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उत्तराखंड से लेकर मुंबई तक चर्चा में Gen-Z, राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरानेता जी
10 सित॰ 2026, 3:39 pm (2 घंटे पहले)· 2

उत्तराखंड से लेकर मुंबई तक चर्चा में Gen-Z, राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देश के युवाओं और Gen-Z की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था युवाओं के भविष्य को अंधेरे में धकेल रही है।

देश के युवाओं और खासकर Gen-Z वर्ग के बीच शिक्षा प्रणाली की स्थिति और रोजगार के अवसरों को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच राजनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मी बढ़ गई है और विभिन्न मंचों पर छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में युवा अपनी मांगों को लेकर मुखर नजर आ रहे हैं और छात्र वर्ग से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों का रुख भी बदल रहा है।

युवाओं और Gen-Z की चुनौतियां

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए देश के छात्रों, युवाओं और Gen-Z वर्ग को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कमजोर और चरमराई शिक्षा व्यवस्था के कारण युवाओं की उम्मीदें टूट रही हैं और उनका भविष्य खतरे में पड़ रहा है। देश का एक बड़ा वर्ग इस बात को महसूस कर रहा है कि मौजूदा व्यवस्था युवाओं की आकांक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।

छात्रों की गूंज और संवाद अभियान

युवाओं की समस्याओं को नजदीक से जानने के लिए विभिन्न स्तरों पर संवाद के प्रयास किए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने उल्लेख किया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से वे देश के अलग-अलग शहरों का दौरा कर रहे हैं। इस पहल के तहत छात्रों से आमने-सामने मुलाकात करके उनकी जमीनी कठिनाइयों और चुनौतियों को गहराई से समझा जा रहा है ताकि उनकी आवाज को प्रभावी मंच मिल सके।

सार्वजनिक प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लोगों की तरफ से अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कई लोगों ने युवाओं की आवाज उठाने के इस प्रयास का समर्थन किया है, वहीं कुछ हलकों में शिक्षा और रोजगार से जुड़ी अन्य नीतियों को लेकर बहस भी छिड़ गई है।

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सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने अपने संदेश में मुख्य रूप से किसे संबोधित किया?
राहुल गांधी ने देश के छात्रों, युवाओं और Gen-Z वर्ग को संबोधित किया।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर किस बात पर चिंता जताई गई है?
टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था के कारण युवाओं की उम्मीदें टूटने और भविष्य के अंधेरे में जाने की चिंता जताई गई है।
युवाओं की समस्याओं को समझने के लिए कौन सा माध्यम अपनाया जा रहा है?
‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से अलग-अलग शहरों में जाकर छात्रों की चुनौतियों को समझा जा रहा है।
यह पूरा मामला मुख्य रूप से किस क्षेत्र से जुड़ा है?
यह मामला देश की शिक्षा व्यवस्था, छात्र कल्याण और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
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