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यमन और सोमालिया के पास दो जहाजों के अपहरण के बाद 22 भारतीय नाविक सुरक्षित, विदेश मंत्रालय नौसेना के संपर्क मेंभारत
22 अग॰ 2026, 6:15 am (40 दिन पहले)· 0

यमन और सोमालिया के पास दो जहाजों के अपहरण के बाद 22 भारतीय नाविक सुरक्षित, विदेश मंत्रालय नौसेना के संपर्क में

अदन की खाड़ी और सोमालिया तट के पास समुद्री लुटेरों ने दो विदेशी जहाजों पर कब्जा कर लिया है, जिन पर सवार सभी 22 भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित हैं।

अदन की खाड़ी से लेकर सोमालिया के तट तक फैले समुद्री क्षेत्र में सशस्त्र डाकुओं ने दो अलग अलग जहाजों का अपहरण कर लिया है। इन दोनों पोतों पर कुल 22 भारतीय नाविक तैनात हैं। गंभीर स्थिति के बीच भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी सकुशल वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय तंत्र सक्रिय कर दिया गया है।

विदेशी जहाजों पर 22 भारतीय क्रू सदस्य तैनात

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित दोनों जहाज विदेशी झंडे वाले हैं। इनमें से एक जहाज पर 16 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जबकि दूसरे जहाज पर 6 भारतीय क्रू मेंबर तैनात हैं। रणधीर जायसवाल के अनुसार, अब तक मिली जानकारी के मुताबिक सभी नाविक सुरक्षित हैं। भारतीय अधिकारी उनकी सुरक्षा और जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं।

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अदन की खाड़ी में तेल टैंकर 'एम टी सिबू 1' पर पहला हमला

समुद्री डकैती की पहली घटना 20 अगस्त को दर्ज की गई थी। तेल टैंकर एम टी सिबू 1 अदन की खाड़ी में यमन तट से 30 समुद्री मील की दूरी पर स्थित था, जब उस पर हमला हुआ। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) के अनुसार, यमन के अल मुकल्ला से एक आपातकालीन डिस्ट्रेस कॉल भेजी गई थी। 6 हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने अचानक टैंकर पर धावा बोलकर उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया और जहाज का रुख सोमालिया की ओर मोड़ दिया।

सैन्य उपकरणों से लदे 'एम/वी लुतुफ' पोत का अपहरण

इससे पहले 17 अगस्त को दूसरा हमला सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास हुआ। एम/वी लुतुफ नामक पोत पर कुल 10 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 6 भारतीय नाविक शामिल हैं। यह जहाज तुर्की के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए हथियार, संचार प्रणाली और सैटेलाइट उपकरण ले जा रहा था। 8 हथियारबंद डाकुओं ने पोत पर कब्जा करके उसे पुंटलैंड के गारमाल तट की तरफ मोड़ दिया। अंदेशा जताया जा रहा है कि इस वारदात के पीछे वही आपराधिक गैंग शामिल है, जिसने इसी साल अप्रैल महीने में एम/वी स्वार्ड नामक पोत का अपहरण किया था।

सवाल-जवाब

अपहृत जहाजों पर कुल कितने भारतीय नाविक मौजूद हैं?
दोनों अपहृत जहाजों पर मिलाकर कुल 22 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जिनमें से एक जहाज पर 16 और दूसरे पर 6 भारतीय क्रू सदस्य हैं।
भारतीय नाविकों की वर्तमान स्थिति के बारे में विदेश मंत्रालय ने क्या कहा है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनकी रिहाई के लिए नौसेना व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क बनाया गया है।
यमन के पास किस तेल टैंकर का अपहरण हुआ है?
20 अगस्त को अदन की खाड़ी में यमन तट से 30 समुद्री मील दूर तेल टैंकर 'एम टी सिबू 1' का 6 हथियारबंद लुटेरों ने अपहरण कर लिया।
सोमालिया तट पर अपहृत पोत 'एम/वी लुतुफ' पर क्या सामान ले जाया जा रहा था?
पोत 'एम/वी लुतुफ' पर तुर्की के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए हथियार, संचार उपकरण और सैटेलाइट उपकरण ले जाए जा रहे थे।
'एम/वी लुतुफ' के अपहरण में किस गैंग का हाथ होने का अंदेशा है?
इस वारदात में 8 डाकुओं के शामिल होने की बात कही गई है और अंदेशा है कि यह वही गैंग है जिसने अप्रैल में 'एम/वी स्वार्ड' का अपहरण किया था।
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टिप्पणियाँ 1

Karan Malhotra@karan-malhotra·40 दिन पहले

अदन की खाड़ी और सोमालिया तट के बीच समुद्री डकैती की इन दो लगातार घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। सैन्य साजो-सामान ले जा रहे पोत और तेल टैंकर का अपहरण यह दर्शाता है कि अपराधी गिरोह अब अधिक सुनियोजित और बड़े हमलों को अंजाम दे रहे हैं। यमन और सोमालिया के जलक्षेत्र में सक्रिय इन गिरोहों का पुराना इतिहास रहा है, जैसा कि अप्रैल में 'एम/वी स्वार्ड' के मामले में देखा गया था। विदेश मंत्रालय और भारतीय नौसेना के लिए इन 22 भारतीय नाविकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना एक बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक चुनौती होगी।

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