उत्तराखंड में 19 जुलाई, 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 180 प्रशिक्षित नेचर गाइड्स को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सौंपे। इस दौरान उन्होंने युवाओं के हुनर और संरक्षण के काम में उनके योगदान की जमकर तारीफ की।
क्या हुआ
सर्टिफिकेट वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने उन सभी 180 उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र सौंपे, जिन्होंने नेचर गाइड बनने की ट्रेनिंग पूरी की थी। उन्होंने इन युवाओं के कौशल और राज्य में संरक्षण से जुड़े कामों में उनकी भूमिका की सराहना की।
उत्तराखंड के लिए नेचर गाइड्स क्यों जरूरी हैं
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा जंगलों, वन्यजीव अभयारण्यों और हिमालयी ट्रैकिंग रूट्स पर आधारित पर्यटन से जुड़ा है। प्रशिक्षित और पंजीकृत नेचर गाइड्स सैलानियों को स्थानीय वन्यजीवों और भौगोलिक स्थिति की सही जानकारी देते हैं, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का एक व्यवस्थित जरिया भी बनते हैं। गाइड्स को औपचारिक पंजीकरण प्रक्रिया से प्रमाणित करना राज्य के संरक्षण लक्ष्यों को भी मजबूत करता है, क्योंकि वन्यजीव प्रोटोकॉल में प्रशिक्षित गाइड्स जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने में बेहतर भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में प्रशिक्षित गाइड्स की पेशेवर क्षमताओं और संरक्षण कार्यों में उनके योगदान, दोनों की सराहना की। उन्होंने 180 नए प्रमाणित गाइड्स के इस बैच को उदाहरण बताते हुए कहा कि राज्य के युवा किस तरह उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में योगदान दे रहे हैं।



















