सवाल-जवाब

सोनीपत में परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से क्यों मना कर दिया?
परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज होकर अंतिम संस्कार करने से इनकार किया, क्योंकि उनका आरोप था कि पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की।
नाबालिग बच्ची का शव किस हालत में मिला था?
परिजनों के मुताबिक बच्ची के हाथ-पैर बंधे हुए थे और उसके शरीर पर कपड़े भी नहीं थे।
यह घटना सोनीपत के किस थाना क्षेत्र की है?
यह पूरी घटना सोनीपत के मोहाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आई है।
इस मामले में कौन सा पीड़ित परिवार के समर्थन में आगे आया?
समाजसेवी देवेंद्र गौतम पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे और उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाया है?
पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है जिससे पूछताछ की जा रही है, और शव को सोनीपत नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
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टिप्पणियाँ 3

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 दिन पहले

इस संवेदनशील मामले में पुलिस पर लगे गंभीर आरोप और पॉक्सो एक्ट जैसी धाराओं के उपयोग में कथित लापरवाही न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सीधा सवालिया निशान खड़े करती है। जब तक वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर मोहाना थाने के आरोपी कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करते और पारदर्शी जांच का भरोसा नहीं दिलाते, तब तक कानून-व्यवस्था की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·3 दिन पहले

एक वरिष्ठ संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि इस तरह के गंभीर मामलों में पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता और शुरुआती लापरवाही केवल स्थानीय रोष को ही नहीं बढ़ाती, बल्कि इसका सीधा असर सामाजिक स्थिरता और निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ता है। जब कानून के रखवाले ही न्याय की प्रक्रिया को बाधित करते हैं और पीड़ित परिवार के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, तो यह शासन प्रणाली की बुनियादी कमज़ोरियों को उजागर करता है। यदि समय रहते उच्चस्तरीय जांच बिठाकर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रशासनिक विफलता समाज में दीर्घकालिक अविश्वास पैदा करेगी, जिससे कॉर्पोरेट और सामाजिक स्तर पर कानून-व्यवस्था की विश्वसनीयता गंभीर रूप से प्रभावित होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·3 दिन पहले

सोनीपत की यह घटना कानून-व्यवस्था और पुलिस के संवेदनहीन रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पॉक्सो एक्ट जैसी कड़ी धाराओं को न जोड़ना और पीड़ित पिता से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है। इस तरह के मामलों में यदि शुरुआती स्तर पर ही पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो जनता का कानून से विश्वास उठना तय है। अब यह देखना होगा कि उच्च प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में क्या त्वरित कार्रवाई करते हैं।

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