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ज़ीरो फेस्टिवल ऑफ़ म्यूज़िक के लिए केयी पान्योर प्रशासन ने कसी कमर, यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ामअरुणाचल प्रदेश
18 सित॰ 2026, 4:35 pm (40 दिन पहले)· 1

ज़ीरो फेस्टिवल ऑफ़ म्यूज़िक के लिए केयी पान्योर प्रशासन ने कसी कमर, यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम

अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में ज़ीरो फेस्टिवल ऑफ़ म्यूज़िक 2026 से पहले प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं, जहाँ स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिला प्रशासन ने आगामी ज़ीरो फेस्टिवल ऑफ़ म्यूज़िक (ZFM) 2026 में शामिल होने वाले पर्यटकों और संगीत प्रेमियों की यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यह लोकप्रिय संगीत महोत्सव लोअर सुबनसिरी जिले की खूबसूरत ज़ीरो वैली में 24 सितंबर से 27 सितंबर तक आयोजित होने वाला है। इस मार्ग पर भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों के ट्रांजिट अनुभव को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

ट्रांजिट रूट पर बढ़ी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था

लोअर सुबनसिरी जिले की ज़ीरो वैली तक पहुँचने के लिए केयी पान्योर एक मुख्य ट्रांजिट मार्ग की भूमिका निभाता है। इस वजह से महोत्सव के दौरान यहाँ पर्यटकों और वीआईपी लोगों की आवाजाही में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। विशेष रूप से पोटिन, याजाली, याचुली और जोराम जैसे व्यापारिक और बाजार केंद्रों से होकर बड़ी संख्या में वाहन और लोग गुजरेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस मार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यातायात पूरी तरह सुचारू रहे।

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प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय हितधारकों की बैठक

इन तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला उपायुक्त अंकिता मिश्रा ने की। बैठक में केयी पान्योर की पुलिस अधीक्षक डॉ. आकांक्षा मिलिंद तमगाडगे सहित विभिन्न सरकारी विभागों के प्रमुख, प्रशासनिक अधिकारी, बाजार कल्याण समितियां, पीआरआई सदस्य और अन्य महत्वपूर्ण स्थानीय हितधारक शामिल हुए। बैठक के दौरान सुरक्षा, सफाई, सड़क की स्थिति और पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई और सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

स्वच्छता अभियान और जागरूकता कार्यक्रम

प्रशासन ने पर्यटकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 18 और 19 सितंबर को विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित होटलों, रेस्टोरेंटों, ढाबों और दुकानों को स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन के नियमों के पालन के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता ही सेवा अभियान के हिस्से के रूप में 21 सितंबर को एक बड़े पैमाने पर सामाजिक सेवा यानी सामूहिक सफाई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह सफाई अभियान पोटिन से लेकर जोराम अन्या गेट तक चलाया जाएगा ताकि पूरे मार्ग को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाया जा सके।

बुनियादी ढांचा और स्थानीय होमस्टे को बढ़ावा

यात्रियों के सुगम आवागमन के लिए संवेदनशील सड़क खंडों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य भी शुरू किया गया है। पूरे ट्रांजिट रूट पर पर्यटकों के स्वागत के लिए वेलकम बोर्ड लगाए जाएंगे और कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए अलग-अलग रंगों के डस्टबिन रखे जाएंगे। विशेष रूप से पोटिन जैसे व्यस्त इलाकों में यातायात और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जिला प्रशासन स्थानीय पंजीकृत होमस्टे और पर्यटक लॉज को भी बढ़ावा दे रहा है ताकि केयी पान्योर की अनूठी संस्कृति और पर्यटन को प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यटकों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था की जा सके।

सवाल-जवाब

ज़ीरो फेस्टिवल ऑफ़ म्यूज़िक 2026 का आयोजन कब होने वाला है?
इस संगीत महोत्सव का आयोजन 24 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक किया जाना तय हुआ है।
इस महोत्सव के लिए पारगमन (ट्रांजिट) मार्ग की तैयारियों में कौन सा जिला जुटा हुआ है?
अरुणाचल प्रदेश का केयी पान्योर जिला प्रशासन इस महोत्सव के लिए पारगमन मार्ग की तैयारियों में जुटा हुआ है।
इन व्यवस्थाओं के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की?
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता केयी पान्योर की उपायुक्त अंकिता मिश्रा ने की।
महोत्सव शुरू होने से पहले कौन से स्वच्छता अभियान चलाए जाने की योजना है?
खाद्य स्वच्छता पर 18 और 19 सितंबर को जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके बाद 21 सितंबर को पोटिन से जोराम अन्या गेट तक एक सामूहिक सफाई कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
किन प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पर्यटकों की भारी भीड़ होने की उम्मीद है?
इस दौरान पोटिन, याजाली, याचुली और जोराम जैसे बाजार केंद्रों में पर्यटकों और वीआईपी लोगों की भारी आवाजाही की उम्मीद है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·38 दिन पहले

यह खबर दर्शाती है कि बड़े आयोजनों में पर्यटन प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन का समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। केयी पान्योर प्रशासन द्वारा ज़ीरो फेस्टिवल से पहले ट्रांजिट रूट पर सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे को लेकर उठाया गया यह कदम सराहनीय है। हाईवे के किनारे ढाबों और होटलों की निगरानी के साथ ही समय पर सड़क मरम्मत और स्थानीय हितधारकों को जोड़ना यह सुनिश्चित करता है कि पर्यटकों को सुगम यात्रा का अनुभव मिले। ऐसे बड़े आयोजनों में इस तरह की अग्रिम प्रशासनिक योजनाएं भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम साबित होती हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 दिन पहले

यह प्रशासनिक तत्परता इस बात का उदाहरण है कि सांस्कृतिक और संगीत महोत्सव अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक स्तर पर राज्य की सॉफ्ट पावर को प्रदर्शित करने का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। केयी पान्योर जैसे ट्रांजिट जिलों में स्थानीय निकायों और पुलिस प्रशासन का यह एकीकृत दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि बड़े पैमाने पर आने वाली भीड़ से कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। यदि इस प्रकार का प्रशासनिक मॉडल पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी अपनाया जाए, तो पर्वतीय पर्यटन से मिलने वाला राजस्व और सुरक्षा दोनों दीर्घकालिक रूप से मजबूत हो सकते हैं।

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