अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भारत के महान समाज सुधारक राजा राममोहन राय को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। केजरीवाल ने देश के विकास, प्रगति और आधुनिकता की नींव रखने में उनके अतुलनीय और अमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने अपने संदेश के जरिए यह रेखांकित किया कि किस तरह इस महान सुधारक ने भारतीय समाज में लंबे समय से जड़ जमाए बैठी कुरीतियों के अंधकार को मिटाकर देश को ज्ञान, तर्कशीलता और शिक्षा की एक नई राह दिखाई थी।
समाज सुधारक को अरविंद केजरीवाल का नमन
अरविंद केजरीवाल ने इस अवसर पर समाज सुधारक के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए लिखा, "महान समाज सुधारक राजा राममोहन रॉय जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन।" उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि राजा राममोहन राय ने समाज में व्याप्त अंधविश्वासों और कुरीतियों को दूर कर देश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाया। आधुनिक भारत की संकल्पना और उसके निर्माण में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण और अमूल्य है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक का काम करता रहेगा।
कौन थे राजा राममोहन राय और क्या था उनका योगदान
राजा राममोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का वास्तविक जनक स्वीकार किया जाता है। उनका जन्म एक कुलीन परिवार में हुआ था, जहां उनके पिता का नाम रमाकांत और माता का नाम तारिणी देवी था। भारतीय सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक सुधार आंदोलनों के इतिहास में उनका स्थान बेहद विशिष्ट है। वे प्रसिद्ध ब्रह्म समाज के संस्थापक थे, जिसने समाज में समानता और एकेश्वरवाद का संदेश दिया। इसके साथ ही, वे भारतीय भाषायी प्रेस के प्रवर्तक भी थे। उन्होंने पत्रकारिता को जनजागरण का एक सशक्त माध्यम बनाया और ब्रिटिश काल में स्वतंत्र विचारों को बढ़ावा दिया। राजा राममोहन राय के प्रयासों से ही वर्ष 1829 में सती प्रथा जैसी अमानवीय और क्रूर प्रथा पर कानूनी रूप से प्रतिबंध लग सका था। उन्होंने न केवल महिलाओं के अधिकारों की वकालत की, बल्कि अंग्रेजी और आधुनिक विज्ञान की शिक्षा को भारत में बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्मान के साथ जुड़े राजनीतिक विवाद
यद्यपि राजा राममोहन राय का सम्मान भारतीय समाज और राजनीति में निर्विवाद रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में उन्हें लेकर कुछ तीखे विवाद भी देखने को मिले हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जैसे देश के शीर्ष नेताओं ने समय-समय पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके महान कार्यों को याद किया है। हालांकि, नवंबर 2025 में एक बड़ा राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया था, जब मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राजा राममोहन राय को 'अंग्रेजों का दलाल' कह दिया था। इस विवादित बयान के बाद पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया हुई और विपक्षी दलों, जिनमें टीएमसी (TMC) के सांसद भी शामिल थे, ने इसकी कड़ी निंदा की। चौतरफा घिरने के बाद मंत्री इंदर सिंह परमार को बैकफुट पर आना पड़ा और उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि यह शब्द उनके मुंह से गलती से निकल गया था और वे राजा राममोहन राय का पूरा सम्मान करते हैं।
केजरीवाल के संदेश पर जनता की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल की इस सोशल मीडिया पोस्ट पर आम जनता की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने राजा राममोहन राय के महान जीवन को याद करते हुए केजरीवाल की इस पहल का स्वागत किया और समाज सुधारक के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं दूसरी ओर, कई आलोचकों ने इस पोस्ट का इस्तेमाल केजरीवाल की राजनीति पर निशाना साधने के लिए किया। कुछ लोगों ने उनके पुराने बयानों और राजनीतिक सफर पर तंज कसा, तो कुछ ने पंजाब में एलपीयू (LPU) और पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि एक तरफ समाज सुधारकों की बातें की जा रही हैं और दूसरी तरफ छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है।



























