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उत्तर प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप: भारी बारिश का अलर्ट और गर्मी से मिली राहतउत्तर प्रदेश
8 जुल॰ 2026, 9:46 am (67 दिन पहले)· 2

उत्तर प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप: भारी बारिश का अलर्ट और गर्मी से मिली राहत

उत्तर प्रदेश में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है और कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है।

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिसका असर मंगलवार से ही दिखने लगा है। बुधवार की सुबह से राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। नोएडा समेत प्रदेश के अनेक शहरों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है और लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। बीते मंगलवार को लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली और मुरादाबाद सहित 50 से अधिक शहरों में वर्षा रिकॉर्ड की गई। शामली में सड़कों पर जलभराव के कारण नदियों जैसे दृश्य देखने को मिले, जबकि मथुरा का हाल भी कमोबेश वैसा ही रहा।

भारी बारिश के लिए अलर्ट वाले जिले

मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के 60 से अधिक जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, संभल, बदायूं, कांशीरामनगर, महामायानगर, झांसी और ललितपुर जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 से 13 जुलाई के बीच भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इस लगातार होती बारिश के चलते तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। लखनऊ में भी 10 जुलाई तक छिटपुट बारिश और उसके बाद भारी बारिश के आसार जताए गए हैं।

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मानसून के अचानक जोर पकड़ने का कारण

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने दबाव क्षेत्र के कारण मानसून ने यूपी में फिर से जोर पकड़ लिया है। यह दबाव क्षेत्र उत्तरी ओडिशा तट को पार करते हुए दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास केंद्रित है। इस मौसमी बदलाव का सीधा असर उत्तर प्रदेश के मानसून पर पड़ा है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष पूरे देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। आमतौर पर राज्य में जून से सितंबर के बीच 820 से 840 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार इसमें 8 प्रतिशत की कमी के साथ लगभग 754 से 773 मिलीमीटर ही बारिश होने का अनुमान है।

पिछले साल और अल नीनो का प्रभाव

मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 के मानसून सत्र (जून-सितंबर) में उत्तर प्रदेश में 870 से 900 मिलीमीटर के बीच बारिश हुई थी, जो सामान्य औसत से 10 से 15 प्रतिशत अधिक थी। मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां कमजोर होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जो कम वर्षा का मुख्य कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, इस साल जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध में बर्फबारी की कमी भी मानसून के प्रदर्शन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।

बारिश से बिगड़े हालात

हरदोई जिले में हुई जोरदार बारिश ने नगरपालिका के दावों की पोल खोल दी है। पारा गिरने से मौसम तो खुशनुमा हुआ, लेकिन जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण नालों का गंदा पानी सड़कों पर आ गया और लोगों के घरों, किचन्स और पूजा घरों तक घुस गया। दूसरी ओर, अमरोहा में कुछ ही मिनटों की तेज बारिश ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर वाहनों की रफ्तार रोक दी। हाईवे पर करीब एक फीट पानी जमा होने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि NHAI के जिम्मेदार अधिकारी बार-बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे वहां बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

सवाल-जवाब

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट किन जिलों में है?
गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा और फिरोजाबाद सहित 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
मानसून के जोर पकड़ने के पीछे क्या कारण है?
उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने दबाव क्षेत्र के कारण मानसून ने उत्तर प्रदेश में जोर पकड़ा है।
इस साल बारिश कम क्यों रहने का अनुमान है?
मौसम विभाग के अनुसार प्रशांत महासागर में अल नीनो के प्रभाव और उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी के कारण इस साल बारिश सामान्य से कम रह सकती है।
अगले कुछ दिनों के लिए मौसम विभाग ने क्या कहा है?
पश्चिमी यूपी में 10 जुलाई तक और पूर्वी यूपी में 10 से 13 जुलाई के बीच भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
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