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आपातकाल के 'काले दौर' को याद कर नरेंद्र मोदी ने दिया लोकतंत्र की रक्षा का संदेशनेता जी
25 जून 2026, 9:43 am (45 दिन पहले)· 4

आपातकाल के 'काले दौर' को याद कर नरेंद्र मोदी ने दिया लोकतंत्र की रक्षा का संदेश

संविधान हत्या दिवस के मौके पर नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर आपातकाल के दौर को याद किया और लोकतंत्र, संविधान तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।

संविधान हत्या दिवस के मौके पर नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने भारतीय इतिहास के एक विवादित अध्याय यानी आपातकाल के दौर को याद किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने इस दिन को उस समय की याद से जोड़ा, जब उनके मुताबिक देश के लोकतंत्र को बुरी तरह दबाया गया था।

उन्होंने लिखा कि यह दिन एक ऐसे काले दौर की याद दिलाता है, जब भारतीय लोकतंत्र को बुरी तरह कुचला गया था। मोदी ने अपने संदेश में कहा कि यह स्मृति लोगों को लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की हिफाजत के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देती है।

अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने आपातकाल का डटकर विरोध करने वाली सभी हस्तियों को नमन किया। उन्होंने 'स्वातन्त्र्यात्' शब्द के साथ अपनी बात पूरी की, जो स्वतंत्रता के महत्व की ओर इशारा करता है।

संदेश का मुख्य भाव

मोदी की इस पोस्ट का केंद्रीय संदेश यह था कि बीते दौर की कठिनाइयों को याद रखना सिर्फ अतीत की एक घटना भर नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाए रखने की जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है। उन्होंने इस अवसर को लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प के रूप में पेश किया।

पृष्ठभूमि

खबरों के मुताबिक, इस साल आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर इसे 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में याद किया जा रहा है। इसी मौके पर सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं ने भी आपातकाल को संविधान की हत्या वाला दिन बताते हुए उस दौर पर तीखे बयान दिए हैं और लोकतंत्र पर पड़े असर का जिक्र किया है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कुछ लोगों ने इस संदेश का समर्थन करते हुए आपातकाल को लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया, वहीं कई यूजर्स ने मौजूदा हालात को लेकर सवाल भी खड़े किए और अपनी असहमति जताई।

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सवाल-जवाब

नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर क्या संदेश दिया?
उन्होंने संविधान हत्या दिवस के मौके पर एक्स पर पोस्ट कर आपातकाल के काले दौर को याद किया और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया।
उन्होंने यह पोस्ट किस मौके पर की?
यह पोस्ट संविधान हत्या दिवस के अवसर पर की गई, जो आपातकाल के दौर की याद से जुड़ा है।
मोदी ने पोस्ट में किन्हें नमन किया?
उन्होंने आपातकाल का विरोध करने वाली सभी हस्तियों को सादर नमन किया।
पोस्ट का मुख्य संदेश क्या था?
संदेश यह था कि बीते दौर की याद लोगों को लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देती है।
लोगों की प्रतिक्रिया कैसी रही?
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही, कुछ ने समर्थन किया तो कई लोगों ने मौजूदा हालात पर सवाल उठाए।
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