गुजरात के सानंद में नई सीजी सेमी OSAT सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा में एक नया मील का पत्थर बताया। शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह भारत की आत्मनिर्भरता की तरफ एक नई छलांग है और यह फैक्ट्री गुजरात को देश के ग्रोथ इंजन के तौर पर और मजबूत करेगी।
सीजी सेमी की OSAT फैक्ट्री क्या करेगी
OSAT यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट, चिप बनाने की उस प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सेमीकंडक्टर की पैकेजिंग और टेस्टिंग की जाती है। अब तक भारत इसके लिए ज्यादातर विदेशी फैक्ट्रियों पर निर्भर रहा है। सानंद की यह नई फैक्ट्री उसी निर्भरता को कम करने की कोशिश का हिस्सा है।
सानंद पहले भी सुर्खियों में रहा
कुछ महीने पहले भी सानंद का जिक्र भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में एक नए युग की शुरुआत के तौर पर हुआ था, जब वहां एक और सेमीकंडक्टर प्लांट को लेकर घोषणा हुई थी। इससे गुजरात धीरे-धीरे देश का सेमीकंडक्टर हब बनता जा रहा है।
चिप सेक्टर में और भी कदम
बेंगलुरु में हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चिप डिजाइन कंपनी आर्म का नया दफ्तर शुरू किया था, और कहा था कि यह यूनिट भारत के सेमीकंडक्टर सफर में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा एचसीएल और फॉक्सकॉन की साझा OSAT यूनिट को भी प्रधानमंत्री मोदी ने चिप सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी छलांग बताया था। भारत का अपना 32-बिट प्रोसेसर विक्रम भी सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की एक और मिसाल के तौर पर सामने आया है। हाल ही में एसटीपीआई ने अपनी स्थापना के 35 साल पूरे होने पर टेक समिट 2026 का आयोजन किया, जिसमें AI, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप को भारत की अगली टेक्नोलॉजी छलांग की बुनियाद बताया गया।
रक्षा और परमाणु क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता की रफ्तार
तकनीक में आत्मनिर्भरता की यह कोशिश सिर्फ चिप तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी बीते 12 साल में भारत की रक्षा उपलब्धियों की तारीफ कर चुके हैं। डीआरडीओ ने अपने दम पर GaN यानी गैलियम नाइट्राइड रडार तकनीक विकसित की है, जिससे भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल हो गया जिनके पास अपनी AESA रडार क्षमता है। कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने भी क्रिटिकैलिटी हासिल कर भारत के परमाणु कार्यक्रम में एक और उपलब्धि जोड़ी। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने के लिए सरकार फाइटर जेट के इंजन पर 65,400 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है, ताकि 2035 तक देश इस मामले में भी आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी 4G तकनीक को विकसित भारत की तरफ एक और छलांग बताया था।
जनता की प्रतिक्रिया
अमित शाह की इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कई यूजर्स ने सानंद फैक्ट्री और भारत के सेमीकंडक्टर सफर की तारीफ करते हुए इसे मेक इन इंडिया की बड़ी जीत बताया, तो कुछ ने इसी मौके पर सरकार से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी सवाल उठाए।




















