कांग्रेस पार्टी ने त्रिपुरा राज्यभर में एक बड़े पैमाने पर लामबंदी अभियान की घोषणा की है। यह अभियान 27 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत पार्टी के तीन वरिष्ठ नेता राज्य के सभी नौ संगठनात्मक जिलों का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर जनता का समर्थन जुटाना है।
जिला स्तर तक बैठकों का दौर
त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने जानकारी दी है कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक गजेंद्र प्रताप सिंह, प्रदीप जैन और दीपक शर्मा जिलों का दौरा करेंगे। ये सभी नेता जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक के स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात करेंगे ताकि जनसमर्थन को मजबूती दी जा सके।
मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोप
पार्टी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूचियों में पाई गई बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और विसंगतियों के कारण किया जा रहा है। कांग्रेस की यह भी मांग है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए और उन सभी मतदाताओं के नाम फिर से जोड़े जाएं जिन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है।
भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप
साहा ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश के कई राज्यों में चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और इसी के जरिए जीत हासिल की गई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर एसआईआर प्रक्रिया की आड़ में आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन
राज्य के इन दौरों और अभियानों के अलावा कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर चुकी है। आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर अपनी सभी मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जाएगा।



















