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स्वतंत्रता दिवस पर नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान, 1 साल में 1 करोड़ युवाओं को मिलेगी AI ट्रेनिंगभारत
15 अग॰ 2026, 11:02 am (1 दिन पहले)· 0

स्वतंत्रता दिवस पर नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान, 1 साल में 1 करोड़ युवाओं को मिलेगी AI ट्रेनिंग

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए एक बड़े राष्ट्रीय कौशल विकास अभियान की घोषणा की है, जिसके तहत अगले 12 महीनों में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पूरा देश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के उज्ज्वल भविष्य और तकनीकी प्रगति के लिए कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखीं। ध्वजारोहण, राष्ट्रगान की गूंज और 21 तोपों की भव्य सलामी के बाद जब प्रधानमंत्री ने देश की युवा पीढ़ी को संबोधित करना शुरू किया, तो पूरे देश का ध्यान उनके संदेश पर केंद्रित हो गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण की सबसे मजबूत नींव हमारी युवा शक्ति ही है। इसी सोच के साथ उन्होंने युवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए एक ऐतिहासिक योजना का ऐलान किया।

1 साल में 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल का मास्टरप्लान

बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला समय पूरी तरह से नई तकनीकों पर आधारित होगा। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि अगले 1 साल के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह विशाल अभियान केवल एक सामान्य सरकारी योजना नहीं है, बल्कि भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का एक दूरदर्शी विजन है। इसका उद्देश्य देश के हर कोने में मौजूद प्रतिभाओं को आधुनिक डिजिटल टूल्स और तकनीकों से परिचित कराना है ताकि वे नए युग की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को ढाल सकें।

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किन युवाओं को मिलेगा इस अभियान का लाभ?

इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दायरा बेहद व्यापक रखा गया है। सरकार की योजना के अनुसार, स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों से लेकर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के छात्रों और नए करियर की शुरुआत कर रहे युवा प्रोफेशन्ल्स को इसमें शामिल किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को AI टूल्स की बुनियादी समझ से लेकर उनके व्यावहारिक प्रयोग की गहराई से जानकारी दी जाएगी। सरकार का यह प्रयास सुनिश्चित करेगा कि हमारी युवा आबादी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि उद्योग की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से हुनरमंद बने।

रोजगार और करियर विकास पर सकारात्मक प्रभाव

इस वृहद स्किलिंग प्रोग्राम से युवाओं के करियर और रोजगार के अवसरों पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं

  • रोजगार योग्य कौशल: उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद युवाओं को बाजार की मांग को लेकर असमंजस में नहीं रहना पड़ेगा। AI की बुनियादी और एडवांस्ड जानकारी उन्हें तुरंत रोजगार के योग्य बनाएगी।
  • सुरक्षित और भविष्य-उन्मुख करियर: आने वाले समय में उन क्षेत्रों में नौकरियों के सबसे अधिक अवसर पैदा होंगे जहां तकनीक का इस्तेमाल होता है। यह ट्रेनिंग युवाओं के करियर को लंबे समय के लिए सुरक्षित और मजबूत बनाएगी।
  • छोटे शहरों तक तकनीक की पहुंच: इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। देश के छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं तक भी AI की शिक्षा और संसाधन पहुंचाए जाएंगे।

भारत बनेगा दुनिया का ग्लोबल AI स्किल हब

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत की विशाल युवा आबादी पूरी दुनिया के लिए एक विशिष्ट ताकत है। वर्तमान समय में जहां दुनिया के कई विकसित देश घटती युवा कार्यबल की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं भारत का हर युवा अत्याधुनिक तकनीक से सशक्त होगा। 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग देने का सीधा अर्थ है कि भारत न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि दुनिया भर के उद्योगों के लिए कुशल टेक-विशेषज्ञों की आपूर्ति भी करेगा। यह कदम भारत को दुनिया की 'ग्लोबल AI कैपिटल' के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

विकसित भारत 2047 की दिशा में मजबूत कदम

15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर लाल किले से किया गया यह ऐतिहासिक ऐलान देश के उन लाखों-करोड़ों युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। अब पारंपरिक शिक्षा प्रणालियों और रटने की पुरानी पद्धतियों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करने का समय आ गया है। यदि देश के 1 करोड़ युवा समय रहते AI की व्यावहारिक समझ हासिल कर आगे बढ़ते हैं, तो 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का राष्ट्रीय संकल्प निश्चित रूप से सिद्ध होगा।

सवाल-जवाब

स्वतंत्रता दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस मुख्य योजना का ऐलान किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले एक साल के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की प्रैक्टिकल स्किल ट्रेनिंग देने का ऐलान किया।
इस AI स्किलिंग प्रोग्राम से किन युवाओं को लाभ मिलेगा?
यह ट्रेनिंग प्रोग्राम स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई (ITI) के छात्रों से लेकर नए वर्किंग प्रोफेशन्ल्स तक के लिए तैयार किया गया है।
क्या यह AI ट्रेनिंग केवल मेट्रो शहरों तक सीमित रहेगी?
नहीं, सरकार इस अभियान को छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों के युवाओं तक भी पहुंचाएगी ताकि सभी को समान अवसर मिल सकें।
1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग देने का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इसका मुख्य लक्ष्य भारतीय युवाओं को जॉब-रेडी बनाना, करियर को फ्यूचर-प्रूफ करना और भारत को दुनिया का 'ग्लोबल AI स्किल हब' बनाना है।
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