11 सितंबर 2001 को हुए भयानक आतंकवादी हमलों की बरसी पर योगी आदित्यनाथ ने इस त्रासदी में जान गंवाने वाले सभी निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने इस घटना को मानवीय इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय बताया जिसका दर्द समय बीतने के बाद भी कम नहीं हो सकता।
आतंकवाद के खिलाफ अटूट संकल्प
योगी आदित्यनाथ ने 11 सितंबर के हमले को कायराना और अमानवीय कृत्य करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी मानवता की स्मृति में गहराई से दर्ज एक ऐसी त्रासदी है जिसकी पीड़ा को सदियां भी नहीं मिटा सकतीं। उन्होंने इस भयावह घटना का शिकार बने तमाम बेकसूर लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अपने संदेश में उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत हमेशा से ही आतंकवाद के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति पर चलता रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानवता की रक्षा करने और पूरी दुनिया में शांति, स्थिरता और सुरक्षा का माहौल तैयार करने के लिए भारत पूरी दृढ़ता के साथ खड़ा है। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय त्रासदियां यह याद दिलाती हैं कि सीमा पार और वैश्विक स्तर पर फैलने वाले आतंक से निपटने के लिए संगठित प्रयासों की कितनी सख्त आवश्यकता है।
वैश्विक शांति और मानवता का संदेश
योगी आदित्यनाथ के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद के किसी भी रूप को किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। 9/11 के हमले ने न केवल अमेरिका बल्कि पूरे विश्व की सुरक्षा व्यवस्था और सोच को बदल कर रख दिया था। इस संदर्भ में भारत की ओर से शांति और सुरक्षा का यह संदेश वैश्विक मंच पर आतंकवाद विरोधी साझा संकल्प को और मजबूत करता है।
जनता की प्रतिक्रिया
योगी आदित्यनाथ के इस संदेश पर आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कई नागरिकों ने उनके साथ मिलकर 9/11 के पीड़ितों को नमन किया और आतंकवाद के खात्मे की अपील का समर्थन किया, वहीं कुछ लोगों ने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति, गलत बिजली बिलों और कर्मचारियों से जुड़ी प्रशासनिक समस्याओं को हल करने की मांग भी उनके समक्ष रखी।


























