काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हाल में हुए हमलों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत ने अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्रिई सिबीहा से टेलीफोन पर बात कर इन सैन्य हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नागरिक और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत हालिया विदेश यात्राओं से लौटने के तुरंत बाद संपन्न हुई।
वाणिज्यिक जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा
बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर जहाजों पर हमले किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा, "किसी भी पक्ष द्वारा व्यापारिक जहाजों पर इस तरह के हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और भारत इनकी स्पष्ट निंदा करता है।" भारत का प्राथमिक उद्देश्य इस व्यस्त समुद्री मार्ग पर तैनात भारतीय नाविकों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि बढ़ते तनाव से वाणिज्यिक नौकायन और समुद्री कर्मचारियों के जीवन पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री से मिली विस्तृत जानकारी
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्रिई सिबीहा ने वार्ता के दौरान क्षेत्र के मौजूदा हालात और सुरक्षा परिस्थितियों से जुड़ा अपडेट साझा किया। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बाधित होने से बचाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत ने अपने उस सिद्धांत को दोहराया जिसमें युद्ध क्षेत्र में भी वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष समुद्री कर्मियों की सुरक्षा की वकालत की जाती है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आम लोगों की तरफ से विविध प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अनेक लोगों ने भारतीय नाविकों के संरक्षण और कूटनीतिक संवाद का समर्थन किया, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।



























