योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने हैंडल @myogiadityanath से एक पोस्ट डालकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म-जयंती पर उन्हें याद किया। पोस्ट की शुरुआत ‘सशक्त भारत के स्वप्नदर्शी राजनेता’ पंक्ति से हुई, जिसके जरिए उन्होंने डॉ. मुखर्जी के जीवन और विचारों को आज के भारत के लिए एक प्रेरणा बताने की कोशिश की।
पोस्ट में योगी आदित्यनाथ ने क्या लिखा
अपनी पोस्ट में योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व और योगदान का जिक्र करते हुए लिखा,
उनका जीवन साहस और माँ भारती के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उनके व्यक्तित्व में विद्वता, जनसेवा और उच्च नैतिक मूल्यों का अद्भुत संगम था।
पोस्ट का अगला हिस्सा ‘आधुनिक भारत के कुछ ही...’ शब्दों पर अधूरा नजर आता है, जिसके ठीक बाद पोस्ट में एक लिंक भी जोड़ा गया था। यानी योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात को किसी अतिरिक्त सामग्री के साथ पूरा करने की कोशिश की, जो सीधे पोस्ट के टेक्स्ट में शामिल नहीं है।
आज ही क्यों है खास दिन
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आज 125वीं जन्म-जयंती है, इसी मौके पर योगी आदित्यनाथ ने यह पोस्ट लिखा। पोस्ट में साफ तौर पर उनकी विद्वता, जनसेवा की भावना और ऊंचे नैतिक मूल्यों को याद किया गया, साथ ही माँ भारती के प्रति उनके समर्पण को भी रेखांकित किया गया।
क्या यह शीर्षक पीएम नरेंद्र मोदी से भी जुड़ा है
गौर करने वाली बात यह है कि ‘सशक्त भारत के स्वप्नदर्शी राजनेता’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट 5 जुलाई 2026 को भी प्रकाशित हुई, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी को सशक्त भारत के स्वप्नदर्शी राजनेता के तौर पर बताया गया। योगी आदित्यनाथ की पोस्ट का यही शीर्षक इस तरह डॉ. मुखर्जी की जयंती के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी की उसी तरह की छवि के साथ भी जुड़ता दिख रहा है, हालांकि पोस्ट के मूल टेक्स्ट में सीधे तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी का जिक्र नहीं है।
जनता की प्रतिक्रिया
पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कई यूजर्स ने डॉ. मुखर्जी को विद्वान, नेता और स्वप्नदृष्टा के दुर्लभ संगम के तौर पर याद करते हुए श्रद्धांजलि दी और उन्हें राष्ट्र प्रथम की सोच व अखंड भारत के प्रति समर्पण के लिए नमन किया। वहीं कुछ यूजर्स ने डॉ. मुखर्जी के सपनों और मौजूदा हालात को जोड़ते हुए सवाल भी उठाए, जिनमें आलोचनात्मक सुर भी शामिल था।


















