चीन में 90 साल की महिला 20 वर्ष तक जिंदा हैंड ग्रेनेड से तोड़ती रही अखरोट, मजदूर ने देख पुलिस को दी सूचनाबेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शनत्वचा को चमकदार और टाइट बनाने के लिए घर पर तैयार करें चावल के मांड की नेचुरल कोलेजन क्रीम, जानें आसान तरीकाशादियों की विदाई में आज भी छाया रहता है 1989 का क्लासिक ट्रैक, 37 सालों से कायम है पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती के इस इमोशनल गाने की जगहअपने जन्मदिन पर हुमा कुरैशी ने दिया सरप्राइज, महारानी सीजन 5 की शूटिंग का किया आधिकारिक ऐलानआईआईटी दिल्ली और एम्स का नया कारनामा, संगीत के जरिए स्ट्रोक मरीजों की बोलती बंद होने की बीमारी का निकाला इलाजलोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बातसांवली रंगत को और निखारेंगे ये 5 बेहतरीन लिपस्टिक शेड्स, हर मौके के लिए चुनें सही रंगपलक तिवारी से जुड़े सवाल पर राजा चौधरी का बड़ा खुलासा, 18 साल में सिर्फ दो-तीन बार हुई बातदिवंगत अभिनेता देवानंद की संतान सुनील आनंद नहीं रहे, 70 वर्ष की आयु में कार्डिएक अरेस्ट से लंदन में हुआ निधन
सुल्तानपुर के ऐतिहासिक परगने: मुगल काल से ब्रिटिश राज तक का सफर और उनकी वर्तमान प्रासंगिकताभारत
19 जून 2026, 10:59 am (40 दिन पहले)· 3

सुल्तानपुर के ऐतिहासिक परगने: मुगल काल से ब्रिटिश राज तक का सफर और उनकी वर्तमान प्रासंगिकता

सुल्तानपुर में एक समय 12 परगने थे, जो अब राजस्व अभिलेखों में 'मोहाल' या 'इलाका' के रूप में जाने जाते हैं। 'परगना' शब्द का प्रयोग 12वीं शताब्दी में शुरू हुआ और ब्रिटिश शासन के दौरान इन प्रशासनिक इकाइयों में महत्वपूर्ण भौगोलिक परिवर्तन किए गए।

सुल्तानपुर का क्षेत्र, अपने भौगोलिक दायरे से कहीं बढ़कर, प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत के कई महत्वपूर्ण राजवंशों और शख्सियतों से जुड़ा रहा है। यह जिला, जो भारतीय इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराने वाले कई ऐतिहासिक घटनाक्रमों का साक्षी रहा है, कभी 12 प्रशासनिक इकाइयों, जिन्हें 'परगना' कहा जाता था, में बंटा हुआ था। 'परगना' शब्द, जिसका आज भी राजस्व अभिलेखों में 'मोहाल' या 'इलाके' के रूप में इस्तेमाल होता है, इस क्षेत्र की समृद्ध प्रशासनिक विरासत का एक अहम हिस्सा है।

'परगना' शब्द की उत्पत्ति और प्रारंभिक उपयोग

'परगना' शब्द की उत्पत्ति 12वीं शताब्दी में हुई थी, और इसे पहली बार Abul Fazal के लेखन में उल्लेखित पाया जाता है। इतिहासकार Rajeshwar Singh ने अपनी पुस्तक 'सुल्तानपुर इतिहास की झलक' के पृष्ठ 33 पर इस बात का जिक्र किया है कि 'परगना' का प्रयोग भूमिकर के भुगतान के संदर्भ में सबसे पहले 1210 ईस्वी में किया गया था। C.A. Elliot ने अपनी 'Unnao Chronicle' में यह भी बताया है कि Shihabuddin Ghori के शासनकाल के दौरान इस शब्द का पहली बार इस्तेमाल हुआ। Dr. W. Oldam ने भी इस तथ्य को पुष्ट किया है कि प्रारंभिक मुस्लिम काल में, यह शब्द जंगलों के बीच जोती गई भूमि के निश्चित भूभागों के लिए इस्तेमाल होता था, जिन पर अक्सर विशिष्ट वंशों और जातियों का अधिकार होता था। साधारण शब्दों में कहें तो, प्राचीन परगने आज की तहसीलों के समान थे; जिस प्रकार आज एक जनपद में कई तहसीलें होती हैं, उसी तरह मुस्लिम काल में कई परगने हुआ करते थे।

ये भी पढ़ें

ब्रिटिश शासन के दौरान परगनों का पुनर्गठन

वरिष्ठ पत्रकार Vikram Brijendra Singh ने TrendKia को बताया कि 1869 से पहले, Sultanpur में कुल 12 परगने मौजूद थे। हालांकि, जब अंग्रेजों ने सत्ता का अधिग्रहण किया, तो Sultanpur और आसपास के जिलों की प्रशासनिक सीमाओं का एक व्यापक पुनर्गठन किया गया। इस पुनर्गठन के तहत, Isouli, Barosa और Aldemau जैसे परगनों को Faizabad से अलग कर Sultanpur में शामिल कर दिया गया। इसके विपरीत, Inhauna, Jaish, Simrauta, Mohanlalganj और Subiha जैसे परगनों को Sultanpur से निकालकर पड़ोसी जिलों में मिला दिया गया। ये ऐतिहासिक तथ्य और भौगोलिक परिवर्तन उस दौर की सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

राजस्व प्रशासन में 'परगना' की निरंतर प्रासंगिकता

आज भले ही देश में मुगलकालीन राजनीतिक व्यवस्था प्रभावी न हो, लेकिन उसकी प्रशासनिक और भाषाई विरासत अभी भी भारतीय शासन प्रणाली में कायम है। कई जिलों में राजस्व से संबंधित कामकाज में आज भी अरबी और फारसी के शब्द, जो मुगल दरबार की भाषा का हिस्सा थे, इस्तेमाल किए जाते हैं। इसी ऐतिहासिक परंपरा के तहत, 'परगना' शब्द आज भी भारतीय राजस्व अभिलेखों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है, जो उस समय के प्रशासनिक विभाजनों और उनके दीर्घकालिक प्रभावों की याद दिलाता है।

सवाल-जवाब

'परगना' शब्द का क्या अर्थ है?
'परगना' का अर्थ एक निश्चित भूभाग या इलाका होता है, जिसे राजस्व अभिलेखों में 'मोहाल' भी कहा जाता है।
'परगना' शब्द का प्रयोग कब शुरू हुआ?
'परगना' शब्द का प्रयोग 12वीं शताब्दी में शुरू हुआ और यह पहली बार Abul Fazal के लेखन में पाया गया।
ब्रिटिश काल में Sultanpur के परगनों में क्या बदलाव हुए?
ब्रिटिश शासन ने Sultanpur और आसपास के जिलों की सीमाओं का पुनर्गठन किया, जिसमें कुछ परगने जोड़े गए और कुछ हटाए गए।
कौन से परगने Faizabad से Sultanpur में जोड़े गए?
Isouli, Barosa और Aldemau परगनों को Faizabad से अलग कर Sultanpur में शामिल किया गया था।
Sultanpur से कौन से परगने हटाकर पड़ोसी जिलों में मिलाए गए?
Inhauna, Jaish, Simrauta, Mohanlalganj और Subiha परगनों को Sultanpur से हटाकर पड़ोसी जिलों में मिला दिया गया था।
आज भी 'परगना' शब्द का उपयोग कहाँ होता है?
आज भी 'परगना' शब्द का उपयोग भारतीय राजस्व अभिलेखों में किया जाता है, खासकर भूमि से जुड़े दस्तावेजों में।
'परगना' की तुलना आधुनिक प्रशासनिक इकाई से कैसे की जा सकती है?
सरल शब्दों में, प्राचीन परगने आज की तहसीलों के समान थे, जो एक बड़े जिले के भीतर एक उप-विभागीय प्रशासनिक इकाई के रूप में कार्य करते थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR