उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहां कानून के शिकंजे से बचने के लिए एक शातिर महिला ने अपराध की दुनिया में बड़ा कदम उठाया। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के सख्त निर्देशों के बाद, बजरिया थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक स्थानीय ठिकाने पर अचानक कार्रवाई की। इस बड़ी छापामार कार्रवाई से स्थानीय अपराधियों में हड़कंप मच गया और अवैध धंधे चलाने वालों की नींद उड़ गई।
चाय की दुकान की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार
कंघीमोहाल इलाके में एक साधारण सी चाय की दुकान चलाने वाली शबनम बेगम उर्फ चच्ची इस पूरे नेक्सेस का संचालन कर रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शबनम का पति जीवित नहीं है और कुछ समय पहले ही उसके करीबी रियाज उर्फ खटोला को पुलिस ने एक किलो चरस और एक अवैध पिस्टल के साथ दबोच लिया था। रियाज के सलाखों के पीछे पहुंचते ही शबनम ने उसकी जगह ले ली और इस काले कारोबार की कमान खुद अपने हाथों में संभाल ली, ताकि धंधा बंद न हो सके।
नेपाल से होती थी तस्करी और ऐसे होती थी सप्लाई
यह पूरा नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से संचालित किया जा रहा था। शबनम जेल गए रियाज के एक खास सहयोगी सईद के माध्यम से पड़ोसी देश नेपाल से भारी मात्रा में चरस की खेप मंगाती थी। इसके बाद, वह अपने अन्य गुर्गों जैसे शराफत और साथियों की सहायता से इस नशीले पदार्थ को शहर के विभिन्न इलाकों, शैक्षणिक संस्थानों और बस्तियों तक पहुँचाती थी। चाय की दुकान की आड़ में ग्राहकों से मिलना-जुलना और सौदेबाजी करना बेहद आसान हो गया था, जिससे किसी को शक नहीं होता था।
एलपीजी सिलेंडर के अंदर छिपाकर रखा गया था माल
मंगलवार देर रात जब पुलिस ने शबनम के घर पर धावा बोला, तो तलाशी के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए। शातिर महिला ने पुलिस को चकमा देने के लिए एक नायाब तरीका निकाला था। उसने रसोई में उपयोग होने वाले एक खाली एलपीजी सिलेंडर को अंदर से काटकर उसमें काले रंग की पॉलीथिन में लपेटकर चरस के चार पैकेट छिपा रखे थे। पुलिस ने जब सिलेंडर की तलाशी ली, तो कुल 3.131 किलोग्राम वजनी चरस बरामद हुई, जिसकी बाजार में भारी कीमत आंकी जा रही है।
प्रेमी को जेल से बाहर निकालने के लिए जुटा रही थी रकम
पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने एक हैरान करने वाला मोटिव सामने आया। शबनम इस गैरकानूनी धंधे से होने वाली एक-एक पाई को जोड़कर अपने प्रेमी रियाज उर्फ खटोला के लिए फंड जुटा रही थी। उसका मुख्य उद्देश्य इस अवैध कमाई के पैसों से महंगे वकीलों की व्यवस्था करना और रियाज को अदालत से जमानत दिलवाकर जेल से बाहर निकालना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नेपाल से माल सप्लाई करने वाले और शहर के अन्य तस्करों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।



















