राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मयूर विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिलोकपुरी में एक 17 वर्षीय किशोर पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। खून से लथपथ हालत में पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार अब किशोर की हालत खतरे से बाहर और स्थिर बनी हुई है। मामले की जांच में जुटी स्थानीय पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह हिंसक वारदात पड़ोस के लड़कों के बीच पुरानी आपसी रंजिश का परिणाम है और हमलावर भी नाबालिग हैं।
रात के वक्त मिली थी पीसीआर कॉल, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
यह सनसनीखेज वारदात 23 सितंबर 2026 की रात लगभग 9:30 बजे घटित हुई। मयूर विहार पुलिस स्टेशन को त्रिलोकपुरी के 30 ब्लॉक में एक लड़के को चाकू मारे जाने के संबंध में पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही मयूर विहार के एसएचओ और स्थानीय पुलिस बल बिना देरी किए एलबीएस अस्पताल पहुंचे। वहां पुलिस टीम को 17 वर्षीय पीड़ित उपचाराधीन मिला। डॉक्टरों ने प्राथमिक देखभाल के उपरांत किशोर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर स्थानांतरित कर दिया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
पुलिस का बयान: सांप्रदायिक एंगल नहीं, स्थानीय ब्लॉकों का पुराना झगड़ा
वारदात को लेकर क्षेत्र में किसी भी तरह की अफवाह को शांत करते हुए डीसीपी ईस्ट राजीव कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि इस खूनी संघर्ष के पीछे आपसी रंजिश मुख्य कारण है और इसमें किसी भी तरह का हिंदू-मुस्लिम या सांप्रदायिक दृष्टिकोण शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां के अलग-अलग ब्लॉकों के लड़कों के बीच अक्सर आपसी गुटबाजी और कहासुनी के विवाद चलते रहते हैं।
15 दिन पहले हुई पिटाई का बदला लेने के लिए रचा गया षड्यंत्र
शुरुआती पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि घायल किशोर और हमलावर चारों नाबालिगों में से एक लड़के के बीच पहले से विवाद चल रहा था। लगभग 15 दिन पूर्व पीड़ित और उसके कुछ साथियों ने मिलकर उस नाबालिग लड़के की कथित तौर पर पिटाई कर दी थी। उसी मारपीट का प्रतिशोध लेने के इरादे से उस लड़के ने अपने तीन अन्य साथियों को इकट्ठा किया। चारों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से 17 वर्षीय पीड़ित को रास्ते में घेर लिया और उस पर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
तीन नाबालिग पकड़े गए, वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद
मयूर विहार पुलिस स्टेशन में इस हिंसक कृत्य को लेकर भारतीय कानून के तहत हत्या के प्रयास की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने हमले में शामिल चार में से तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया है। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल किए गए 2 चाकू भी बरामद कर लिए गए हैं। चौथे फरार नाबालिग की तलाश में पुलिस दल लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रहा है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, इलाके में सुरक्षा पर उठाए सवाल
पीड़ित परिवार इस अप्रत्याशित हमले से गहरे सदमे में है। घायल किशोर कृष्णा के पिता सचिन ने बताया कि उनका बेटा रात में घर से गणेश पंडाल जाने की बात कहकर निकला था। पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी लड़के इलाके में आए दिन हिंसक वारदातों को अंजाम देते हैं और लड़कियों के साथ छेड़खानी भी करते हैं। वहीं कृष्णा की मां सुनीता ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा कुछ खाने-पीने की बात कहकर उनसे केवल 50 रुपये लेकर निकला था। मां ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके निर्दोष बेटे को इस तरह क्यों निशाना बनाया गया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
राजधानी के अन्य इलाकों में भी सामने आ चुकी हैं चाकूबाजी की घटनाएं
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में चाकूबाजी और हिंसक झड़पों के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। इससे पहले कन्हैया नगर में शराब के ठेके के बाहर चाकू से हमला कर भवानी प्रसाद नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी, जबकि आसाराम नामक दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में भी सरेआम एक युवक पर चाकू से प्राणघातक हमला किए जाने का मामला सामने आ चुका है, जिसमें पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया था।
























