प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अपने आधिकारिक हैंडल @narendramodi से पोस्ट करते हुए दिग्गज गायक डॉ. भूपेन हजारिका को उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। असम और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़े इस कलाकार को याद करते हुए मोदी ने उनके योगदान की सराहना की।
मोदी ने X पर क्या लिखा
अपनी पोस्ट में नरेंद्र मोदी ने लिखा कि आज डॉ. भूपेन हजारिका जी की 100वीं जयंती है और देश उन्हें श्रद्धा के साथ याद कर रहा है। मोदी ने लिखा, "उनकी आवाज़ में असम की आत्मा और पूर्वोत्तर की भावना पूरे देश तक पहुंची।" इसके आगे उन्होंने बताया कि डॉ. हजारिका ने अपने संगीत के जरिए लाखों-करोड़ों लोगों के विचारों और भावनाओं को बेहद खूबसूरत ढंग से अभिव्यक्त किया। पोस्ट के अंत में एक लिंक भी जोड़ा गया था, जिसमें संभवतः डॉ. हजारिका से जुड़ी कोई तस्वीर या वीडियो सामग्री शामिल रही होगी।
कौन थे डॉ. भूपेन हजारिका
डॉ. भूपेन हजारिका को असम ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत में एक सांस्कृतिक प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। उनके गीतों में नदियों, आम लोगों और मानवीय गरिमा की बात बार-बार सामने आती रही, और इन्हीं गीतों के जरिए उन्होंने एकता व भाईचारे का संदेश दिया। यही वजह है कि अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों में भी उनके गीतों को आपसी सौहार्द और भाईचारे के प्रतीक के तौर पर याद किया जाता रहा है।
सौ साल की विरासत को याद करने का सिलसिला
बीते कुछ समय से देश में कई सांस्कृतिक हस्तियों की 100वीं जयंती मनाई जा रही है, और नरेंद्र मोदी खुद कई बार ऐसे मौकों पर सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि दे चुके हैं। इससे पहले वे दिग्गज गायक मोहम्मद रफी और अभिनेता राज कपूर की 100वीं जयंती पर भी उन्हें याद कर चुके हैं। इसके अलावा हाल के महीनों में अभिनेता देव आनंद, संगीतकार ओ.पी. नैयर, फिल्मकार मृणाल सेन और अभिनेता उत्तम कुमार जैसी हस्तियों की भी 100वीं जयंती को लेकर देशभर में चर्चा हुई है। इस पूरे सिलसिले को भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
मोदी की इस पोस्ट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं, कई लोगों ने डॉ. हजारिका को याद करने के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया और उनके नाम पर स्मारक या संग्रहालय बनाने का सुझाव दिया, वहीं कुछ यूजर्स ने पूर्वोत्तर से जुड़े अन्य मुद्दों और मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाबदेही मांगी।


























