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उत्तराखंड में कमजोर पड़ा मानसून, 17 सितंबर को उत्तरकाशी और बागेश्वर समेत पांच पर्वतीय जिलों में हल्की बौछारें पड़ने के आसारउत्तराखंड
17 सित॰ 2026, 6:42 am (5 दिन पहले)· 1

उत्तराखंड में कमजोर पड़ा मानसून, 17 सितंबर को उत्तरकाशी और बागेश्वर समेत पांच पर्वतीय जिलों में हल्की बौछारें पड़ने के आसार

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता में नरमी आने से लोगों को भारी बारिश से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 17 सितंबर को किसी भी जिले में भारी बारिश या आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी नहीं किया है।

उत्तराखंड के मौसम का मिजाज इन दिनों काफी हद तक शांत हो गया है, जिससे प्रदेश के निवासियों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं ने भी बड़ी राहत की सांस ली है। मानसून की रफ्तार अब काफी सुस्त पड़ चुकी है, और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून स्थित क्षेत्रीय केंद्र की ओर से जो ताजा आंकड़े सामने आए हैं, उनके मुताबिक 17 सितंबर को राज्य के किसी भी हिस्से में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने या भूस्खलन को लेकर कोई गंभीर चेतावनी नहीं दी गई है। पर्वतीय इलाकों में बेशक बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और छिटपुट बौछारें भी गिर सकती हैं, लेकिन मैदानी हिस्सों में मौसम अमूमन सुहाना और सामान्य ही रहने वाला है।

बीते चौबीस घंटों की मौसमी हलचल

मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्यभर में मानसून का रुख पूरी तरह नियंत्रित और सामान्य बना रहा है। मैदानी इलाकों में तापमान अपनी सामान्य सीमाओं के भीतर दर्ज किया गया है, जबकि अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी और पहाड़ी क्षेत्रों में सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी के कारण तापमान में मामूली गिरावट महसूस की गई है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे तराई वाले जिलों में भी स्थानीय स्तर पर हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है, जिससे वहां के लोगों को उमस भरे माहौल से निजात मिलेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि आगामी 19 सितंबर तक पूरे प्रदेश में कहीं भी किसी भी प्रकार की खतरनाक या तेज बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।

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राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों का हाल

राज्य की राजधानी देहरादून और इससे जुड़े मैदानी तथा नजदीकी पर्वतीय क्षेत्रों में 17 सितंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। दून घाटी में दोपहर ढलने के बाद या शाम के वक्त बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हल्की फुहारें गिरने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर में लगातार खिल रही धूप के बीच ये छोटी-छोटी बौछारें मौसम को बेहद खुशनुमा बनाए रखेंगी। इसके अलावा, मसूरी और ऋषिकेश की तरफ रुख करने वाले सैलानियों के लिए भी मौसम पूरी तरह अनुकूल रहने वाला है और दिन के पारे में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका नहीं है।

हरिद्वार और उधम सिंह नगर में उमस से राहत

तराई क्षेत्र के प्रमुख मैदानी जिलों यानी हरिद्वार और उधम सिंह नगर के अंतर्गत आने वाले रुद्रपुर और काशीपुर जैसे इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें दर्ज की जा सकती हैं। हालांकि दिन के वक्त धूप निकलने से हल्की उमस लोगों को परेशान जरूर कर सकती है, लेकिन बीच-बीच में चलने वाली ठंडी हवाएं और हल्की फुहारें स्थिति को संभाल लेंगी। इन इलाकों में भारी बारिश का कोई खतरा नहीं है।

कुमाऊं मंडल के पहाड़ी जिलों का परिदृश्य

कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख पर्वतीय जिलों जैसे नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। नैनीताल और रानीखेत जैसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों पर बादलों का डेरा रहेगा और कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर के ऊंचाई वाले इलाकों में स्थानीय बादलों के बनने से गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी कोई बारिश नहीं होगी जिससे आम जनजीवन पर कोई बुरा असर पड़े या किसी आपदा जैसी स्थिति बने।

गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों और चारधाम मार्गों की स्थिति

उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जैसे गढ़वाल मंडल के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम का मिजाज शांत ही रहेगा। इन सभी जिलों में कुछ चुनिंदा स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर निकलने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि भारी बारिश की चेतावनी न होने की वजह से पहाड़ी राजमार्गों पर भूस्खलन होने का जोखिम बेहद कम हो गया है। यात्रा का संचालन सुचारू रूप से जारी रहेगा, हालांकि प्रशासन की तरफ से यात्रियों को पर्वतीय रास्तों पर चलते समय सामान्य सतर्कता बरतने की सलाह जरूर दी गई है।

आगामी 22 सितंबर तक कैसा रहेगा पूरे हफ्ते का मौसम?

मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान को देखें तो 18 और 19 सितंबर को भी राज्य के विभिन्न जिलों में छिटपुट से लेकर हल्की और मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। विशेष तौर पर 18 सितंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में बौछारें पड़ सकती हैं। इसके पश्चात, 20 से 22 सितंबर के दौरान मानसून की यह रफ्तार और अधिक सुस्त पड़ जाएगी। इस अवधि में पर्वतीय जिलों में केवल बहुत हल्की और छिटपुट बारिश ही देखने को मिलेगी, जबकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क हो जाएगा।

सवाल-जवाब

17 सितंबर को उत्तराखंड में मौसम कैसा रहेगा?
17 सितंबर को राज्य में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, और पर्वतीय जिलों में केवल हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है।
क्या चारधाम यात्रा के मार्गों पर कोई खतरा है?
नहीं, भारी बारिश का अलर्ट न होने के कारण चारधाम मार्गों पर भूस्खलन का खतरा काफी कम है और यात्रा सुचारू रूप से चलेगी।
किन जिलों में हल्की बारिश हो सकती है?
उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कुछ पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मैदानी इलाकों में मौसम का क्या हाल रहेगा?
हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बौछारों से उमस से राहत मिलेगी।
आगामी दिनों में मानसून का रुख कैसा रहेगा?
20 से 22 सितंबर के दौरान मानसून की रफ्तार और सुस्त पड़ जाएगी तथा मैदानी इलाकों में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा।
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