राजस्थान के बीकानेर जिले में देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 62 पर महाजन और लालेरा के बीच सफर कर रही एक निजी स्लीपर बस अचानक आग की भीषण लपटों से घिर गई। रात के सन्नाटे में जब अधिकांश मुसाफिर गहरी नींद में थे, तभी वाहन के भीतर धुआं भरने लगा। चालक दल और सवारियों की त्वरित सूझबूझ के चलते एक बड़ा अनहोनी टल गई और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
देर रात दो बजे हाईवे पर मची अफरातफरी
यह घटना रात करीब दो बजे घटी जब बस नेशनल हाईवे 62 से गुजर रही थी। यह स्लीपर बस जोधपुर से अपनी यात्रा शुरू करके श्रीगंगानगर की तरफ आगे बढ़ रही थी। महाजन कस्बे को पार करने के बाद लालेरा के समीप अचानक बस के पिछले हिस्से अथवा इंजन की तरफ से घना काला धुआं उठना शुरू हुआ। देखते ही देखते कुछ ही सेकंडों में यह धुआं विकराल लपटों में तब्दील हो गया, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों में भी हड़कंप मच गया।
गहरी नींद से जागे यात्रियों का साहसिक बचाव
हादसे के वक्त अधिकांश यात्री सो रहे थे, लेकिन धुएं की गंध और केबिन में बढ़ती गर्मी ने लोगों को सतर्क कर दिया। खतरे का आभास होते ही बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। चालक ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए वाहन को सड़क किनारे रोका और दरवाजे खोल दिए। कई मुसाफिरों ने बिना समय गंवाए खिड़कियों और आपातकालीन रास्तों से बाहर छलांग लगाई। अफरातफरी के इस माहौल के बावजूद किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए।
पूरी तरह जलकर खाक हुई बस
लपटों की तीव्रता इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरी बस आग के विशाल गोले में तब्दील हो गई। जब तक मदद के साधन जुटते और आग बुझाने की कोशिश की जाती, तब तक बस का अधिकांश हिस्सा स्वाहा हो चुका था। आग ठंडी होने के बाद मौके पर केवल लोहे का जला हुआ ढांचा ही शेष बचा। इस भीषण अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति के हताहत न होने से स्थानीय प्रशासन और यात्रियों के परिजनों ने बड़ी राहत महसूस की है।

















