अक्टूबर का महीना आते ही देशभर में पर्व-त्योहारों का सिलसिला तेज हो जाता है, जिसके चलते शैक्षणिक संस्थानों के अवकाश को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बन जाती है। बीते दिनों दिल्ली में सीजेपी विरोध प्रदर्शन के कारण शनिवार को कई विद्यालयों में अवकाश रखा गया था, जबकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में पितृ पक्ष के समापन अवसर पर छुट्टी घोषित की गई थी। अब हफ्ते की शुरुआत यानी 12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को लेकर अभिभावकों और विद्यार्थियों के मन में संशय है कि कक्षाएं सामान्य रूप से चलेंगी या फिर ताले लटके रहेंगे। सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर इस तारीख को लेकर लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं, खासकर तब जब पश्चिम बंगाल, गुजरात और तेलंगाना जैसे क्षेत्रों में नवरात्रि के नौ दिनों का उल्लास चरम पर रहता है।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में सामान्य रहेगा कामकाज
उत्तर भारत के प्रमुख भूभाग में हफ्ते के पहले दिन की शुरुआत नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के साथ होने जा रही है। देश की राजधानी दिल्ली में किसी भी तरह के आधिकारिक अवकाश की घोषणा नहीं की गई है। दिल्ली सरकार अथवा शिक्षा निदेशालय की ओर से जब तक विद्यालय बंद करने का कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया जाता, तब तक सभी सरकारी और निजी स्कूल अपनी पूर्व निर्धारित समय सारिणी के मुताबिक ही खुलेंगे। अभिभावकों को किसी भी अपुष्ट सूचना पर ध्यान न देकर सामान्य तैयारी रखने की सलाह दी गई है।
राजधानी से सटे हरियाणा और पंजाब में भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नजर आ रही है। इन दोनों ही राज्यों में राज्य स्तर पर किसी सामान्य अवकाश का ऐलान नहीं किया गया है। दोनों राज्यों के विद्यालय अपने नियमित टाइमटेबल के अनुसार ही संचालित किए जाएंगे। हालांकि, अगर किसी इलाके में मौसम के अचानक बिगड़ने अथवा स्थानीय प्रशासनिक फेरबदल की स्थिति बनती है, तो इसके लिए संबंधित संस्थान के आंतरिक परिपत्र और सूचना पटल पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश का आधिकारिक विवरण
हिंदी पट्टी के बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी 12 अक्टूबर 2026 के लिए कोई सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो समूचे राज्य में कोई व्यापक छुट्टी लागू नहीं है। यदि किसी विशेष जनपद में स्थानीय परिस्थितियों अथवा मौसम की वजह से जिलाधिकारी स्तर से कोई निर्णय लिया जाता है, तभी वहां के शिक्षण संस्थानों में बदलाव देखने को मिलेगा। लिहाजा अभिभावक अपने जिले के प्रशासनिक आदेशों और विद्यालय से मिलने वाली सूचनाओं की पुष्टि कर सकते हैं।
इसी प्रकार राजस्थान में भी इस सोमवार के लिए राज्यव्यापी स्तर पर कोई अवकाश मान्य नहीं किया गया है। वहीं मध्य प्रदेश के संदर्भ में भी शिक्षा विभाग की ओर से कोई विशेष छुट्टी दर्ज नहीं है। मध्य प्रदेश के सभी विद्यालयों को अपने निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर और पूर्व घोषित प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पठन-पाठन का कार्य जारी रखना होगा।
पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उत्सव का असर
पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ राज्यों में दुर्गा पूजा और दशहरा के पर्व की लंबी परंपरा रही है, जिसके चलते इन इलाकों में छुट्टियों का ढांचा थोड़ा अलग स्वरूप ले लेता है। पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में अवकाश से जुड़े निर्णय अक्सर स्थानीय स्तर पर लिए जाते हैं। पश्चिम बंगाल में पूजा की छुट्टियों के विस्तार और विद्यालय पुनः खुलने की निश्चित तिथियों की जानकारी के लिए स्थानीय स्कूल के नोटिस बोर्ड और आधिकारिक संदेशों को देखना अनिवार्य है।
तेलंगाना में भी दशहरा वेकेशन के अलग-अलग चरणों को लेकर स्थिति स्थानीय प्रबंधन पर निर्भर करती है, इसलिए वहां के विद्यार्थियों के लिए स्कूल के कैलेंडर की पुष्टि करना बेहतर रहेगा। आंध्र प्रदेश के संबंध में भी समूचे राज्य के लिए किसी साझा अवकाश का ऐलान नहीं हुआ है। यहां के छात्र-छात्राओं को अपने-अपने विद्यालय के विशिष्ट अवकाश कैलेंडर और जारी आदेशों का अध्ययन करने का परामर्श दिया गया है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों में कैसी रहेगी व्यवस्था?
दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों तथा तटीय व पूर्वोत्तर राज्यों में भी शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलने की पूरी संभावना है। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में राज्य सरकार की तरफ से किसी सामान्य अवकाश की पुष्टि नहीं की गई है। जब तक कोई आपात स्थिति या अप्रत्याशित स्थानीय आदेश न आए, तब तक सभी शिक्षण संस्थान अपने नियमित समय पर ही संचालित होंगे। छात्रों और अभिभावकों को स्थानीय सर्कुलर के माध्यम से अपडेट रहने की आवश्यकता है।
ओडिशा और असम की स्थिति भी कुछ इसी तरह बनी हुई है। ओडिशा में राज्य स्तर पर कोई सामूहिक छुट्टी घोषित नहीं है, हालांकि जिला स्तरीय घोषणाओं और त्योहारी अवकाश की तिथियों का मिलान करना उपयोगी रहेगा। वहीं असम में भी किसी आधिकारिक राज्यव्यापी छुट्टी का प्रावधान नहीं है, जिसके कारण वहां के विद्यालयों को जिला प्रशासन के नवीनतम अपडेट और विद्यालय प्रबंधन के आंतरिक नोटिस के आधार पर ही अपनी कक्षाएं संचालित करनी होंगी।























