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उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर जाम से मिलेगी राहत, नैनीताल और कैंची धाम में AI कैमरों से ट्रैफिक संभालने की तैयारीउत्तराखंड
5 अक्तू॰ 2026, 4:19 pm (32 दिन पहले)· 0

उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर जाम से मिलेगी राहत, नैनीताल और कैंची धाम में AI कैमरों से ट्रैफिक संभालने की तैयारी

सैलानियों की भारी आवाजाही के बीच नैनीताल पुलिस ने एंट्री प्वाइंट और पार्किंग पर AI कैमरे लगाने का खाका तैयार किया है, जिससे रियल टाइम डेटा के जरिए वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सके।

पहाड़ों की रानी नैनीताल और आसपास के दर्शनीय स्थलों पर छुट्टी के दिनों में पहुंचने वाले मुसाफिरों को जल्द ही भीषण कतारों से मुक्ति मिल सकती है। अचानक सैलानियों की आमद बढ़ने के कारण सड़कों पर गाड़ियों का रेला उमड़ रहा है, जिससे महज थोड़ी सी दूरी नापने में भी लोगों को कई घंटे लग जाते हैं। सिर्फ मुख्य शहर ही नहीं, बल्कि कैंची धाम, भीमताल और रामनगर जैसे इलाकों में भी वाहनों की कतारें लंबी होने से यातायात प्रबंधन बेहद कठिन हो गया है। इसी गंभीर चुनौती को सुलझाने के लिए पुलिस महकमा अब पारंपारिक तरीकों के बजाय आधुनिक डिजिटल तकनीक का सहारा लेने की योजना बना रहा है।

पर्यटन केंद्रों के प्रवेश मार्गों और पार्किंग में तैनात होंगे स्मार्ट कैमरे

ट्रैफिक नियंत्रण के नए खाके के तहत पूरे जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्रों, मुख्य प्रवेश द्वारों और अधिकृत पार्किंग स्थलों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित निगरानी प्रणाली शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह हाईटेक उपकरण केवल सामान्य निगरानी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आने-जाने वाले सभी वाहनों की सटीक गिनती और उनका लेखा-जोखा भी अपने आप दर्ज करेंगे। इससे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को तत्काल यह सूचना मिल सकेगी कि कौन से मार्ग पर दबाव सबसे अधिक है और विभिन्न पार्किंग स्थलों में कितनी खाली जगह बची है।

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इसी सिलसिले में नैनीताल के एसपी ट्रैफिक जगदीश चंद्र ने तकनीकी फर्मों कुमाऊं इन्फोटेक और नमामी इन्फोटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम रणनीतिक चर्चा की। इस बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने अपने स्वचालित निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली का प्रस्तुतीकरण दिया। इस पहल का विस्तार केवल कैमरे लगाने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय होटल एसोसिएशन और पर्यटन कारोबार से जुड़े हितधारकों को जोड़कर एक विशेष मोबाइल ऐप भी विकसित किया जाएगा, जिसकी मदद से गाड़ियों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

रूसी बाईपास से कैंची धाम तक लगातार बढ़ रहा गाड़ियों का दबाव

वर्तमान समय में नैनीताल के साथ-साथ नीम करोली बाबा के कैंची धाम आश्रम जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। स्थिति यह है कि नैनीताल-हल्द्वानी मुख्य मार्ग से लेकर रूसी बाईपास और भवाली-कैंची धाम खंड पर गाड़ियों का पहिया बार-बार थम रहा है। लगातार लगते जाम को देखते हुए पुलिस विभाग अपने पुराने तौर-तरीकों में आधुनिक डेटा एनालिसिस जोड़ना चाहता है। यदि किसी खास मोड़ या रास्ते पर गाड़ियों की भीड़ बढ़ने लगे, तो सिस्टम से मिलने वाले रियल टाइम अलर्ट के आधार पर तुरंत वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जा सकेगा।

प्रशासन की अंतिम हरी झंडी का इंतजार

इस आधुनिक व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए अभी प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा किया जाना बाकी है। परियोजना से जुड़े प्रोजेक्ट सहायक पुष्कर त्यागी ने जानकारी दी कि स्वचालित तकनीक के संचालन से जाम प्रभावित बिंदुओं और यातायात घनत्व की जानकारी समय रहते हासिल हो जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा ढांचा फिलहाल प्रस्ताव के दायरे में है। शासन और जिला प्रशासन से अंतिम मंजूरी मिलते ही इसे नैनीताल तथा आसपास के पर्यटक स्थलों पर लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।

सवाल-जवाब

नैनीताल और कैंची धाम में ट्रैफिक जाम रोकने के लिए क्या योजना बनाई गई है?
पुलिस ने पर्यटन स्थलों के प्रवेश द्वारों और पार्किंग क्षेत्रों में AI आधारित कैमरे लगाकर रियल टाइम मॉनिटरिंग करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर किन कंपनियों के साथ बातचीत हुई है?
एसपी ट्रैफिक जगदीश चंद्र ने कुमाऊं इन्फोटेक और नमामी इन्फोटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजना पर चर्चा की है।
प्रस्तावित AI कैमरे क्या काम करेंगे?
ये कैमरे गाड़ियों की गिनती करेंगे, जाम वाले रास्तों की पहचान करेंगे और पार्किंग स्थलों में खाली जगह की रियल टाइम जानकारी पुलिस को देंगे।
यह स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम कब से लागू होगा?
यह योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और शासन तथा जिला प्रशासन की मंजूरी मिलने के बाद ही इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arjun Mehta@arjun-mehta·31 दिन पहले

कैंची धाम में रोज़ हज़ारों गाड़ियां पहुंचती हैं, क्या ये कैमरे वाकई तंग रास्तों पर दबाव संभाल पाएंगे?

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·31 दिन पहले

कैंची धाम जाते वक्त पिछले साल मैं भी कई घंटे जाम में फंसा था। AI कैमरों और ऐप से सचमुच राहत मिलनी चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·31 दिन पहले

कैंची धाम और नैनीताल में लगने वाले लंबे जाम से आखिरकार राहत मिलने की उम्मीद जग रही है। जिस तरह से स्मार्ट पार्किंग और एआई कैमरों से गाड़ियों की गिनती करने की योजना बन रही है, उससे कम से कम वीकेंड पर घूमने जाने वालों का घंटों बर्बाद नहीं होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·31 दिन पहले

कैंची धाम और नैनीताल में लगने वाले जाम से वाकई हाल बेहाल हो जाता है। अगर एआई कैमरों से सचमुच ट्रैफिक संभल जाए, तो वीकेंड पर घूमना थोड़ा आसान हो जाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·31 दिन पहले

सही कहा करण जी, वीकेंड पर वहाँ जाना किसी इम्तिहान से कम नहीं लगता। अगर तकनीक से राहत मिल जाए तो सच में बहुत सुकून होगा।

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