मुजफ्फरपुर में शराब तस्कर को छुड़ाने के लिए भीड़ ने उत्पाद विभाग की टीम को घेरा, गाड़ी में की तोड़फोड़ की कोशिशनशा मुक्ति के मोर्चे पर मिज़ोरम बना देश का नंबर वन राज्यसैनिक स्कूल से निकलकर आईएएस, गूगल और इसरो तक पहुंचते हैं छात्रकुमकुम के टाइटल सॉन्ग ने सोनू निगम-पामेला जैन की आवाज को बना दिया था हर घर की पहचानपराठे और शाम की चाय से 49 की उम्र में तंदुरुस्ती, जानिए अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल की खानपान शैलीराइस वॉटर और एलोवेरा से घर पर बनाएं ठंडक भरा नाइट जेल, बेजान त्वचा में लौटेगी चमकवैवाहिक जीवन को मजबूत बनाने के लिए चाणक्य नीति की ये 6 सीख अपनाएं महिलाएंशेफ शालू की टिप्स से घर पर बनेगा एकदम रेस्टोरेंट जैसा व्हाइट सॉस पास्ता, बच्चों को भी बेहद पसंद आएगापराठे से लेकर टिक्की तक, एवोकाडो को भारतीय स्वाद में ढालने के 5 आसान तरीकेनागौर में जयप्रकाश शर्मा ने गोबर और गौमूत्र से बनाई इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं, लंदन तक पहुंची मांग
नशा मुक्ति के मोर्चे पर मिज़ोरम बना देश का नंबर वन राज्यमिजोरम
5 सित॰ 2026, 12:40 pm (16 मिनट पहले)· 3

नशा मुक्ति के मोर्चे पर मिज़ोरम बना देश का नंबर वन राज्य

केंद्र सरकार की नशा मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPDDR) के तहत मिज़ोरम को देश का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है।

नशे के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों में मिज़ोरम पूरे देश में सबसे आगे निकल आया है। ऐज़ॉल से अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र सरकार के एक बड़े अभियान के तहत राज्य के काम को देश में नंबर वन आंका गया है।

सम्मान कैसे मिला

अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार को हुई एक बैठक में यह जानकारी दी गई, जिसकी अध्यक्षता सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय सचिव ने की। इस बैठक में मिज़ोरम को नशा मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्ययोजना यानी NAPDDR के तहत देश का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया। यह योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय पूरे देश में चला रहा है।

ये भी पढ़ें

NAPDDR योजना असल में करती क्या है

इस योजना के तहत चार बड़े काम किए जाते हैं, लोगों को नशे की लत से पहले ही बचाना, जो लोग पहले से नशे के शिकार हैं उन्हें इलाज और पुनर्वास देना, नशा छोड़ चुके लोगों के लिए सहयोग व्यवस्था मजबूत करना, और इस काम में जुटे कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना। योजना में खास जोर बच्चों और युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने पर दिया गया है, क्योंकि यही उम्र वर्ग सबसे पहले नशे की चपेट में आता है।

राज्य से लेकर ब्लॉक तक की जिम्मेदारी

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम राज्य, जिला और ब्लॉक, तीनों स्तर पर चलाया जा रहा है। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी समाज कल्याण मंत्री लालरिनपुई करती हैं, जबकि जिलों में इसे जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी उपायुक्तों के पास है।

चर्च और स्वयंसेवी संस्थाओं का साथ

सरकारी विभागों के अलावा राज्य ने चर्च और स्वयंसेवी संगठनों को भी इस मुहिम से जोड़ा है, ताकि इसका दायरा और बड़ा हो सके। इस साझा कोशिश में महिलाओं और बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने पर खास ध्यान दिया गया है।

नियमित रिपोर्टिंग और एक और अभियान साथ साथ

अधिकारियों ने यह भी बताया कि मिज़ोरम अपने नशा विरोधी काम की प्रगति रिपोर्ट लगातार केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को भेजता रहता है। इसी के साथ राज्य के हर जिले में नशा मुक्त भारत अभियान यानी NMBA भी NAPDDR के ढांचे के तहत चलाया जा रहा है।

टॉप रैंकिंग की वजह क्या रही

अधिकारियों के अनुसार मिज़ोरम की इस पहली रैंकिंग के पीछे राज्य और जिला प्रशासन, चर्च और स्वयंसेवी संगठनों के बीच मजबूत तालमेल की बड़ी भूमिका रही। उनका कहना है कि किसी अकेले कदम से नहीं बल्कि इन सबकी साझा मेहनत से ही मिज़ोरम को नशे की मांग घटाने के मामले में देश का अग्रणी राज्य होने की पहचान मिली।

सवाल-जवाब

मिज़ोरम को यह पहचान किस योजना के तहत मिली?
केंद्र सरकार की नशा मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्ययोजना यानी NAPDDR के तहत मिज़ोरम को देश का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया।
यह जानकारी कब और कैसे सामने आई?
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार को हुई एक बैठक में यह मान्यता दी गई, जिसकी अध्यक्षता सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय सचिव ने की।
राज्य में इस कार्यक्रम की निगरानी कौन करता है?
राज्य स्तर पर समाज कल्याण मंत्री लालरिनपुई इसकी निगरानी करती हैं, जबकि जिलों में उपायुक्त इसे लागू करने की जिम्मेदारी संभालते हैं।
राज्य सरकार ने और किन संस्थाओं की मदद ली है?
राज्य सरकार ने चर्च और स्वयंसेवी संगठनों को भी नशा विरोधी अभियान से जोड़ा है, ताकि इसका दायरा बढ़ाया जा सके।
NAPDDR के अलावा कौन सी अन्य योजना मिज़ोरम में चल रही है?
नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) भी NAPDDR के ढांचे के तहत मिज़ोरम के सभी जिलों में लागू किया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक मिज़ोरम की टॉप रैंकिंग की मुख्य वजह क्या रही?
अधिकारियों ने इसका श्रेय राज्य, जिला प्रशासन, चर्च और स्वयंसेवी संगठनों के बीच मजबूत तालमेल को दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR