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सत्य निकेतन हादसे पर राहुल गांधी का बीजेपी सरकार पर तीखा हमला, बोले- हादसों के बाद होती है सिर्फ बयानबाजीनेता जी
7 सित॰ 2026, 11:01 pm (52 दिन पहले)· 2

सत्य निकेतन हादसे पर राहुल गांधी का बीजेपी सरकार पर तीखा हमला, बोले- हादसों के बाद होती है सिर्फ बयानबाजी

राहुल गांधी ने सत्य निकेतन इमारत हादसे को लेकर केंद्र और दिल्ली की बीजेपी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हादसों से पहले कोई रोकथाम नहीं करती और बाद में केवल छोटे अधिकारियों पर जिम्मेदारी डालकर बच निकलती है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि देश में प्रशासनिक लापरवाही और हादसों के बाद केवल बयानबाजी करने की पुरानी परंपरा बन चुकी है। सत्य निकेतन क्षेत्र में छात्रों से भरी इमारत के ढहने की घटना को उन्होंने कोई इकलौता हादसा नहीं बताया, बल्कि इसे प्रशासनिक उदासीनता का एक बड़ा परिणाम करार दिया है।

हादसों से पहले रोकथाम क्यों नहीं होती

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि देश में जब भी कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो व्यवस्था पहले से सतर्क नजर नहीं आती है। उनका कहना था कि किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम या प्रशासनिक मॉनिटरिंग करने के बजाय सरकारें सिर्फ आपदा के बाद सक्रिय होती हैं। ऐसी घटनाओं के पीछे छिपी लापरवाही पर पर्दा डालने का पुराना पैटर्न फिर से दोहराया जा रहा है, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर समय रहते शिकंजा नहीं कसा जाता।

छोटे अधिकारियों पर ठीकरा फोड़ने का आरोप

अपनी तीखी प्रतिक्रिया में उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी बड़े हादसे के बाद असली दोषियों को बचाने का खेल शुरू हो जाता है। जिम्मेदारी तय करने के नाम पर केवल कुछ निचले स्तर के या छोटे अधिकारियों को बलि का बकरा बना दिया जाता है, जबकि बड़े ओहदों पर बैठे और व्यवस्था के प्रति जवाबदेह लोग आसानी से बच निकलते हैं। इस प्रकार की व्यवस्था से सिस्टम में सुधार होने के बजाय गलतियां बार-बार दोहराई जाती हैं।

सत्य निकेतन की घटना और जवाबदेही का सवाल

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुई इस इमारत ढहने की घटना ने एक बार फिर शहरी सुरक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुखद घटना में कई छात्रों से भरी इमारत के मलबे में दबने की बात सामने आई है। राहुल गांधी ने इसे लेकर व्यवस्था की पारदर्शिता और राजनैतिक जवाबदेही की मांग की है, ताकि इस तरह के हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को न्याय मिल सके।

जनता की प्रतिक्रिया

इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया, जहां कई लोगों ने शहरी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर तीखे सवाल उठाए।

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सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर किस घटना का जिक्र किया?
राहुल गांधी ने सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत के ढहने की घटना का जिक्र किया।
उन्होंने सरकार की किस बात की आलोचना की?
उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि सरकार हादसों से पहले कोई रोकथाम नहीं करती और दुर्घटना के बाद केवल बयानबाजी करती है।
हादसे के बाद जिम्मेदारी को लेकर क्या आरोप लगाया गया?
आरोप लगाया गया कि असली गुनहगारों को बचाने के लिए जिम्मेदारी केवल कुछ छोटे अधिकारियों पर मढ़ दी जाती है।
सत्य निकेतन की घटना किस शहर में हुई?
यह घटना दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुई।
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