असम में अवैध मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के मकसद से बड़े स्तर पर लगातार तलाशी और जब्ती अभियान चलाया गया। इस सघन कार्रवाई के दौरान पुलिस प्रशासन ने मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल सिंडिकेट्स पर सीधा प्रहार किया। इस व्यापक मुहिम के तहत कुल 945 लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया, जिससे राज्य भर में फैले तस्करी तंत्र को तगड़ा झटका लगा है।
कार्रवाई के आंकड़े और मादक पदार्थों की बरामदगी
इस बड़े अभियान के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कुल 547 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। जांच और छापेमारी के दौरान 182 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए। नशीली दवाओं की यह भारी बरामदगी दर्शाती है कि तस्करों ने इलाके में किस पैमाने पर अपना जाल फैला रखा था। इसके साथ ही तस्करी से जुड़े वित्तीय तंत्र को कमजोर करने के लिए संपत्तियों को कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया भी अमल में लाई गई है।
सैकड़ों हॉटस्पॉट पर पुलिस की सख्त दबिश
तस्करी के अड्डों को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस टीमों ने चिन्हित किए गए 703 हॉटस्पॉट पर सुनियोजित तरीके से कार्रवाई की। इन संवेदनशील इलाकों की पहचान पहले से की गई थी, जहां नशीली दवाओं की खरीद-फरोख्त और वितरण का काम सक्रिय रूप से चल रहा था। इन सभी ठिकानों पर एक साथ शिकंजा कसकर स्थानीय स्तर पर होने वाली खुदरा और थोक तस्करी दोनों पर प्रभावी रोक लगाई गई।
सराहना और अभियान की अहमियत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य पुलिस की इस लगातार जारी कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे नशा नेटवर्क के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार बताया गया। इस स्तर की जब्ती और सामूहिक गिरफ्तारियों को नशामुक्त समाज के लक्ष्य की दिशा में एक अहम और प्रभावशाली कदम माना जा रहा है, जिससे युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने में मदद मिलेगी।
जनता की प्रतिक्रिया
इस बड़े खुलासे और कार्रवाई के बाद आम जनता में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन के इस कड़े कदम का स्वागत करते हुए इसे युवाओं के भविष्य के लिए जरूरी बताया, जबकि कुछ लोगों ने देश के अन्य हिस्सों में पकड़ी गई पुरानी बड़ी खेपों की जांच की स्थिति पर भी सवाल उठाए।


























