केंद्रीय कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र के बीच हाई-स्पीड सड़क संपर्क स्थापित करने के लिए कानपुर-कबरई 4-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दे दी है। अमित शाह ने इस अहम फैसले की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
कानपुर से कबरई तक बनने वाला यह 4-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे पूरी तरह नए अलाइनमेंट पर तैयार किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि किसी पुरानी सड़क को चौड़ा करने की बजाय एक बिल्कुल नया और आधुनिक मार्ग बनाया जाएगा। इस हाईवे के तैयार होने के बाद अवध और बुंदेलखंड के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों और माल ढुलाई के वाहनों को कहीं कम समय में अपना सफर पूरा करने का मौका मिलेगा। इससे दोनों क्षेत्रों के आम नागरिकों को सीधा फायदा होगा।
आर्थिक विकास का नया इंजन
अमित शाह ने इस परियोजना को उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का इंजन बताया। हाई-स्पीड सड़क संपर्क से दोनों क्षेत्रों के बीच कारोबार की गति बढ़ेगी, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और रोजगार के नए अवसर सामने आएंगे। बुंदेलखंड को बड़े व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने से वहां के किसानों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को बाजारों तक पहुंचना आसान होगा। अवध क्षेत्र के साथ बेहतर संपर्क से व्यापार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश जनसंख्या के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा राज्य है और क्षेत्रफल में देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। लखनऊ इसकी प्रशासनिक और विधायिका राजधानी है, जबकि प्रयागराज न्यायिक राजधानी के रूप में जाना जाता है। कानपुर, वाराणसी, आगरा और गोरखपुर राज्य के अन्य प्रमुख शहर हैं। राज्य की सीमाएं उत्तर में नेपाल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से तथा पूर्व में बिहार और झारखंड से लगती हैं।





















