जयपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में स्थानीय सरकार चुनने की सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के पहले चरण के तहत 22 अक्टूबर को मतदान संपन्न कराया जाएगा। इस लोकतांत्रिक उत्सव में ग्रामीण जनता जिला परिषद और पंचायत समिति के प्रतिनिधियों का चयन करने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंचेगी। प्रशासन ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर से मतदान दलों को चुनावी सामग्री, सुरक्षा दस्ते और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ उनके गंतव्यों की ओर रवाना किया गया है।
प्रशासनिक सतर्कता और मतदान दलों का मोर्चा
मतदान से पूर्व की व्यवस्थाओं को परखने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने स्वयं भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज पहुंचकर जमीनी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि पूरी चुनावी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील और सामान्य केंद्रों पर सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती की गई है। मतदान दलों के सभी कार्मिकों को लगातार पांच दिन और चार रात अपने आवंटित कार्यक्षेत्रों में ही डटे रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि मतदान से लेकर मतगणना और आगामी चरणों की प्रक्रियाओं को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया जा सके।
मतदाताओं का गणित और पंचायत समिति वार विवरण
जिले के पहले चरण में कुल 797 मतदान केंद्रों पर 7,43,640 ग्रामीण नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके तहत आठ पंचायत समितियों के 146 वार्डों तथा जिला परिषद के 22 वार्डों में प्रतिनिधियों का फैसला होगा। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में मतदाताओं और मतदान केंद्रों का स्वरूप इस प्रकार व्यवस्थित किया गया है
- चौमूं पंचायत समिति: इस क्षेत्र के 25 वार्डों में सबसे अधिक 1,38,595 मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे, जिसके लिए 144 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
- गोविंदगढ़ पंचायत समिति: यहां के 19 वार्डों के लिए 103 पोलिंग बूथ तैयार किए गए हैं, जहां 1,01,878 पंजीकृत ग्रामीण वोट डालेंगे।
- किशनगढ़ रेनवाल पंचायत समिति: कुल 19 वार्डों में फैले 1,00,152 मतदाता 109 मतदान केंद्रों पर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
- मौजमाबाद पंचायत समिति: इस समिति के 17 वार्डों के 93,950 मतदाताओं के लिए कुल 96 मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
- जोबनेर पंचायत समिति: यहां 19 वार्डों के तहत 107 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 93,576 नागरिक वोट देंगे।
- सांभर पंचायत समिति: कुल 17 वार्डों में 90,508 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जिनके लिए 101 केंद्र बनाए गए हैं।
- दूदू पंचायत समिति: यहां 15 वार्डों में 75 मतदान केंद्र स्थापित हैं, जहां 66,333 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे।
- झोटवाड़ा पंचायत समिति: इस इलाके के 15 वार्डों में 62 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 58,648 मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।
चुनाव कार्यक्रम और मतगणना की पूरी रूपरेखा
निर्वाचन आयोग की तय समय सारिणी के मुताबिक 22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। यह पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम (EVM) के जरिए संपन्न कराई जाएगी। इसके तुरंत बाद जमीनी स्तर पर ग्राम पंचायतों का चुनावी चक्र शुरू होगा। 23 अक्टूबर को ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए नामांकन पत्र जमा किए जाएंगे। इसके बाद 24 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतपत्रों के माध्यम से सरपंच और पंच पदों के लिए ग्रामीण वोट डालेंगे।
अगले पड़ाव में 25 अक्टूबर को उपसरपंच पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। इस तरह मतदान कर्मी ईवीएम और मतपत्र दोनों माध्यमों से पूरी चुनावी प्रक्रिया को सिरे चढ़ाएंगे। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए डाले गए वोटों की गणना तुरंत नहीं होगी। सभी चरणों के पूरा होने के बाद 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर में एक साथ मतगणना का कार्य शुरू किया जाएगा।


















