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उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मुख्यमंत्री योगी ने 24 घंटे में मुआवजा बांटने का दिया फरमानउत्तर प्रदेश
24 सित॰ 2026, 8:37 pm (34 दिन पहले)· 3

उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मुख्यमंत्री योगी ने 24 घंटे में मुआवजा बांटने का दिया फरमान

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 24 से 26 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे मैदान में उतरकर राहत कार्य संभालने और नुकसान का 24 घंटे के भीतर आकलन कर सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं।

बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों के पास बने गहरे दबाव के क्षेत्र के असर से उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों तक व्यापक स्तर पर बादलों के गरजने और मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। अनुमान के मुताबिक 24 सितंबर से 26 सितंबर के दौरान प्रदेश के अनेक जनपदों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इस मौसमी बदलाव और गंभीर चेतावनी को देखते हुए शासन स्तर पर पूरी तरह चौकसी बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन और प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

मैदान में उतरकर हालात का जायजा लेंगे वरिष्ठ अधिकारी

बारिश के चलते शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और बुनियादी ढांचे पर असर पड़ने की आशंका है। इसी वजह से मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर सीधे फील्ड में तैनात रहने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित बस्तियों और संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में अधिकारी व्यक्तिगत रूप से निगरानी रखें। जहां कहीं भी जलभराव अथवा रास्तों के बंद होने की सूचना मिले, वहां तत्काल राहत और बचाव दल सक्रिय होकर नागरिकों की कठिनाइयों को दूर करें। राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि आपदा के समय किसी भी स्तर पर तालमेल की कमी न रहे और जरूरतमंदों तक तुरंत मदद पहुंचे।

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नुकसान का 24 घंटे में सर्वे कर सीधे परिवारों को मिले मुआवजा

मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच जान-माल के खतरे को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा, आकाशीय बिजली गिरने अथवा बारिश जनित हादसों के कारण हुई जनहानि, पशुहानि और मकानों के नुकसान का विशेष संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को किसी भी हाल में लंबा इंतजार न करना पड़े। हर प्रकार के नुकसान का ब्योरा चौबीस घंटे के भीतर तैयार किया जाए और नियमों के मुताबिक निर्धारित आर्थिक मुआवजा तुरंत पीड़ित परिजनों के बैंक खातों में पहुंचाया जाए। किसी भी स्तर पर सहायता वितरण में हीलाहवाली न हो, इसके लिए जवाबदेही तय की जा रही है।

संवेदनशील इलाकों में संसाधनों की तैनाती और लोगों से सावधानी की अपील

आपदा प्रबंधन तंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में पंपिंग सेट, नावें और आवश्यक राहत सामग्री पहले से ही जुटा ली गई है। प्रशासनिक मशीनरी को निर्देश दिया गया है कि भारी बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जीवन रक्षक संसाधनों की कोई किल्लत नहीं आनी चाहिए। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक ले जाने की पूरी तैयारी रखी गई है।

इसके साथ ही आम जनमानस से भी खराब मौसम के मद्देनजर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी, बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने के दौरान बिना किसी जरूरी काम के पक्के घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से नदियों, नालों, तालाबों और जलाशयों के पास जाने या उनमें नहाने से पूरी तरह बचने को कहा गया है, ताकि किसी अप्रिय हादसे से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट कब से कब तक है?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 24 सितंबर से 26 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
राज्य में अचानक भारी बारिश की क्या वजह है?
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के आसपास बने सक्रिय डीप डिप्रेशन के असर के चलते उत्तर प्रदेश में मौसम बदला है और भारी बारिश हो रही है।
बारिश और बिजली गिरने से हुए नुकसान पर मुआवजा कब तक मिलेगा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों को क्या सख्त निर्देश दिए गए हैं?
सभी वरिष्ठ अधिकारियों को दफ्तर छोड़कर फील्ड में उतरने, प्रभावित इलाकों पर नजर रखने और बिना किसी लापरवाही के तुरंत राहत पहुंचाने का आदेश दिया गया है।
खराब मौसम को देखते हुए आम जनता से क्या अपील की गई है?
लोगों को आकाशीय बिजली और भारी बारिश के समय बेवजह घर से बाहर न निकलने और नदियों तथा जलाशयों में नहाने से बचने की सलाह दी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·34 दिन पहले

जब मैं पिछले साल बाढ़ वाले इलाके में थी, तो प्रशासन की ऐसी ही तेजी ने कई जान बचाई थीं। उम्मीद है 24 घंटे में मुआवजा सच में मिल जाएगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

कल ही मेरे एक जानने वाले गोरखपुर वाले इलाके से फोन कर रहे थे, कह रहे थे कि आसमान एकदम काला पड़ गया है और रुक-रुक कर तेज पानी बरस रहा है। अगर वाकई चौबीस घंटे के अंदर मुआवजा मिलने लगे तो बहुत राहत होगी क्योंकि पिछले साल बाढ़ में लोगों के कागजी चक्कर काटते-काटते महीने निकल गए थे।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

अर्जुन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है, कागजी चक्कर में बहुत परेशानी होती है। क्या प्रशासन के पास सच में ऐसा कोई नया तंत्र बन गया है जिससे 24 घंटे में पैसा सीधे खाते में आ सके?

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

योगी जी ने 24 घंटे में मुआवजा देने का फरमान तो जारी कर दिया है, लेकिन क्या वाकई ज़मीन पर इतनी जल्दी सर्वे होकर पैसा पीड़ितों के बैंक खातों तक पहुंच पाएगा? प्रशासन की सुस्ती को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि यह आदेश कागजों तक सीमित रहता है या सच में राहत मिलती है।

Rohan Verma@rohan-verma·34 दिन पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी, पर इस बार जिलों में अफसरों की सीधे फील्ड में तैनाती से लगता है कि काम कागजों तक सीमित नहीं रहेगा।

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