नई दिल्ली में Conference, पासपोर्ट सेवा की समीक्षा
नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक Regional Passport Officers' Conference में S. Jaishankar ने देशभर से आए पासपोर्ट अधिकारियों को संबोधित किया। इस सम्मेलन में भारत की पासपोर्ट सेवा की मौजूदा स्थिति और आगे की राह पर विस्तार से चर्चा की गई।
एक दशक में सात गुना हुई वृद्धि
आंकड़े खुद बोलते हैं। 2014 में जब Bharat Passport Service Programme की नींव रखी गई, तब देश में सिर्फ 77 Passport Seva Kendras थे। आज यह संख्या बढ़कर 545 हो गई है। S. Jaishankar ने इसे सार्वजनिक सेवा वितरण के क्षेत्र में एक बड़ी और उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।
दूरदराज़ के इलाकों तक पहुंची सेवा
S. Jaishankar ने यह भी रेखांकित किया कि इस विस्तार की असली खासियत सिर्फ केंद्रों की बढ़ती संख्या नहीं है। Passport Service Programme ने देश के सबसे दूरदराज़ और कम सुविधा वाले क्षेत्रों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित की है, जहां पहले पासपोर्ट केंद्र तक पहुंचना आम नागरिक के लिए बेहद मुश्किल था।
Model Partnership की मिसाल
S. Jaishankar ने इस पहल को एक model partnership करार दिया और कहा कि इस विस्तार के पीछे अलग-अलग stakeholders का सामूहिक और समन्वित प्रयास है। इस कार्यक्रम को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने का अनुभव सरल और सहज हो।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। जहां एक तरफ बड़ी संख्या में नागरिकों ने Passport Seva Kendras के इस तेज़ विस्तार को सराहा और इसे शासन में सुधार का प्रमाण बताया, वहीं कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि केंद्रों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ प्रतीक्षा समय कम करने पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।













