पश्चिम बंगाल में कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बड़े नीतिगत फैसलों की घोषणा की गई है। पूर्व बर्दवान जिले में आयोजित एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के किसानों को व्यापक राहत देने वाले कई कदमों की शुरुआत की। इस बैठक में राज्य के करीब 4 लाख किसानों को बिजली दरों में सीधी राहत देने के साथ-साथ धान खरीद और वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी का पूरा खाका रखा गया।
बिजली पर प्रति यूनिट 2 रुपये की सीधी सब्सिडी
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली बिजली लागत को कम करने के लिए प्रशासन गंभीर कदम उठा रहा है। इस योजना के तहत राज्य भर के लगभग 4 लाख किसानों को बिजली पर प्रति यूनिट 2 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस कदम का सीधा लाभ उन उत्पादकों को मिलेगा जो सिंचाई और खेती से जुड़ी अन्य मशीनों के संचालन के लिए ग्रिड बिजली पर निर्भर हैं, जिससे उनकी फसल उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
पीएम-किसान योजना की राशि बढ़कर होगी 9 हजार रुपये
प्रशासनिक अधिकारियों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वित्तीय मदद का दायरा बढ़ाने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के पात्र किसानों को अब पीएम-किसान योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सालाना 6 हजार रुपये की राशि की जगह कुल 9 हजार रुपये की मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस अतिरिक्त वित्तीय सहयोग का मकसद छोटे और सीमांत किसानों को खाद, बीज और कृषि इनपुट की खरीद में आत्मनिर्भर बनाना है।
धान की पूरी उपज पर 2700 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी
फसल खरीद नीति पर बात करते हुए सरकार ने किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि किसान अपनी जितनी भी धान बेचना चाहेंगे, पश्चिम बंगाल सरकार उस पूरी उपज की खरीद सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही धान के लिए 2 हजार 700 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाएगा, ताकि खुले बाजार में किसी भी कृषक को औने-पौने दामों में फसल न बेचनी पड़े।
बिचौलियों पर नकेल और 1 लाख नई नौकरियों का लक्ष्य
किसानों के हितों की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल में किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया और सख्त चेतावनी दी कि व्यवस्था में अब बिचौलियों या एजेंटों के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विधायक किसानों के सच्चे अभिभावक के तौर पर जमीन पर कार्य करेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी दोहराया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के भीतर पश्चिम बंगाल सरकार 1 लाख नौकरियां सृजित करेगी और इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय से पहले वेतन
राज्य के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए प्रशासनिक राहत का उल्लेख करते हुए बताया गया कि 15 अक्टूबर को ही अक्टूबर 2026 के वेतन और पेंशन का भुगतान कर दिया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा 23 सितंबर को जारी आधिकारिक ज्ञापन के आधार पर, कर्मचारियों की नियमित सैलरी के अलावा ग्रांट-इन-एड वेतन, पारिश्रमिक, स्टाइपेंड, मजदूरी और मानदेय का वितरण भी इसी तारीख को होगा। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़े हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के साथ पेंशन और फैमिली पेंशन खाते में भेजी जाएगी।
























