राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि वे पिछले दिन छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती का जवाब मांगने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च करके पहुंचे। उन्होंने लिखा कि सरकार न तो इसकी जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर बहस कराना चाहती है, और मांग की कि छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा विवाद दिल्ली में हुए एक बड़े छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। खबरों के मुताबिक हजारों छात्र प्रदर्शनकारी, जिन्हें खुद को "कॉकरोच" कहकर बुलाया, दिल्ली में लगे लॉकडाउन को दरकिनार कर जंतर मंतर से संसद भवन तक मार्च निकालने पहुंचे थे। यह मार्च "कॉकरोच मूवमेंट" के बैनर तले निकाला गया था, जिसका आह्वान सीजेपी नामक संगठन ने किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद तक पहुंचने से रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें सामने आईं।
राहुल गांधी ने क्या लिखा
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में साफ लिखा कि यह मार्च छात्रों पर हुई बर्बरता के लिए प्रधानमंत्री मोदी से सीधा जवाब मांगने के मकसद से निकाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले पर न तो जवाबदेही लेने को तैयार है, न ही संसद में इस पर चर्चा कराने को राजी है। पोस्ट के अंत में उन्होंने एक वीडियो लिंक भी साझा किया और दोहराया कि छात्रों का भविष्य बर्बाद करने की जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों को पद छोड़ देना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल
इसी घटनाक्रम पर प्रियंका गांधी ने भी केंद्र सरकार को घेरा। खबरों के मुताबिक उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और मांग की कि प्रधानमंत्री मोदी संसद में खुद पेपर लीक संकट पर जवाब दें, जिसे छात्रों के प्रदर्शन की एक बड़ी वजह बताया जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने छात्रों के समर्थन में सरकार से जवाबदेही की मांग को सही ठहराया, तो कुछ ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या पार्टी वाकई जमीनी स्तर पर छात्रों के साथ खड़ी है। कई लोगों ने प्रदर्शन स्थल की तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए।



























