त्रिपुरा पुलिस ने अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी पर कार्रवाई करते हुए उदयपुर के महारानी थाना क्षेत्र से एक संदिग्ध हथियार तस्कर को हिरासत में लिया है। गुरुवार को चलाए गए इस तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी के कब्जे से 200 गोलियां बरामद कीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पकड़ा गया व्यक्ति जन संहति समिति (जेएसएस) के संतु गुट से संबंधित गतिविधियों में शामिल रहा है।
आरोपी की पहचान और आपराधिक संबंध
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान बिमल चकमा के रूप में हुई है, जो भुबंत चकमा का बेटा है। वह खगड़ाछड़ी के पानछड़ी क्षेत्र स्थित शांतिटीला, दुदुकछड़ा का निवासी है। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, बिमल चकमा जेएसएस संतु गुट के दो प्रमुख नेताओं, प्रत्युत्तर चकमा और समाजप्रिय चकमा के निर्देशों पर काम कर रहा था।
सशस्त्र नेटवर्क और कमांड ढांचा
सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी बताती है कि प्रत्युत्तर चकमा और समाजप्रिय चकमा सीधे तौर पर जुम्मा लिबरेशन आर्मी (जेएलए) के डिप्टी फील्ड कमांडर ज्योतिष्मान चकमा उर्फ बुलबुल के अधीन सक्रिय हैं। ज्योतिष्मान चकमा संतु लरमा का पोता है और इस विद्रोही ढांचे के क्षेत्रीय संचालन की कमान संभालता है। इस तरह सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय हथियार नेटवर्क के तार सीधे उच्च कमांड से जुड़े पाए गए हैं।
तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस
कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि कारतूसों की इस बड़ी खेप की पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सके। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह गोला-बारूद कहां से लाया गया था और इसे किस गुप्त ठिकाने या समूह तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस तस्करी रैकेट में शामिल अन्य संभावित सहयोगियों और मददगारों की पहचान के लिए भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।



















