आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया की दिग्गज कंपनी ओपनएआई ने अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करते हुए एक नए फंडिंग राउंड के तहत 11 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि हासिल कर ली है। इस ताज़ा निवेश के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन 1.25 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यह बड़ा वित्तीय विकास ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक स्तर पर एआई तकनीक और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे को लेकर बाजार में सुगबुगाहट तेज है।
अभी और निवेश आने की है उम्मीद
यह 11 अरब डॉलर की राशि एक बहुत बड़े फंडिंग अभियान का हिस्सा है, जो फिलहाल पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है। मामले की अंदरूनी जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि यह प्रक्रिया आने वाले कुछ हफ्तों में पूरी होने की संभावना है। इस फंडिंग राउंड के पूरी तरह से संपन्न होने पर कुल राशि करीब 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। इससे पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में यह जानकारी सामने आई थी कि कंपनी इस आगामी दौर में कुल 30 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, हालांकि मौजूदा आंकड़े उस बड़े लक्ष्य से अभी कुछ पीछे चल रहे हैं।
प्रतिकस्पर्धी कंपनियों के मूल्यांकन पर भी असर
इस बीच, उद्योग जगत में अन्य प्रमुख खिलाड़ियों की स्थिति में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। ओपनएआई की मुख्य प्रतिस्पर्धी कंपनी एंथ्रोपिक के संभावित आईपीओ को लेकर शेयर खरीदारों का रुख कुछ बदला हुआ नजर आ रहा है। कुछ संभावित खरीदारों का मानना है कि एंथ्रोपिक का मूल्यांकन गिरकर 1.1 ट्रिलियन डॉलर तक आ सकता है, जबकि महज एक महीने पहले तक निवेशकों को इसके 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद थी। बाजार में इस तरह के उतार-चढ़ाव निवेशकों के बदलते मिजाज को दर्शाते हैं।
आईपीओ की योजना और बाजार का माहौल
ओपनएआई ने पहले संकेत दिए थे कि वह इसी साल शेयर बाजार में उतरने यानी आईपीओ लाने की योजना बना रही है, लेकिन बाद में इन योजनाओं को टाल दिया गया। अब यह उम्मीद की जा रही है कि कंपनी अगले साल किसी समय अपना आईपीओ लेकर आ सकती है। वहीं दूसरी ओर, व्यापक एआई बाजार फिलहाल एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत और डेटा केंद्रों को लेकर मतदाताओं की नकारात्मक भावनाओं ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे निवेशकों को भविष्य में विनियामक यानी रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करने की आशंका सता रही है।


















