पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पुलिस को मंगलवार देर रात एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। नलहाटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक वीरान और खाली पड़े मकान में चलाए गए गुप्त छापेमारी अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने इलाके में एक संभावित बड़ी साजिश या अवैध गतिविधियों के नेटवर्क को उजागर कर दिया है।
खाली मकान से जब्त की गई विस्फोटक सामग्री का ब्योरा
पुलिस टीम द्वारा चलाए गए इस अचानक तलाशी अभियान में मकान के भीतर से हथियारों और विस्फोटकों का विशाल जखीरा बरामद हुआ। बरामद की गई सामग्रियों में 800 किलोग्राम से अधिक अमोनियम नाइट्रेट और 1,200 से ज्यादा जिलेटिन की छड़ें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विस्फोटक को सक्रिय करने के लिए इस्तेमाल होने वाले 105 डेटोनेटर तथा 36 डेटोनेटिंग फ्यूज कॉइल भी मौके से जब्त किए गए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने से पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।
अंधेरे में बक्सों की आवाजाही से गहराया संदेह
स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस खाली पड़े मकान पर पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। स्थानीय निवासियों ने ध्यान दिया कि रात के अंधेरे में कुछ अज्ञात व्यक्ति चुपके से इस घर में आते-जाते थे। इसके अलावा, देर रात गाड़ियों से बड़े-बड़े बक्से लाकर इस मकान के भीतर छिपाए जा रहे थे। इन असामान्य गतिविधियों के कारण आसपास के लोगों में डर और संदेह पैदा हो गया था। जब पुलिस को इस बात की ठोस और सटीक जानकारी प्राप्त हुई, तो उन्होंने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और मंगलवार रात बिना किसी देरी के मकान पर दबिश दी।
कड़ा रुख और गहन जांच का दायरा
घटना के बाद बीरभूम जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध और अवैध गतिविधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता यानी जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत औपचारिक मुकदमा दर्ज कर लिया है और बहुआयामी जांच शुरू कर दी है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब इस मुख्य पहलू पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि इतनी भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट और जिलेटिन छड़ें कहां से खरीदी या पहुंचाई गई थीं। इसके साथ ही, इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि इस घातक जखीरे को किस मकसद से इकट्ठा किया गया था और क्या इसके तार किसी बड़े आपराधिक या असामाजिक गिरोह से जुड़े हुए हैं।
मल्लारपुर में भी मिले थे ताजा जिंदा बम
बीरभूम जिले में विस्फोटक मिलने की यह पहली घटना नहीं है। इससे कुछ ही दिन पहले जिले के मल्लारपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले कोट गांव से भी भारी मात्रा में बम बरामद हुए थे। कोट गांव के चांदेर मैदान के पास स्थित एक तालाब के किनारे बांस की झाड़ियों में ग्रामीणों ने कई ताजा जिंदा बम पड़े हुए देखे थे। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बांस की झाड़ी के पास से 31 जिंदा बम बरामद किए थे और स्थिति को नियंत्रित किया था। पुलिस अब इन दोनों मामलों के बीच किसी संभावित संबंध की भी पड़ताल कर रही है।



















