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स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में चला बड़ा ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने ISI के शहजाद भट्टी नेटवर्क को किया ध्वस्त, 200 से अधिक संदिग्ध गिरफ्तारबिहार
19 अग॰ 2026, 12:03 am (37 दिन पहले)· 3

स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में चला बड़ा ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने ISI के शहजाद भट्टी नेटवर्क को किया ध्वस्त, 200 से अधिक संदिग्ध गिरफ्तार

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े शहजाद भट्टी आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। देर रात तक निगरानी के बाद चलाए गए इस व्यापक ऑपरेशन में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया और 200 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।

देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह को दहलाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में फैले एक व्यापक आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। संसद सत्र के दौरान राजनीतिक खींचतान और बयानों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देर रात तक सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें कीं। इस संयुक्त अभियान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा संचालित शहजाद भट्टी नेटवर्क के 200 से अधिक संदिग्ध ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया गया है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा टल गया।

संसद के हंगामे के बीच देर रात तैयार हुई सुरक्षा रणनीति

संसद सत्र के दौरान जब जंतर मंतर पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल इंडी गठबंधन के नेता राहुल गांधी और अन्य सदस्य सरकार पर हमलावर थे, उसी समय शीर्ष नेतृत्व देश को संभावित आतंकी खतरे से बचाने में लगा हुआ था। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन के भीतर ही गृह सचिव, IB प्रमुख और RAW प्रमुख के साथ देर रात तक मैराथन बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व से पहले देश की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाना और खुफिया इनपुट के आधार पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना था। गृह मंत्री ने इस पूरे ऑपरेशन की मिनट टू मिनट निगरानी की।

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14 राज्यों में एक साथ छापेमारी और 200 से अधिक गिरफ्तारियां

खुफिया जानकारी के आधार पर 14 राज्यों में एक रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम के तहत एक साथ छापेमारी की गई। इस राष्ट्रव्यापी साझा अभियान में विभिन्न स्थानों से कुल 253 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। गहन पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 80 से अधिक FIR दर्ज कीं और ISI से संबंध रखने वाले 200 से अधिक संदिग्ध ऑपरेटिव्स को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

राज्यवार आंकड़े: कहां से पकड़े गए कितने संदिग्ध

इस आतंकी नेटवर्क की जड़ें देश के कई हिस्सों में फैली हुई थीं। सुरक्षा बलों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 62 संदिग्ध पकड़े गए। इसके अलावा हरियाणा से 52, दिल्ली से 51, पंजाब से 44 और राजस्थान से 15 संदिग्धों को दबोचा गया। पश्चिमी और उत्तरी राज्यों में महाराष्ट्र से 8 और उत्तराखंड से 5 संदिग्ध गिरफ्तार हुए। वहीं कर्नाटक, गुजरात और बिहार से 3-3 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और केरल से 2-2 संदिग्धों को गिरफ्तार कर नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई।

शहजाद भट्टी नेटवर्क का मॉडल और सोशल मीडिया से भर्ती

जांच में यह बात सामने आई है कि खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने वाला शहजाद भट्टी असल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का एक प्रमुख मोहरा है। उसने इस्लामाबाद में एक अवैध कॉल सेंटर स्थापित कर रखा था, जहां से उसके गुर्गे भारतीय युवाओं को निशाना बनाते थे। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर युवाओं की प्रोफाइल जांचने के बाद निजी चैट के माध्यम से संपर्क साधा जाता था। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उन्हें शहजाद भट्टी के हैंडलर्स से जोड़ा जाता था। शुरुआती चरण में युवाओं से किसी स्थान की रेकी करने या तस्वीरें और वीडियो भेजने जैसे छोटे काम करवाए जाते थे, जिसके बाद उन्हें बड़े आतंकी कृत्यों के लिए तैयार किया जाता था।

विस्फोटक, ग्रेनेड और जासूसी उपकरणों की बरामदगी

गिरफ्तार किए गए आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में घातक हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। बरामद सामान में तैयार IED और पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के आधिकारिक निशानों वाले हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कई अत्याधुनिक पिस्तौलें और बड़ी संख्या में कारतूस भी मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्धों के पास से सीसीटीवी कैमरे भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग संवेदनशील प्रतिष्ठानों की जासूसी और रेकी के लिए किया जा रहा था।

जीरो टॉलरेंस नीति, पाकिस्तान की बौखलाहट और भारत का करारा जवाब

सफलतापूर्वक ऑपरेशन पूरा होने और स्वतंत्रता दिवस के निर्विघ्न समापन के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने विवरण साझा करते हुए कहा कि सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। इस भंडाफोड़ से तिलमिलाए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर आरोपों को खारिज किया और इसे भारत का अंदरूनी राजनीति से ध्यान हटाने का प्रयास बताया। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत पलटवार करते हुए साफ कर दिया कि देश की संप्रभुता की रक्षा और आतंकवाद के पूरी तरह सफाए के लिए ऐसे सख्त अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।

सवाल-जवाब

सुरक्षा बलों ने किस आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया?
सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित शहजाद भट्टी आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
इस देशव्यापी ऑपरेशन में कितने संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया?
अभियान के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद 80 से अधिक FIR दर्ज कर 200 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
यह ऑपरेशन कितने राज्यों में चलाया गया था?
यह संयुक्त सुरक्षा ऑपरेशन भारत के 14 राज्यों में एक साथ रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग के आधार पर चलाया गया।
आतंकियों से किस तरह के हथियार और विस्फोटक बरामद हुए?
संदिग्धों के पास से IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, गोलियां और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे बरामद किए गए।
इस मामले पर पाकिस्तान और भारत के विदेश मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया रही?
पाकिस्तान ने आरोपों को खारिज किया, जबकि भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद और आतंकियों के सफाए के लिए ऐसे ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·37 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि कैसे सोशल मीडिया का उपयोग आधुनिक दौर में वैचारिक कट्टरता और आतंकवाद फैलाने के लिए किया जा रहा है। शहजाद भट्टी जैसे तत्वों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को निशाना बनाना चिंताजनक है, जो आधुनिक जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा प्रहार है। ऐसे में डिजिटल स्पेस की सुरक्षा और युवाओं के बीच डिजिटल साक्षरता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो गया है, ताकि वे इस प्रकार के मनोवैज्ञानिक षड्यंत्रों से सुरक्षित रह सकें।

Ravikash Gupta@ravikash·37 दिन पहले

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले 14 राज्यों में एक साथ चलाए गए इस सफल ऑपरेशन से यह स्पष्ट है कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां किस स्तर की समन्वित सतर्कता बरत रही हैं। भू-राजनीतिक तनाव और सीमा पार से डिजिटल माध्यमों के जरिए फैलाए जा रहे इस तरह के आतंकी नेटवर्क के आर्थिक और वित्तीय स्रोतों पर भी गहरी चोट करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों और सोशल मीडिया रिक्रूटमेंट के मॉडल्स को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·37 दिन पहले

यह ऑपरेशन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि कैसे पाकिस्तान समर्थित तत्व अब सीधे हथियारों के बजाय सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को रिक्रूटमेंट का जरिया बना रहे हैं। भू-राजनीतिक मोर्चे पर पड़ोसी देश की ओर से लगातार जारी छद्म युद्ध का मुकाबला करने के लिए केवल जमीनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि साइबर स्पेस और वर्चुअल इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन को भी उतना ही मजबूत करना होगा ताकि ऐसे डिजिटल मॉड्यूल्स को जड़ से समाप्त किया जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·37 दिन पहले

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले 14 राज्यों में एक साथ चलाया गया यह बड़ा अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। इस ऑपरेशन में उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 62 संदिग्धों की गिरफ्तारी यह रेखांकित करती है कि पश्चिमी और उत्तर भारत सीमावर्ती राज्यों के साथ-साथ भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यधिक संवेदनशील बने हुए हैं। शहजाद भट्टी नेटवर्क द्वारा सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को निशाना बनाना और फर्जी कॉल सेंटर चलाना इस बात का प्रमाण है कि साइबर स्पेस अब आतंकवादियों का मुख्य भर्ती केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में केंद्रीय और राज्य की कानून-निवारक एजेंसियों को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और कट्टरपंथ के खिलाफ अपनी डिजिटल निगरानी को और अधिक सख्त करना होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 दिन पहले

यह ऑपरेशन स्पष्ट करता है कि सीमा पार की खुफिया एजेंसियां अब पारंपरिक घुसपैठ से हटकर साइबर स्पेस और सोशल मीडिया के जरिए घरेलू मोहरों का इस्तेमाल कर रही हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में सबसे अधिक गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि शहरी इलाकों में स्लीपर सेल का दायरा बढ़ रहा है। आने वाले समय में अदालती मुकदमों के दौरान इन डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय ट्रेल को साबित करना जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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