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त्रिपुरा के युवक से नस्लीय बदसलूकी मामला: यूट्यूबर आमिर शोकीन पांच दिन की पुलिस रिमांड परत्रिपुरा
24 अक्तू॰ 2026, 5:40 pm (5 दिन पहले)· 4

त्रिपुरा के युवक से नस्लीय बदसलूकी मामला: यूट्यूबर आमिर शोकीन पांच दिन की पुलिस रिमांड पर

दिल्ली की एक अदालत ने त्रिपुरा के एक युवक को अपमानित करने और नस्लीय टिप्पणी करने के मामले में कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए उसे अहमदाबाद ले जाएगी।

त्रिपुरा के एक युवा के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमान से जुड़े मामले में राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन को पांच दिन की पुलिस हिरासत में सौंप दिया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अहमदाबाद में छिपे अन्य संदिग्धों की पहचान करना और उन्हें कानून के दायरे में लाना है।

सोशल मीडिया वीडियो और गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुवार को आमिर शोकीन को हिरासत में ले लिया था। इस वीडियो में त्रिपुरा के रहने वाले एक युवक को नस्लीय गालियां देते हुए और अपमानजनक व्यवहार का शिकार बनाते हुए दिखाया गया था। इसके बाद पुलिस ने आगे की गहन पूछताछ और अहमदाबाद में अन्य संलिप्त व्यक्तियों को पकड़ने के लिए अदालत से हिरासत की मांग की थी।

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अदालत में हुई सुनवाई और वकीलों के तर्क

विशेष न्यायाधीश शिल्पी जैन ने लोक अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पांच दिन के रिमांड का आदेश दिया। इससे पहले ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश के तहत आमिर शोकीन को एक दिन की न्यायिक हिरासत में बिताने के बाद अदालत के सामने पेश किया गया था। जांच टीम ने छह दिन की हिरासत मांगते हुए अदालत को बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें त्रिपुरा के युवक का मजाक उड़ाया गया था।

पुलिस के अनुसार, इस वीडियो को अहमदाबाद में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा शूट किया गया था जिसे बाद में आमिर शोकीन ने अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। आरोपी के वकील विनीत जैन ने पुलिस के इस आग्रह का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि जांच अधिकारी अहमदाबाद में कोई निश्चित पता पेश करने में विफल रहे हैं और बिना पते के आरोपी को पूरे शहर में घुमाना बिल्कुल तर्कसंगत नहीं है। इसके अलावा, बचाव पक्ष के वकील ने यह भी दावा किया कि वीडियो में दिखने वाले अन्य लोगों ने न तो कोई टिप्पणी की थी और न ही पीड़ित की तरफ देखा था।

कानूनी कार्रवाई और विभिन्न धाराओं के तहत केस

दूसरी तरफ, सरकारी वकील ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि आमिर शोकीन ने अहमदाबाद में संलिप्त अन्य आरोपियों के सटीक ठिकानों का खुलासा नहीं किया है। दिल्ली पुलिस ने इस सिलसिले में सदर बाजार पुलिस स्टेशन में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के साथ-साथ अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की है। इसके अतिरिक्त, इस घटना को लेकर त्रिपुरा पुलिस की तरफ से भी एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पूर्वोत्तर के लोगों के साथ भेदभाव और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस ताजा घटनाक्रम ने देश के अन्य हिस्सों में पूर्वोत्तर के निवासियों द्वारा झेले जाने वाले नस्लीय भेदभाव के गंभीर मुद्दों को एक बार फिर से सतह पर ला दिया है। विशेष पुलिस इकाई पूर्वोत्तर क्षेत्र (SPUNER) के एक आधिकारिक संचार के आधार पर दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।

इस बीच, त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली ने इस मामले में एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जोरदार मांग की है। संगठन की ओर से (SPUNER) के संयुक्त पुलिस आयुक्त को एक औपचारिक शिकायत सौंपी गई है, जिसमें वायरल फुटेज का हवाला देते हुए त्रिपुरा के युवा के साथ हुए नस्लीय उत्पीड़न और अपमान का विस्तार से जिक्र किया गया है।

राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस घिनौनी हरकत के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे इस पूरे प्रकरण की जांच में दिल्ली पुलिस के साथ पूरा समन्वय बनाए रखें।

सवाल-जवाब

आमिर शोकीन को कितने दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है?
दिल्ली की एक अदालत ने कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कौन सी धाराएं लगाई हैं?
पुलिस ने सदर बाजार पुलिस स्टेशन में एससी/एसटी अधिनियम और अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
इस मामले की जांच कौन सी यूनिट कर रही है?
दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस यूनिट इस मामले की जांच कर रही है।
यह वीडियो कहां रिकॉर्ड किया गया था?
पुलिस के अनुसार वीडियो को अहमदाबाद में रिकॉर्ड किया गया था और बाद में ऑनलाइन अपलोड किया गया था।
किस त्रिपुरा के नेता ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी?
त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली और टीएमपी प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा ने मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·5 दिन पहले

अहमदाबाद में पता नहीं होने पर भी पुलिस रिमांड पर ले जा रही है, यह बात अजीब लगी। बिना पते के छापेमारी कैसे होगी?

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स के चक्कर में ऐसा घटियापन करना शर्मनाक है। पूर्वोत्तर के लोगों के साथ ऐसा बर्ताव कतई बर्दाश्त नहीं होना चाहिए, पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

Michael Anderson@michael-anderson·5 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने। ऐसे लोगों को सबक मिलना बहुत ज़रूरी है ताकि आगे से कोई ऐसी घटिया हरकत न करे।

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

अहमदाबाद में पक्का पता तक नहीं है पुलिस के पास, फिर भी रिमांड मांग ली। गज़ब है!

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

रोहन भाई, जब मैं खुद कुछ साल पहले अहमदाबाद गया था, तब वहाँ ऐसे कई मामलों में पुलिस को आरोपियों का पक्का पता ढूंढने में बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं।

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