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सोनीपत में पिटबुल कुत्ते का खौफ, छह महीने के बच्चे पर बोला हमलाहरियाणा
18 सित॰ 2026, 11:15 am (4 दिन पहले)· 2

सोनीपत में पिटबुल कुत्ते का खौफ, छह महीने के बच्चे पर बोला हमला

हरियाणा के सोनीपत में एक पिटबुल कुत्ते ने छह महीने के बच्चे और उसकी बुआ पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे का इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है और मालिक पर लापरवाही का आरोप है।

हरियाणा के सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक खतरनाक पिटबुल कुत्ते ने छह महीने के मासूम बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। यह पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके फुटेज अब सामने आए हैं। हमले की इस अचानक हुई घटना में मासूम और उसकी बुआ दोनों घायल हो गए हैं। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है और कुत्ते के मालिक के रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटना का विवरण और सीसीटीवी फुटेज

प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चे की बुआ उसे अपनी गोद में उठाकर सिक्का कॉलोनी की एक गली से गुजर रही थी। तभी अचानक से पिटबुल नस्ल का कुत्ता वहां आया और सीधे बच्चे की तरफ दौड़ पड़ा। कुत्ते ने बिना किसी चेतावनी के मासूम पर जोरदार झपट्टा मार दिया। इस भयावह हमले के दौरान कुत्ता बच्चे को बुरी तरह दबोच लेता है। बच्चे की बुआ ने हिम्मत दिखाते हुए मासूम को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गुस्से में आ चुके कुत्ते ने बुआ पर भी हमला कर दिया और उन्हें भी चोट पहुंचाई।

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अस्पताल में इलाज और गंभीर चोटें

पिटबुल के इस हमले में छह महीने का बच्चा बुरी तरह से जख्मी हो गया। परिजन तुरंत बच्चे को लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे, जहां से उसकी गंभीर हालत को भांपते हुए डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। बच्चे की दादी निर्मला ने इस पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कुत्ते ने बच्चे के चेहरे और पेट को बुरी तरह से नोच डाला है। दादी ने यह भी आरोप लगाया कि इस कुत्ते ने पहले भी परिवार की अन्य बच्चियों को काटा है। वर्तमान में पूरा परिवार बच्चे के इलाज में जुटा हुआ है और उनकी प्राथमिकता मासूम की जान बचाना है।

मालिक की लापरवाही और पुलिस कार्रवाई

इस वीभत्स घटना के सामने आने के बाद कुत्ते के मालिक की जवाबदेही को लेकर बड़े सवाल उठने लगे हैं। क्या पिटबुल जैसे आक्रामक और खतरनाक नस्ल के कुत्तों को पालने के लिए बनाए गए नियमों का पालन किया जा रहा था? बच्चे की दादी ने यह भी दावा किया कि कुत्ते के मालिक ने इलाज का खर्च उठाने से साफ इनकार कर दिया है। परिवार ने चेतावनी दी है कि बच्चे के ठीक होने या इलाज के दौरान अगर मालिक ने सहयोग नहीं किया, तो वे पुलिस में इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे। हालांकि, अभी तक परिजनों की तरफ से पुलिस को कोई भी लिखित शिकायत नहीं दी गई है, और सारा ध्यान बच्चे के इलाज पर केंद्रित है।

सवाल-जवाब

यह घटना कहाँ हुई?
यह घटना हरियाणा के सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में हुई।
बच्चे की उम्र कितनी है?
घायल होने वाला मासूम बच्चा छह महीने का है।
बच्चे का इलाज कहाँ चल रहा है?
गंभीर रूप से घायल बच्चे का इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है।
कुत्ते ने किस पर हमला किया?
कुत्ते ने छह महीने के बच्चे और उसे गोद में लेकर जा रही उसकी बुआ पर हमला किया।
क्या पुलिस में कोई शिकायत दी गई है?
फिलहाल परिजनों की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 दिन पहले

गंभीर आपराधिक लापरवाही का यह मामला केवल इलाज के खर्च या आपसी समझौते तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से, पुलिस को केवल लिखित शिकायत का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि अस्पताल की मेडिकल-लीगल रिपोर्ट (MLC) और उपलब्ध सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर पशु के प्रति लापरवाही की धाराओं के तहत स्वतः संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे मामलों में आक्रामक नस्लों के कुत्तों के पंजीकरण और आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन पर ठोस कानूनी कदम उठाना बेहद जरूरी है।

Rohan Verma@rohan-verma·3 दिन पहले

करण की बात बिल्कुल सही है। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ इसमें स्थानीय निकाय (नगर निगम) की प्रशासनिक विफलता और नीतिगत खामियों को रेखांकित करना भी जरूरी है। रिहायशी इलाकों में पिटबुल जैसी आक्रामक नस्लों को बिना किसी अनिवार्य पंजीकरण, लाइसेंस और सुरक्षा नियमों (जैसे मोज़ल) के पालने पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है? जब तक नागरिक प्रशासन अवैध रूप से खतरनाक नस्लें पालने वालों पर भारी जुर्माना और जब्ती जैसे सख्त कदम नहीं उठाएगा, तब तक कॉलोनियों में सार्वजनिक सुरक्षा केवल कागजों तक ही सीमित रहेगी।

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