ब्रिटिश पॉउंड और जापानी येन के विनिमय दर जोड़े जीबीपी/जेपीवाई में गुरुवार को एक बार फिर मजबूती देखी गई, जिससे पिछले सत्र की संपूर्ण गिरावट की भरपाई हो गई। यह तेजी ब्रिटेन की ओर से किसी बड़े आर्थिक आंकड़ों के कारण नहीं, बल्कि व्यापक रूप से जापानी येन में देखी गई नरमी के कारण आई है। आर्थिक कैलेंडर में किसी बड़े आंकड़े की अनुपस्थिति के बावजूद यह करेंसी पेयर 0.53 प्रतिशत बढ़कर 216.33 के आसपास कारोबार करता दिखा। बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान के बीच ब्याज दरों के व्यापक अंतर ने भी ब्रिटिश पॉउंड को निवेशकों के बीच पसंदीदा बनाए रखा है। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा अपने ऋण बायबैक कार्यक्रम में विस्तार की घोषणा के बाद से वैश्विक बाजारों में तरलता और जोखिम लेने की क्षमता में सुधार आया है।
जीबीपी/जेपीवाई का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख स्तर
तकनीकी परिदृश्य के दृष्टिकोण से जीबीपी/जेपीवाई ने अमेरिका और जापान के संयुक्त विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप के बाद हुई गिरावट की आधी भरपाई कर ली है। यह करेंसी पेयर 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) से बाउंस करने के बाद 50-दिवसीय एसएमए और 100-दिवसीय एसएमए के स्तरों को पार करने में सफल रहा है, जो निकट अवधि में तेजी के रुझान को मजबूत करता है।
तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 55 के करीब बना हुआ है, जो ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंचे बिना ऊपर की ओर झुकाव दर्शा रहा है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) संकेतक भी सकारात्मक क्षेत्र में लौट आया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि तेजी का मोमेंटम फिर से बन रहा है। वहीं 23 के स्तर पर मौजूद एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (एडीएक्स) बाजार में मध्यम स्तर की रुझान मजबूती की ओर इशारा करता है।
ऊपरी स्तरों पर जीबीपी/जेपीवाई के लिए पहला प्रतिरोध 216.50 के हॉरिजॉन्टल स्तर पर देखा जा रहा है, जिसके बाद 218.50 का स्तर एक मजबूत ऊपरी सीमा के रूप में कार्य कर सकता है। नीचे की तरफ गिरावट की स्थिति में 50-दिवसीय एसएमए 215.59 पर पहला समर्थन प्रदान करता है, जिसके बाद 100-दिवसीय एसएमए 214.81 पर स्थित है। यदि गिरावट और गहरी होती है, तो 200-दिवसीय एसएमए का स्तर 212.51 तक पहुंच सकता है।
जापानी येन की सुस्ती और ब्याज दर का अंतर
गुरुवार के कारोबारी सत्र में जापानी येन अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में कमजोर नजर आया। हालांकि विभिन्न मुद्राओं के हीट मैप और प्रदर्शन तालिका के अनुसार येन ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले सापेक्षिक मजबूती दर्ज की, लेकिन ब्रिटिश पॉउंड, यूरो और अमेरिकी डॉलर के सामने यह दबाव में रहा। ब्रिटेन और जापान के बीच ब्याज दरों का बड़ा अंतर निवेशकों को पॉउंड में पोजीशन बनाए रखने का आधार प्रदान कर रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी के ऋण बायबैक विस्तार का बाजार पर प्रभाव
वैश्विक वित्तीय बाजारों में तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की अभूतपूर्व घोषणा है। बुधवार को दोपहर 12:32 जीएमटी पर जारी बयान के अनुसार ट्रेजरी विभाग ने 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले क्षेत्रों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक परिचालन के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक जारी रहेगी।
अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम ने बांड बाजार और इक्विटी के साथ-साथ क्रिप्टो तथा फॉरेक्स बाजारों में तरलता की स्थिति में सुधार किया है। इस अप्रत्याशित तरलता वृद्धि ने बाजारों में शॉर्ट स्क्वीज की स्थिति पैदा की और व्यापक सेंटिमेंट को सकारात्मक बना दिया।
अन्य प्रमुख मुद्राओं, सोने और बिटकॉइन का रुझान
अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक में गिरावट जारी रहने से अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी गई
- जीबीपी/यूएसडी: जीबीपी/यूएसडी यूरोपीय सत्र के दौरान 1.3650 के करीब कारोबार करते हुए अपने मई के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह पेयर 1.36 के स्तर पर बना हुआ है। इसका 14-दिवसीय आरएसआई 68 पर है और एमएसीडी 0.01 पर बुलिश संकेत दे रहा है। 50-दिवसीय ईएमए (1.34) और 200-दिवसीय ईएमए (1.34) के बीच गोल्डन क्रॉस बना हुआ है, जबकि 29 का एडीएक्स मजबूत रुझान की पुष्टि करता है।
- ईयूआर/यूएसडी: यूरो/यूएसडी तीन महीने के उच्चतम स्तर 1.1700 के पार निकल गया है। डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी के फैसले से यूरो को मजबूती मिली है। बाजार सहभागियों की नजर अब अमेरिका के जॉबलेस क्लेम आंकड़ों और ईरान से जुड़े मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर टिकी है।
- सोना (गोल्ड): डॉलर में गिरावट के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली दबाव में रहा और 4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे बना रहा। मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद डॉलर की कमजोरी सोने में बड़ी तेजी नहीं ला सकी।
- बिटकॉइन (बीटीसी): अमेरिकी बॉन्ड बायबैक से मिली लिक्विडिटी के कारण क्रिप्टो बाजार में भारी उछाल आया है। बिटकॉइन 72,000 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ता नजर आया, जिससे शॉर्ट सेलिंग करने वाले ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन काटनी पड़ी।



















