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यमुनानगर के हथिनीकुंड में सेना के युद्धाभ्यास के दौरान बड़ा हादसा, नाव बंद होने से बहे कमांडो, दो की तलाश जारीहरियाणा
2 सित॰ 2026, 4:38 pm (20 दिन पहले)· 2

यमुनानगर के हथिनीकुंड में सेना के युद्धाभ्यास के दौरान बड़ा हादसा, नाव बंद होने से बहे कमांडो, दो की तलाश जारी

हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में चिनूक हेलीकॉप्टर से जल अभ्यास के दौरान सेना की नाव का इंजन खराब हो गया। हादसे में 3 कमांडो सुरक्षित निकल आए, जबकि 2 जवानों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित हथिनीकुंड बैराज पर भारतीय सेना के एक विशेष जल अभ्यास के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। पश्चिमी यमुना नहर के डायवर्जन गेट संख्या 8 के पास अभ्यास कर रहे सेना के पांच जवानों की नाव पानी के बेहद तेज बहाव में बह गई। यह अभ्यास भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से आयोजित किया जा रहा था, जिसमें जवान हेलीकॉप्टर से सीधे नदी में कूदे थे। इंजन में अचानक आई तकनीकी खराबी के बाद तेज धार में फंसी नाव के कारण दो कमांडो लापता हो गए हैं, जबकि तीन जवानों ने सूझबूझ से अपनी जान बचा ली। लापता जवानों की तलाश के लिए 20 से 35 किलोमीटर के व्यापक दायरे में बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया जा रहा है।

अभ्यास का पूरा घटनाक्रम और तकनीकी खराबी

प्राप्त विवरण के अनुसार, भारतीय सेना के विशेष बल के ये जवान हिमाचल प्रदेश के नाहन स्थित ट्रेनिंग सेंटर से विशेष जल-कौशल अभ्यास के लिए हथिनीकुंड पहुंचे थे। इस सैन्य अभ्यास के संचालन से पूर्व सिंचाई विभाग से औपचारिक अनुमति प्राप्त की गई थी। मंगलवार की शाम लगभग 6 बजे जब जवान चिनूक हेलीकॉप्टर से यमुना नदी के जल क्षेत्र में उतरे, तो डायवर्जन गेट नंबर 8 के निकट उनकी नाव के इंजन ने अचानक काम करना बंद कर दिया। इंजन बंद होते ही नदी के विकराल बहाव ने नाव को नियंत्रण से बाहर कर दिया और वह तेजी से डाउनस्ट्रीम बैराज की तरफ बहने लगी।

नाव को तेज धारा में बहता देख उस पर सवार पांचों जवानों ने अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत पानी में छलांग लगा दी। यद्यपि अभ्यास में शामिल सभी जवानों ने सुरक्षा मानकों के अनुरूप लाइफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन जल स्तर और बहाव की गति अत्यधिक तेज होने के कारण स्थितियां बेहद गंभीर हो गईं। अनियंत्रित होकर बह रही नाव अंततः पश्चिमी यमुना नहर के गेट नंबर 8 पर जाकर फंस गई, जिसे बाद में बचाव दल द्वारा बाहर निकाल लिया गया।

तीन जवानों का सुरक्षित बचाव और लापता कमांडो

पानी में कूदने के पश्चात जवानों ने अपनी जान बचाने का हरसंभव प्रयास किया। एक जवान ने पानी के प्रचंड वेग के बीच गेट के ढांचे पर चढ़कर स्वयं को सुरक्षित किया। वहीं दो अन्य जवान तेज धाराओं से मुकाबला करते हुए लगभग 100 मीटर तक तैरकर किनारे पर सकुशल निकलने में सफल रहे। हालांकि, दो अन्य कमांडो पानी के अत्यंत तेज प्रवाह में बह गए और उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।

सैन्य सूत्रों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, लापता दो कमांडो में से एक जवान जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है तथा दूसरा जवान महाराष्ट्र का निवासी है। दुर्घटना के बाद से ही दोनों जवानों का पिछले 20 घंटे से अधिक समय से कोई अता-पता नहीं चला है, जिससे सेना के अधिकारियों और परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

सेना, वायुसेना और SDRF का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही सैन्य कमान और स्थानीय नागरिक प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशाल खोज एवं बचाव अभियान की शुरुआत की गई। लापता जवानों की तलाश के लिए भारतीय सेना के लगभग 100 जवानों की विशेष टुकड़ी को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश और यमुनानगर से राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की कई टीमें मंगलवार शाम से ही नदी और बैराज के आसपास के इलाकों में गहन तलाशी में जुटी हुई हैं।

आकाश से निगरानी रखने और दुर्गम जलीय क्षेत्रों में नजर बनाए रखने के लिए IAF के हेलिकॉप्टर बैराज क्षेत्र के ऊपर लगातार उड़ानें भर रहे हैं। प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश कुमार ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। भारतीय सेना की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि हथनी कुंड बैराज में संयुक्त जल-कौशल प्रशिक्षण के दौरान नाव तेज बहाव की चपेट में आई थी। वर्तमान में भारतीय सेना, IAF, स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन संयुक्त रूप से 20 से 35 किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

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सवाल-जवाब

हथिनीकुंड बैराज में हादसा किस कारण से हुआ?
चिनूक हेलीकॉप्टर से कूदने के बाद अभ्यास नाव के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिससे नाव तेज बहाव में अनियंत्रित होकर बह गई।
हादसे के समय नाव में कितने जवान मौजूद थे और कितने सुरक्षित हैं?
नाव में कुल 5 कमांडो सवार थे, जिनमें से 3 जवान सुरक्षित बाहर निकल आए हैं जबकि 2 जवानों की तलाश जारी है।
लापता जवान कहाँ के रहने वाले हैं?
सेना के विवरण के अनुसार लापता दो कमांडो में से एक जवान जम्मू-कश्मीर का और दूसरा जवान महाराष्ट्र का रहने वाला है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
भारतीय सेना के लगभग 100 जवान, भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर, उत्तर प्रदेश तथा यमुनानगर की एसडीआरएफ टीमें, प्रतापनगर पुलिस और नागरिक प्रशासन इस सर्च ऑपरेशन में शामिल हैं।
यह सैन्य अभ्यास कहाँ के जवानों द्वारा आयोजित किया जा रहा था?
यह संयुक्त जल-कौशल अभ्यास हिमाचल प्रदेश के नाहन ट्रेनिंग सेंटर से आए विशेष बल के जवानों द्वारा सिंचाई विभाग की अनुमति से किया जा रहा था।
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